हाईकोर्ट पहुंचे इमरान खान, कहा- बिना शर्त माफी को तैयार, बोले- 'जिंदगी में कभी प्रोटेस्ट में...'
बॉलीवुड एक्टर इमरान खान ने बॉम्बे हाईकोर्ट में वादा किया कि वो जिंदगी में कभी किसी प्रोटेस्ट में नहीं जाएंगे। FRRO ने 14 अक्टूबर को उन्हें भारत छोड़ने का नोटिस दिया था, जो SIR के खिलाफ प्रोटेस्ट में शामिल होने पर जारी हुआ था। कोर्ट ने कहा - आप OCI होल्डर हैं, भारतीय की तरह व्यवहार नहीं कर सकते, दूसरे देश में होते तो डिपोर्ट हो जाते। इमरान ने कहा - मैं अमेरिका में जन्मा लेकिन पूरी जिंदगी भारत में बीती, आगे से प्रोटेस्ट से दूर रहूंगा।

बॉलीवुड एक्टर इमरान खान को FRRO द्वारा जारी 'भारत छोड़ो नोटिस' मामले में बॉम्बे हाईकोर्ट से बड़ी राहत मिली है, लेकिन इसके लिए उन्हें अदालत में बड़ा वादा करना पड़ा है। एक्टर ने कोर्ट में कहा कि वो जिंदगी में कभी किसी विरोध प्रदर्शन में शामिल नहीं होंगे और इसको लेकर लिखित अंडरटेकिंग देने को भी तैयार हैं। मामले की सुनवाई चीफ जस्टिस महेश चंद्र त्रिपाठी और जस्टिस अद्वैत सेठना की बेंच कर रही थी। कोर्ट ने पिछले हफ्ते ही उनके भारत छोड़ो नोटिस पर अंतरिम रोक लगा दी थी, जिसे अब 7 दिसंबर तक बढ़ा दिया गया है। अगली सुनवाई 7 दिसंबर को होगी।
दरअसल, 10 अक्टूबर को मुंबई में मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर एक विरोध प्रदर्शन हुआ था। आरोप है कि इमरान खान इस प्रोटेस्ट में शामिल हुए थे। यह प्रोटेस्ट SIR यानी स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन को लेकर था। इसके बाद BJP नेता किरीट सोमैया की शिकायत पर FRRO ने 14 अक्टूबर को इमरान खान को 'Leave India Notice' जारी कर 28 अक्टूबर तक भारत छोड़ने को कहा था। इसके खिलाफ इमरान बॉम्बे हाईकोर्ट पहुंचे। सुनवाई के दौरान कोर्ट ने इमरान खान को कड़ी फटकार लगाई। कोर्ट ने कहा - "आप OCI कार्ड होल्डर हैं, भारतीय नागरिक की तरह व्यवहार नहीं कर सकते। आपको SIR को लेकर बोलने का कोई अधिकार नहीं है।
आप इस प्रोटेस्ट में कैसे चले गए?" चीफ जस्टिस ने कहा, "अगर आप दूसरे देश में होते तो आपको अगली फ्लाइट से डिपोर्ट कर दिया जाता। आप एक सेलिब्रिटी हैं, आपके लाखों फॉलोअर्स हैं, आपके बयान लोगों को प्रभावित कर सकते हैं।" कोर्ट ने यह भी पूछा कि जब आप बचपन से यहीं रहे हैं, यहीं पढ़े-बढ़े, शादी की और बॉलीवुड में नाम कमाया तो भारतीय नागरिकता क्यों नहीं लेते? इमरान की तरफ से सीनियर एडवोकेट वेंकटेश धोंड पेश हुए। उन्होंने कहा कि मेरे मुवक्किल का किसी भी प्रोटेस्ट करने वाले संगठन से कोई लेना-देना नहीं है। न तो उनसे पूछताछ हुई है और न ही कोई समन भेजा गया है। FIR में लगाई गई सभी धाराएं जमानती हैं।
वकील ने कहा, "मेरे पास अमेरिकी पासपोर्ट और OCI कार्ड है। मैं अमेरिका में पैदा हुआ इसलिए नागरिकता है, लेकिन 2 साल छोड़कर पूरी जिंदगी भारत में बीती है। मेरे पास पहले PIO कार्ड था। यहीं बचपन बीता, यहीं मेरा बच्चा है, काम और परिवार सब यहीं है। भारत मेरा घर है।" उन्होंने कोर्ट को भरोसा दिलाया कि प्रोटेस्ट में शामिल गांधी जी के वंशज समेत कई लोग थे, लेकिन मेरा कोई जुड़ाव नहीं था। मैं भविष्य में किसी भी प्रोटेस्ट में शामिल नहीं होऊंगा और बिना शर्त माफी मांगने को तैयार हूं। कोर्ट ने कहा कि उन्हें लिखित में बिना शर्त माफी और अंडरटेकिंग देनी होगी कि वो दोबारा OCI नियमों का उल्लंघन नहीं करेंगे। कोर्ट ने FRRO को भी कहा कि 40 साल से बिना किसी आपराधिक रिकॉर्ड के रह रहे व्यक्ति को नोटिस से पहले सुनवाई का मौका देना चाहिए था।
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