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सोमवार, 2 नवंबर 2026 · रात 8:12 · नई दिल्ली संस्करण

भारत मंडपम से PM मोदी का ग्रीन विजन, सोलर से लेकर ग्रीन जॉब्स तक, रिन्यूएबल में 50% हिस्सेदारी...

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भारत मंडपम में भारत रिन्यूएबल एनर्जी समिट 2026 का उद्घाटन करते हुए कहा, ऊर्जा सुरक्षा का भविष्य क्लीन एनर्जी में है। उन्होंने कहा कि सस्ती, विश्वसनीय और टिकाऊ ऊर्जा भारत की प्राथमिकता है। वर्तमान में कुल इंस्टॉल्ड क्षमता का 50% रिन्यूएबल है। भारत ने 2030 तक 500 GW और 2070 तक नेट जीरो का लक्ष्य रखा है। पीएम सूर्य घर, PM-कुसुम और ग्रीन हाइड्रोजन मिशन से सोलर क्रांति आ रही है।

राष्ट्रीय सागर डेस्क2 मिनट का पठन
भारत मंडपम से PM मोदी का ग्रीन विजन, सोलर से लेकर ग्रीन जॉब्स तक, रिन्यूएबल में 50% हिस्सेदारी...

नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोमवार को भारत मंडपम में भारत रिन्यूएबल एनर्जी समिट और एक्सपो 2026 का उद्घाटन करते हुए कहा कि ऊर्जा सुरक्षा का भविष्य क्लीन एनर्जी में है। समिट को संबोधित करते हुए पीएम मोदी ने कहा कि अगर टेक्नोलॉजी-ड्रिवन सोसायटी की ऊर्जा जरूरतों को स्थायी रूप से पूरा करने का कोई तरीका है, तो वो सिर्फ रिन्यूएबल एनर्जी है। चार दिवसीय यह समिट 2 से 5 नवंबर तक चलेगी। इसकी थीम "इन्वेस्ट, इनोवेट, इंस्पायर" रखी गई है। इस बार यह समिट इंटरनेशनल सोलर अलायंस (ISA) की 9वीं असेंबली और ग्रीन हाइड्रोजन पर चौथे अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन के साथ आयोजित हो रही है। पीएम मोदी शाम 4:30 बजे समिट को संबोधित करेंगे।



पीएम मोदी ने कहा, "सस्ती, विश्वसनीय और टिकाऊ ऊर्जा सुनिश्चित करना भारत की प्राथमिकता है।" उन्होंने कहा कि भारत दुनिया में सबसे तेजी से बढ़ती प्रमुख अर्थव्यवस्था होने के बावजूद समय से पहले पेरिस कमिटमेंट पूरा करने वाला देश है। वर्तमान में भारत की कुल इंस्टॉल्ड कैपेसिटी का लगभग 50% हिस्सा रिन्यूएबल एनर्जी का है। पीएम ने अपने सोशल मीडिया पोस्ट में कहा कि भारत की सोलर एनर्जी यात्रा नए अवसर खोल रही है। उन्होंने केंद्रीय मंत्री प्रहलाद जोशी के लेख का जिक्र किया जिसमें PM सूर्य घर और PM-कुसुम जैसी योजनाओं से सोलर पावर के विस्तार की बात कही गई है।



प्रहलाद जोशी ने कहा कि भारत की क्लीन एनर्जी ट्रांजिशन छतों से लेकर खेतों तक लाखों लोगों के लिए नए मौके बना रही है। जोशी ने बताया कि भारत ने अब तक 308 गीगावाट की नॉन-फॉसिल फ्यूल क्षमता हासिल कर ली है और 2030 तक 500 गीगावाट का लक्ष्य है। इसके लिए 2027 से 2030 के बीच करीब 220 बिलियन डॉलर के निवेश की जरूरत होगी। पीएम मोदी ने बताया कि सौर-संचालित कृषि, एनर्जी स्टोरेज, घरेलू मैन्युफैक्चरिंग और ग्रीन जॉब्स भविष्य की बड़ी संभावनाएं हैं। नेशनल ग्रीन हाइड्रोजन मिशन और सोलर मैन्युफैक्चरिंग में भारत तेजी से आगे बढ़ रहा है।



पीएम मोदी ने भारत की वैश्विक पहलों इंटरनेशनल सोलर अलायंस, CDRI और ग्लोबल बायोफ्यूल्स अलायंस का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि कोई भी टेक्नोलॉजी तभी मूल्यवान है जब उसका लाभ हर व्यक्ति तक पहुंचे और ग्लोबल साउथ का कोई भी देश पीछे न रहे। उन्होंने एआई को एनर्जी-इंटेंसिव टेक्नोलॉजी बताते हुए कहा कि इस युग में जरूरी मिनरल्स और टेक्नोलॉजी में सहयोग और सप्लाई चेन को सुरक्षित करना जरूरी है। भारत ने 2070 तक नेट जीरो और 2047 तक 100 गीगावाट परमाणु ऊर्जा का लक्ष्य रखा है। पिछले 12 साल में विंड एनर्जी क्षमता तीन गुना बढ़ी है और नॉन-फॉसिल क्षमता में 400% की वृद्धि हुई है। भारत अब ग्रीन हाइड्रोजन, सोलर मॉड्यूल और विंड टर्बाइन का मैन्युफैक्चरिंग हब बन रहा है। 

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