151वीं जयंती पर याद किए गए लौह पुरुष, CM योगी बोले- पटेल न होते तो अखंड भारत न होता...
लखनऊ में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सरदार वल्लभभाई पटेल की 151वीं जयंती पर श्रद्धांजलि दी। उन्होंने कहा, सरदार पटेल ने 565 रियासतों को जोड़कर अखंड भारत बनाया, राष्ट्रीय एकता बनाए रखना हर भारतीय का कर्तव्य है। CM योगी ने कहा, कुछ ताकतें देश को बांटना चाहती हैं, हमें एकजुट रहकर जवाब देना होगा। आज प्रदेश भर में Run for Unity और एकता शपथ कार्यक्रम आयोजित किए गए।

लखनऊ/गोरखपुर: राष्ट्रीय एकता दिवस के अवसर पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने लौह पुरुष सरदार वल्लभभाई पटेल की 151वीं जयंती पर उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरदार पटेल ने जिस प्रकार 565 रियासतों को एक सूत्र में पिरोकर अखंड भारत का निर्माण किया, वह हर भारतीय के लिए प्रेरणा है। आज के समय में राष्ट्रीय एकता को बनाए रखना हर भारतीय का परम कर्तव्य है। शुक्रवार को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अपने सरकारी आवास पर आयोजित एक कार्यक्रम में सरदार पटेल के चित्र पर पुष्प अर्पित किए।
इसके बाद उन्होंने प्रदेशवासियों को राष्ट्रीय एकता दिवस की शपथ भी दिलाई। इस मौके पर उन्होंने कहा, "सरदार पटेल केवल स्वतंत्रता सेनानी नहीं थे, वे भारत के निर्माता थे। अगर सरदार पटेल न होते तो आज कश्मीर से कन्याकुमारी तक भारत का यह स्वरूप संभव नहीं होता।" CM योगी ने अपने संबोधन में कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में आज स्टैच्यू ऑफ यूनिटी के रूप में दुनिया की सबसे ऊंची प्रतिमा सरदार पटेल को समर्पित की गई है, जो नए भारत की एकता का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि कुछ ताकतें आज भी देश को जाति, धर्म और क्षेत्र के नाम पर बांटना चाहती हैं, लेकिन हमें सरदार पटेल के आदर्शों पर चलकर उन्हें करारा जवाब देना है।
उन्होंने कहा, "उत्तर प्रदेश ने हमेशा राष्ट्रीय एकता की मिसाल पेश की है। हमने माफिया राज और दंगाराज को खत्म करके विकास और एकता का नया मॉडल दिया है। आज यूपी दंगा मुक्त प्रदेश है, यही सरदार पटेल को सच्ची श्रद्धांजलि है।" मुख्यमंत्री ने इस दौरान रन फॉर यूनिटी कार्यक्रम को भी हरी झंडी दिखाने की बात कही। प्रदेश के सभी जिलों में आज पुलिस और प्रशासन द्वारा राष्ट्रीय एकता दौड़, प्रभात फेरी और संगोष्ठियों का आयोजन किया गया। लखनऊ में विधानसभा के सामने सरदार पटेल की प्रतिमा पर भी अधिकारियों ने माल्यार्पण किया।
गौरतलब है कि 31 अक्टूबर को देश भर में सरदार वल्लभभाई पटेल की जयंती को राष्ट्रीय एकता दिवस के रूप में मनाया जाता है। साल 2014 से केंद्र सरकार ने इस दिन को बड़े पैमाने पर मनाने की शुरुआत की थी। सरदार पटेल का जन्म 31 अक्टूबर 1875 को गुजरात के नडियाद में हुआ था। वे देश के पहले उप प्रधानमंत्री और गृह मंत्री थे। कार्यक्रम के अंत में मुख्यमंत्री ने कहा कि युवाओं को सरदार पटेल के जीवन से सीख लेनी चाहिए। उन्होंने कहा कि एक भारत, श्रेष्ठ भारत का सपना तभी पूरा होगा जब हर नागरिक अपने कर्तव्यों का पालन करते हुए राष्ट्र को सर्वोपरि रखेगा।
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