दिल्ली में रावण के साथ जलेगा 30 फीट का कॉकरोच, वजह जानकर रह जाएंगे हैरान
दिल्ली की द्वारका लव-कुश रामलीला में इस बार अनोखी पहल होगी। यहां रावण के साथ 30 फीट ऊंचे कॉकरोच का पुतला भी जलाया जाएगा। आयोजकों ने बताया कि कॉकरोच गंदगी और बीमारी का प्रतीक है। इस पहल का मकसद स्वच्छता का संदेश देना है। जैसे रावण बुराई का प्रतीक है, वैसे ही गंदगी भी समाज के लिए बुराई है। इस पुतले को पर्यावरण-अनुकूल सामग्री से बनाया जा रहा है, जिसे देखने हजारों लोगों के पहुंचने की उम्मीद है।

नई दिल्ली: हर साल दशहरे पर राजधानी दिल्ली में रावण, मेघनाद और कुंभकरण के पुतले जलाए जाते हैं, लेकिन इस बार दिल्ली की एक रामलीला कुछ हटकर करने जा रही है। इस बार बुराई के प्रतीक रावण के साथ 30 फीट ऊंचा कॉकरोच का पुतला भी जलाया जाएगा। आयोजकों का कहना है कि यह पहल सिर्फ मनोरंजन के लिए नहीं, बल्कि समाज को स्वच्छता का बड़ा संदेश देने के लिए है। दिल्ली के द्वारका सेक्टर-10 की प्रसिद्ध लव-कुश रामलीला कमेटी ने इस साल यह अनोखी पहल की है। कमेटी के अध्यक्ष अर्जुन सिंह ने बताया कि दशहरा पर जब हजारों लोग रामलीला देखने आते हैं, तो यह सही मौका होता है जब हम उन्हें सामाजिक बुराइयों के बारे में जागरूक कर सकें।
उन्होंने कहा, "रावण तो आंतरिक बुराई का प्रतीक है, लेकिन आज के समय में गंदगी, कचरा और बीमारियां भी उतनी ही बड़ी बुराई हैं। कॉकरोच गंदगी का प्रतीक है। यह बीमारियां फैलाता है। इसलिए हमने तय किया कि इस बार 30 फीट ऊंचे कॉकरोच के पुतले को भी रावण के साथ जलाया जाएगा।" आयोजकों ने बताया कि बरसात के बाद दिल्ली में डेंगू, मलेरिया और चिकनगुनिया जैसी बीमारियों का खतरा बढ़ जाता है, जिसकी एक बड़ी वजह गंदगी और कॉकरोच-मच्छर जैसे कीट हैं। लोग अपने घरों में साफ-सफाई पर ध्यान नहीं देते। कूड़ा खुले में फेंक देते हैं। 30 फीट का यह कॉकरोच का पुतला इसी बात का प्रतीक होगा कि जैसे हम रावण रूपी बुराई को जलाते हैं, वैसे ही हमें अपने आसपास की गंदगी रूपी बुराई को भी खत्म करना होगा। यह स्वच्छ भारत अभियान को भी समर्थन देने की एक कोशिश है।
कलाकारों की टीम पिछले 15 दिनों से इस खास पुतले को बनाने में जुटी है। बांस, कागज और पर्यावरण के अनुकूल रंगों से इसे तैयार किया जा रहा है। इसके लिए लोहे के स्ट्रक्चर का इस्तेमाल किया गया है ताकि यह 30 फीट की ऊंचाई पर भी मजबूती से खड़ा रहे। रावण के पुतले की ऊंचाई 70 फीट रखी गई है, जबकि कॉकरोच का पुतला 30 फीट का होगा और उसे रावण के बगल में स्थापित किया जाएगा। इस अनोखी पहल की खबर फैलते ही स्थानीय लोगों में काफी उत्साह है। लोग इसे देखने के लिए काफी उत्सुक हैं। सोशल मीडिया पर भी इसकी खूब चर्चा हो रही है। कई लोगों ने कहा कि यह एक रचनात्मक और सकारात्मक संदेश है। बच्चों के लिए भी यह एक अलग अनुभव होगा, जहां वे बुराई पर अच्छाई की जीत के साथ-साथ साफ-सफाई का महत्व भी समझेंगे।
रामलीला कमेटी ने बताया कि इस विशेष पुतले के लिए उन्होंने दिल्ली फायर सर्विस और स्थानीय प्रशासन से अनुमति ले ली है। सुरक्षा के भी पुख्ता इंतजाम किए गए हैं। पुतला दहन के दौरान फायर ब्रिगेड की गाड़ी मौके पर मौजूद रहेगी। आयोजकों को उम्मीद है कि उनकी यह छोटी सी पहल लोगों की सोच में बड़ा बदलाव लाएगी और लोग दशहरे के बाद अपने घर और गली-मोहल्ले को साफ रखने के लिए प्रेरित होंगे।
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