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मंगलवार, 13 अक्टूबर 2026 · दोपहर 2:17 · नई दिल्ली संस्करण

भारत अब बाजार नहीं, इनोवेशन का बादशाह! PM मोदी के 3 बड़े ऐलान

PM मोदी ने ब्लूमबर्ग न्यू इकोनॉमी फोरम में कहा कि भारत की काबिलियत दूसरे देशों के लिए संभावनाओं के दरवाजे खोल रही है। 2014 से पहले जहां कुछ सौ स्टार्टअप थे, आज देश में 2.5 लाख से ज्यादा स्टार्टअप हैं। इनमें आधे छोटे शहरों से हैं और 45% में महिला डायरेक्टर हैं। उन्होंने कहा कि भारत का COWIN जैसा डिजिटल मॉडल और UPI दुनिया के लिए मिसाल है।

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भारत अब बाजार नहीं, इनोवेशन का बादशाह! PM मोदी के 3 बड़े ऐलान

नई दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोमवार को ब्लूमबर्ग न्यू इकोनॉमी फोरम को संबोधित करते हुए भारत की स्टार्टअप क्रांति और डिजिटल ताकत का दुनिया के सामने मॉडल पेश किया। पीएम मोदी ने कहा कि भारत की काबिलियत अब दूसरे देशों के लिए भी संभावनाओं के नए दरवाजे खोल रही है। देश में स्टार्टअप की संख्या 2.5 लाख के पार पहुंच चुकी है। पीएम मोदी ने कहा कि 2014 से पहले भारत में कुछ सौ स्टार्टअप ही हुआ करते थे, आज उनकी संख्या 2.5 लाख से अधिक हो गई है। यह सिर्फ एक आंकड़ा नहीं, बल्कि भारत के युवाओं के सपनों और इनोवेशन की ताकत का सबूत है। 



खास बात यह है कि इनमें से करीब आधे स्टार्टअप छोटे शहरों और कस्बों से आते हैं, और 45 प्रतिशत स्टार्टअप में एक महिला डायरेक्टर या पार्टनर है। यानी इनोवेशन के अवसर अब कुछ बड़े शहरों तक सीमित नहीं, बल्कि गांव-कस्बों और महिलाओं तक पहुंच रहे हैं। प्रधानमंत्री ने इस दौरान अपना विजन 'पावर टू एम्पावर' भी दिया। उन्होंने कहा कि आज टेक्नोलॉजी, डेटा, नॉलेज और इनोवेशन दुनिया की सबसे बड़ी ताकत हैं। लेकिन असली सवाल यह है कि इसका इस्तेमाल कैसे हो रहा है? क्या टेक्नोलॉजी सिर्फ कुछ लोगों को आगे बढ़ाती है या लाखों लोगों के लिए नए मौके बनाती है? पीएम मोदी ने प्राचीन श्लोक 'विद्या विवादाय, धनं मदाय, शक्तिः परेषां परिपीडनाय...' का जिक्र करते हुए कहा कि ज्ञान, धन और शक्ति का उपयोग दूसरों को नियंत्रित करने के लिए नहीं, बल्कि उन्हें सशक्त बनाने के लिए होना चाहिए। भारत इसी सोच के साथ काम कर रहा है।



भारत को लोकतंत्र की जननी बताते हुए पीएम ने कहा कि देश में 100 से अधिक भाषाएं बोली जाती हैं, 80 हजार से अधिक रजिस्टर्ड अखबार हैं और 1000 से ज्यादा सैटेलाइट चैनल हैं। 50 करोड़ से ज्यादा यूट्यूब और इंस्टाग्राम यूजर्स के साथ भारत में हर मुद्दे पर खुलकर बहस होती है। पीएम ने भारत के डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर की भी चर्चा की। उन्होंने कहा कि हम अपने डिजिटल अनुभव दूसरे देशों के साथ शेयर कर रहे हैं ताकि वे अपनी जरूरत के हिसाब से अपना सिस्टम बना सकें। कोविड के दौरान बनाया गया CoWIN प्लेटफॉर्म ओपन सोर्स था। हम स्ट्रीट वेंडर से लेकर कार शोरूम मालिक तक को एक ही UPI प्लेटफॉर्म पर लाए हैं। 



यही इंक्लूसिव टेक्नोलॉजी की ताकत है।उन्होंने बताया कि सरकार ने सरकारी मदद को सीधे लाभार्थियों के बैंक खाते में पहुंचाने की व्यवस्था बनाई है, जिससे भ्रष्टाचार कम हुआ है और पारदर्शिता बढ़ी है। सस्ते मोबाइल डेटा ने छोटे शहरों के छात्रों को भी उच्च गुणवत्ता वाली शिक्षा से जोड़ा है। पीएम मोदी ने कहा कि भारत अब दुनिया के लिए सिर्फ एक बाजार नहीं, बल्कि इनोवेशन, AI, क्वांटम टेक्नोलॉजी, स्पेस और रोबोटिक्स का ग्लोबल हब बनने की ओर बढ़ रहा है। सरकार ने 1 लाख करोड़ रुपये का इनोवेशन फंड बनाया है और आने वाले एक साल में 1 करोड़ युवाओं को AI में ट्रेंड करने का लक्ष्य रखा है।


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