कैमरा, एक्शन और इलेक्शन: रवि किशन का विपक्ष को डायलॉग - 'चुनाव लड़कर जीतो...'
भाजपा सांसद रवि किशन ने 'रिजीम चेंज' पर विपक्ष को घेरा। पटना में उन्होंने कहा, चुनाव लड़कर जनता का भरोसा जीतो, सड़क पर सरकार नहीं बदलती। राहुल गांधी, प्रशांत किशोर और ध्रुव राठी पर निशाना साधते हुए कहा, विरोध करते-करते विपक्ष देशहित के खिलाफ खड़ा है। युवा विकास के साथ है।विवाद प्रशांत भूषण के बयान के बाद शुरू हुआ, जिन्होंने आंदोलन को रिजीम चेंज बताया था। रवि किशन ने कहा, मुकाबला करना है तो 2029 में मोदी से लड़कर जीतो।

भाजपा सांसद और भोजपुरी अभिनेता रवि किशन ने 'रिजीम चेंज' यानी सत्ता परिवर्तन की बहस पर विपक्ष पर तीखा हमला बोला है। पटना में मीडिया से बात करते हुए उन्होंने कहा कि अगर विपक्ष को सरकार बदलनी है तो सड़कों पर आंदोलन करने की बजाय चुनाव लड़कर जनता का भरोसा जीते। रवि किशन ने कहा, "लोकतंत्र में सरकार जनता बनाती और बिगाड़ती है। जनता ने नरेंद्र मोदी जी को जनादेश दिया है। अगर मुकाबला करना है तो 2029 के लोकसभा चुनाव में आइए, जनता के बीच जाइए और जीत कर दिखाइए।" रवि किशन ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी, जन सुराज के संस्थापक प्रशांत किशोर और यूट्यूबर ध्रुव राठी का नाम लेते हुए कहा कि भाजपा का विरोध करते-करते विपक्ष देश के हित के खिलाफ खड़ा नजर आ रहा है।
उन्होंने दावा किया कि देश का युवा विकास और भारत की बढ़ती वैश्विक पहचान के साथ खड़ा है, जबकि विपक्ष केवल भ्रम फैला रहा है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में देश की साख वैश्विक स्तर पर मजबूत हुई है और 65 प्रतिशत युवा केंद्र सरकार से संतुष्ट हैं। विपक्ष 150-200 युवाओं को गुमराह कर सार्वजनिक जीवन में बाधा डालने की कोशिश कर रहा है। 'रिजीम चेंज' शब्द का अर्थ सत्ता व्यवस्था में बदलाव है। यह विवाद तब तेज हुआ जब मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार और चुनाव आयोग के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) के खिलाफ INDIA गठबंधन ने दिल्ली में विरोध प्रदर्शन किया। विपक्ष ने मतदाता सूची में गड़बड़ी और EVM पर सवाल उठाए।
गुरुवार को वरिष्ठ अधिवक्ता प्रशांत भूषण ने कॉकरोच जनता पार्टी के संस्थापक अभिजीत दीपके के साथ प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा था कि लोकतंत्र में सरकार के खिलाफ असंतोष जताना अपराध नहीं है और मौजूदा आंदोलन अब वास्तव में 'रिजीम चेंज' के लिए है। भूषण ने कहा था कि सरकार विपक्ष पर सत्ता परिवर्तन की साजिश का आरोप लगा रही है, जबकि विपक्ष सिर्फ यह सुनिश्चित करने की लड़ाई लड़ रहा है कि चुनाव सही तरीके से हों। इसके अलावा छात्र नेता नेहा बोरा द्वारा बांग्लादेश के युवा आंदोलन का जिक्र किए जाने के बाद भी यह बहस तेज हो गई। इस पर भाजपा ने पलटवार किया। रवि किशन समेत भाजपा नेताओं ने कहा कि सरकार बदलने का रास्ता चुनाव है, विरोध-प्रदर्शन से व्यवस्था को हाईजैक करने की कोशिश नहीं।
रवि किशन ने तंज कसते हुए कहा, "EVM तो आपके पिताजी ही लाए थे, फिर वोट चोरी का नारा क्यों? हारते ही EVM का रोना क्यों?" वहीं विपक्ष का कहना है कि चुनावी पारदर्शिता, निष्पक्षता और जवाबदेही की मांग करना लोकतांत्रिक अधिकार है और सत्ता परिवर्तन की मांग भी लोकतंत्र के दायरे में ही है। रवि किशन का यह बयान ऐसे समय आया है जब SIR विवाद और CEC के खिलाफ प्रदर्शनों को लेकर सत्ता और विपक्ष के बीच आरोप-प्रत्यारोप अपने चरम पर हैं।




