बुलेट ट्रेनके लिए अलग बनेगा हाई स्पीड रेलवे स्टेशन, रूट में हुआ बड़ा बदलाव, रेल मंत्री ने किया ऐलान
कानपुर में बुलेट ट्रेन का नया स्टेशन बनेगा। सांसद रमेश अवस्थी ने बताया कि स्टेशन अटल घाट के पास या शहर के भीतर टनल बनाकर तैयार किया जाएगा। पहले रूट इटावा से था, अब बदलकर आगरा से सीधे कानपुर होते हुए लखनऊ किया गया है। रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने ऐलान किया है। इस कॉरिडोर से दिल्ली से कानपुर का सफर सिर्फ 1 घंटा 45 मिनट में पूरा होगा। स्टेशन कानपुर सेंट्रल से अलग बनाया जाएगा।

कानपुर के लोगों का बुलेट ट्रेन का सपना अब हकीकत बनने जा रहा है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ड्रीम प्रोजेक्ट नॉर्दर्न बुलेट ट्रेन कॉरिडोर को मंजूरी मिल गई है और इसमें कानपुर को भी शामिल किया गया है। रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने 31 अक्टूबर को वाराणसी में इसका ऐलान किया था कि बुलेट ट्रेन का स्टेशन कानपुर में भी बनेगा। कानपुर वासियों के मन में सबसे बड़ा सवाल यही है कि बुलेट ट्रेन का स्टेशन कहां बनेगा? क्या यह शहर के बाहर होगा या शहर के अंदर ही सुविधा मिलेगी? इस पर कानपुर के सांसद रमेश अवस्थी ने बड़ी जानकारी दी है। उन्होंने बताया कि उन्होंने रेल मंत्री से स्पष्ट मांग रखी थी कि स्टेशन ऐसी जगह बनाया जाए जहां कानपुर की जनता को आवाजाही में अधिकतम सुविधा मिल सके। इसी सोच के साथ दो प्रस्तावों पर काम शुरू हो चुका है।
पहला प्रस्ताव है - अटल घाट के पास स्टेशन बनाना। दूसरा प्रस्ताव है - शहर के भीतर टनल के जरिए स्टेशन तैयार करना। अगर स्टेशन शहर के भीतर बनता है तो यात्रियों को शहर के बाहरी हिस्से तक जाने की परेशानी से राहत मिलेगी। सांसद ने बताया कि पहले प्रस्तावित रूट में बुलेट ट्रेन इटावा से होकर कानपुर के बाहर से गुजर रही थी, लेकिन अब रूट में बदलाव कर दिया गया है। पहले रूट में इटावा में स्टेशन प्रस्तावित था, जिसे अब हटाकर कानपुर में स्टेशन बनाने का निर्णय लिया गया है। अब बुलेट ट्रेन आगरा से सीधे कानपुर होते हुए लखनऊ जाएगी। यह बदलाव कानपुर के औद्योगिक महत्व को देखते हुए किया गया है। दिल्ली से कानपुर सिर्फ 1 घंटा 45 मिनट में।
इस नॉर्दर्न कॉरिडोर के बनने के बाद सफर का समय बिल्कुल बदल जाएगा। दिल्ली से आगरा - 59 मिनट, दिल्ली से कानपुर - 1 घंटा 45 मिनट, दिल्ली से लखनऊ - 2 घंटा 12 मिनट, दिल्ली से वाराणसी - 3 घंटा 33 मिनट। यानी आप सुबह दिल्ली से निकलकर कानपुर में नाश्ता करके शाम को वापस लौट सकते हैं। यह कॉरिडोर दिल्ली से शुरू होकर गुवाहाटी तक जाएगा। इसके प्रमुख स्टेशन होंगे - दिल्ली, आगरा, कानपुर, लखनऊ, अयोध्या, प्रयागराज, वाराणसी, पटना, सिलीगुड़ी और गुवाहाटी।
कानपुर के लिए यह सिर्फ एक ट्रेन नहीं, बल्कि औद्योगिक पहचान को फिर से मजबूत करने का मौका है। रेल मंत्री ने सांसद को आश्वासन दिया है कि दीपावली के बाद वह खुद कानपुर सेंट्रल आकर इस प्रोजेक्ट की आगे की जानकारी देंगे। फिलहाल स्टेशन की अंतिम लोकेशन और निर्माण की समयसीमा पर आधिकारिक घोषणा का इंतजार है, लेकिन इतना तय है कि कानपुर में बुलेट ट्रेन के लिए कानपुर सेंट्रल से अलग, एक बिल्कुल नया हाई-स्पीड स्टेशन बनाया जाएगा।
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