दिल्ली में CJP के प्रदर्शन पर सुप्रीम कोर्ट सख्त, कहा- दुकानदारों का धंधा रुका तो...
दिल्ली के कनॉट प्लेस में CJP के तिरंगा मार्च पर सुप्रीम कोर्ट ने तुरंत रोक से इनकार कर दिया। CJI सूर्यकांत की बेंच ने कहा कि त्योहारी सीजन में छोटे दुकानदारों की रोजी-रोटी का सवाल है, लेकिन अभी कोई अंतरिम आदेश नहीं। जस्टिस बागची बोले, अगर NDMC के सेंट्रल पार्क बंद करने से कारोबार को नुकसान हुआ तो कोर्ट संविधान के तहत मुआवजे का आदेश देगा। मामले की अगली सुनवाई 26 अक्टूबर को होगी।

नई दिल्ली। दिल्ली के कनॉट प्लेस में आज होने वाले कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के प्रोटेस्ट पर सुप्रीम कोर्ट ने तुरंत रोक लगाने से इनकार कर दिया है। CJI जस्टिस सूर्यकांत की अध्यक्षता वाली बेंच ने कहा कि इस मामले में अभी कोई अंतरिम आदेश जारी नहीं किया जाएगा। सुप्रीम कोर्ट में आज सुबह एक दुकानदार की तरफ से जल्द सुनवाई की मांग की गई थी। याचिकाकर्ता ने कहा था कि CJP ने शाम 5 बजे सेंट्रल पार्क में तिरंगा मार्च का ऐलान किया है, इससे त्योहारी सीजन में उनके कारोबार पर बुरा असर पड़ेगा। पालिका बाजार और कनॉट प्लेस के छोटे दुकानदारों की दिवाली की कमाई इसी पर टिकी है। इस पर CJI ने कहा, "हमें उम्मीद है कि सभी पक्ष समझदारी से काम लेंगे।
इन दिनों छोटी दुकानें चलाने वाले लोग अपनी रोजी-रोटी कमाते हैं। कोर्ट जानता है कि ऐसे हालात में पूरे परिवारों को कितनी परेशानी हो सकती है।" बेंच में शामिल जस्टिस जॉयमाल्य बागची ने कहा कि ये सभी याचिकाएं एक दूसरे से जुड़ी हैं। कोई प्रदर्शन करना चाहता है, कोई विरोध कर रहा है और कोई कानून व्यवस्था बनाए रखना चाहता है। किसी को मूंगफली बेचनी है। अगर कारोबार को नुकसान होता है तो सुप्रीम कोर्ट अपने संवैधानिक अधिकारों का इस्तेमाल करेगा। कोर्ट ने यह भी कहा कि अगर NDMC के सेंट्रल पार्क बंद करने के फैसले से व्यापारियों को नुकसान होता है तो कोर्ट मुआवजे पर आदेश दे सकता है। दरअसल NDMC ने देर रात आदेश जारी कर कहा है कि प्रशासनिक कारणों से सेंट्रल पार्क 16 और 17 अक्टूबर को बंद रहेगा। वकील ने कोर्ट में कहा कि इससे रेहड़ी-पटरी वालों और दुकानदारों का काम बंद हो जाएगा।
CJI ने कहा कि कारोबार या आजीविका के नुकसान का मुद्दा पार्क दोबारा खुलने के बाद उठाया जा सकता है। अगर नुकसान होता है तो इस पर 26 अक्टूबर को बात की जाएगी। कोर्ट ने मामले को 26 या 27 अक्टूबर के लिए सूचीबद्ध किया है। इससे पहले दिल्ली हाईकोर्ट ने भी CJP के प्रदर्शन पर रोक लगाने से इनकार कर दिया था। हाईकोर्ट ने दिल्ली पुलिस के इस आश्वासन को रिकॉर्ड पर लिया है कि CJP की गतिविधियों को नियंत्रित करने के लिए हर संभव कदम उठाए जाएंगे। दिल्ली पुलिस ने पहले ही कनॉट प्लेस में BNSS की धारा 163 के तहत निषेधाज्ञा लागू कर दी है और कहा है कि किसी भी अनधिकृत भीड़ को सेंट्रल पार्क में जाने की अनुमति नहीं है। बता दें कि CJP के संस्थापक अभिजीत दीपके ने CEC ज्ञानेश कुमार के खिलाफ हिरासत में लिए गए आशुतोष रांका और सौरव दास के समर्थन में इस तिरंगा मार्च का ऐलान किया है।
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