PAPER LEAK MAFIA पर बीजेपी का बड़ा खुलासा, भंडारी बोले - पंजाब में परीक्षा नहीं, माफिया का खेल...
नई दिल्ली। बीजेपी प्रवक्ता प्रदीप भंडारी ने CM भगवंत मान और केजरीवाल पर बड़ा हमला बोला। उन्होंने आरोप लगाया कि पंजाब में पेपर लीक माफिया सक्रिय है और युवाओं के भविष्य से खिलवाड़ हो रहा है। भंडारी ने फार्मेसी, नायब तहसीलदार, PSEB 12वीं और PSTET समेत कई परीक्षाओं में गड़बड़ी का दावा किया। उन्होंने शिक्षा मंत्री के इस्तीफे और CBI जांच की मांग की। AAP ने आरोपों को खारिज करते हुए इसे राजनीतिक साजिश बताया।

नई दिल्ली। दिल्ली में बीजेपी मुख्यालय में हुई प्रेस कॉन्फ्रेंस में बीजेपी के राष्ट्रीय प्रवक्ता प्रदीप भंडारी ने आम आदमी पार्टी और पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान पर जमकर हमला बोला। भंडारी ने आरोप लगाया कि पंजाब में पेपर लीक माफिया सक्रिय है और इसके पीछे AAP सरकार का संरक्षण है। उन्होंने कहा कि पंजाब के युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ हो रहा है और सरकार सिर्फ लीपापोती कर रही है।
भंडारी ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में पीछे लगे बड़े पोस्टर की ओर इशारा करते हुए कहा कि इस पोस्टर में जो तस्वीर दिख रही है, वही पंजाब की हकीकत है। एक तरफ छात्र हाथों में "Where Are Our Jobs?", "Stop Paper Leaks" और "Justice For Students" जैसे प्लेकार्ड लेकर खड़े हैं, दूसरी तरफ पेपर लीक माफिया छात्रों के सपनों को कुचल रहा है। उन्होंने कहा, "पंजाब में अब परीक्षा का मतलब मेहनत नहीं, बल्कि माफिया का खेल बन गया है।"
प्रदीप भंडारी ने दावा किया कि पंजाब में पिछले कुछ समय में कई भर्ती और बोर्ड परीक्षाओं में गड़बड़ी के आरोप सामने आए हैं। उन्होंने फार्मेसी भर्ती परीक्षा, नायब तहसीलदार भर्ती परीक्षा, PSEB कक्षा 12वीं की अंग्रेजी परीक्षा, एग्रीकल्चर डेवलपमेंट ऑफिसर भर्ती परीक्षा, PSSSB ग्रुप-B परीक्षा और पंजाब स्टेट टीचर एलिजिबिलिटी टेस्ट का नाम लिया।
भंडारी का आरोप है कि इन परीक्षाओं में ब्लूटूथ डिवाइस, स्मार्ट पेन और संगठित नकल का इस्तेमाल हुआ। उन्होंने पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट के आदेश का हवाला देते हुए कहा कि अदालत ने भी फार्मेसी भर्ती प्रक्रिया पर रोक लगाई और परीक्षा में गड़बड़ी को गंभीरता से लिया। भंडारी ने कहा, "जब हाईकोर्ट को दखल देना पड़े, तो समझिए सिस्टम कितना सड़ चुका है।"
भंडारी ने सिर्फ CM मान को ही नहीं, बल्कि AAP के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल को भी निशाने पर लिया। उन्होंने कहा कि केजरीवाल खुद को पंजाब का 'सुपर CM' बताते हैं, लेकिन पंजाब के युवाओं के सवालों पर चुप हैं। भंडारी ने पूछा, "जब दिल्ली में 10 साल में एक भी पेपर लीक नहीं हुआ, तो पंजाब में बार-बार पेपर लीक क्यों हो रहा है? क्या पंजाब के युवाओं का भविष्य दिल्ली की राजनीति से कम अहम है?"
उन्होंने पंजाब के शिक्षा मंत्री हरजोत सिंह बैंस के इस्तीफे की भी मांग की। भंडारी ने कहा कि अगर नैतिक जिम्मेदारी नाम की कोई चीज बची है, तो शिक्षा मंत्री को तुरंत इस्तीफा देना चाहिए। दूसरी तरफ AAP ने इन आरोपों को सिरे से खारिज किया है। CM भगवंत मान और अरविंद केजरीवाल पहले भी कह चुके हैं कि पंजाब में कोई पेपर लीक नहीं हुआ, बल्कि कुछ जगहों पर स्मार्ट पेन से चीटिंग की कोशिश हुई, जिसे तुरंत पकड़ लिया गया। मान के मुताबिक, इस मामले में 21 लोगों को गिरफ्तार कर जेल भेजा गया है।
AAP का कहना है कि बीजेपी पंजाब चुनाव से पहले झूठी खबरें फैलाकर माहौल खराब कर रही है। पार्टी का दावा है कि पंजाब सरकार ने नकल माफिया पर सबसे सख्त कार्रवाई की है। अब सवाल ये है कि क्या इस मामले की जांच CBI या किसी स्वतंत्र एजेंसी से होगी? बीजेपी ने CBI जांच की मांग तेज कर दी है, जबकि AAP इसे राजनीतिक साजिश बता रही है।
एक बात तय है, पंजाब का युवा अब जवाब चाहता है। उसे नौकरी चाहिए, नकल माफिया नहीं। पेपर लीक का मुद्दा अब सिर्फ परीक्षा का मुद्दा नहीं रहा, बल्कि पंजाब विधानसभा चुनाव में सबसे बड़ा राजनीतिक मुद्दा बनता जा रहा है।




