अग्निवीरों के लिए खुशखबरी: कैबिनेट ने मंजूर किया 2 साल का सेवा विस्तार, बढ़ेगी सैलरी भी
CDS जनरल एनएस राजा सुब्रमणि ने एलान किया कि अग्निपथ योजना में बड़ा बदलाव किया गया है। नए नियम के तहत 4 साल पूरा करने वाले 25% अग्निवीर मेरिट से सीधे स्थायी होंगे, जबकि बाकी 75% को 2 साल का सेवा विस्तार मिलेगा। इस दौरान बढ़ा वेतन-भत्ता दिया जाएगा। पहला बैच 21 नवंबर 2026 को कार्यकाल पूरा कर रहा है। 6 साल बाद इच्छुक सभी अग्निवीर स्थायी सेवा के लिए पात्र होंगे। सेना ने परफॉर्मेंस को पॉजिटिव बताया।

अग्निपथ योजना के तहत सेना में भर्ती हुए युवाओं के लिए केंद्र सरकार ने बड़ी खुशखबरी दी है। सरकार ने अग्निवीरों की सेवा अवधि को लेकर बड़ा बदलाव किया है। चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ (CDS) जनरल एनएस राजा सुब्रमणि ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर एलान किया है कि चार साल का कार्यकाल पूरा करने वाले 75% अग्निवीरों को अब 2 साल का अतिरिक्त सेवा विस्तार दिया जाएगा। CDS ने बताया कि अग्निपथ योजना 14 जून 2022 को शुरू हुई थी और पहला बैच अब अपना चार साल का कार्यकाल पूरा करने जा रहा है। पहले बैच का कार्यकाल 21 नवंबर 2026 को खत्म होना है।
पुराने नियम के मुताबिक 25% अग्निवीरों को मेरिट के आधार पर नियमित कैडर में शामिल किया जाना था, जबकि बाकी 75% को सेवा निधि लेकर रिटायर होना था। लेकिन अब इस व्यवस्था को बदल दिया गया है। रक्षा बलों की सिफारिश पर कैबिनेट ने शेष 75% अग्निवीरों को 2 साल का अतिरिक्त एंगेजमेंट पीरियड देने की मंजूरी दे दी है। CDS ने कहा, "आज का दिन भारतीय रक्षा बलों और हमारे अग्निवीरों के लिए बहुत महत्वपूर्ण है। कैबिनेट ने सभी अग्निवीरों के लिए भारतीय सेना में शामिल होने का रास्ता खोल दिया है।"
नए मॉडल के 4 मुख्य पहलू बताए गए हैं: 25% को सीधा स्थायी: 4 साल पूरा करने वाले टॉप 25% अग्निवीर मेरिट के आधार पर सीधे रेगुलर सैनिक बनेंगे। 75% को 2 साल का एक्सटेंशन: बाकी बचे 75% को बाहर नहीं किया जाएगा, बल्कि उन्हें 2 साल का दूसरा कार्यकाल दिया जाएगा। बढ़ी हुई सैलरी: इस दूसरे कार्यकाल (5वें और 6वें साल) में अग्निवीरों को पहले से ज्यादा वेतन और भत्ते मिलेंगे। 6 साल बाद सभी पात्र: कुल 6 साल (4+2) की सेवा पूरी होने के बाद जो भी इच्छुक होगा, उसे ऑब्जेक्टिव सेलेक्शन क्राइटेरिया के आधार पर भारतीय सशस्त्र बलों में स्थायी रूप से शामिल होने का मौका मिलेगा।
CDS ने बताया कि सेना कमांडरों और जमीनी स्तर से अग्निवीरों की परफॉर्मेंस को लेकर बहुत पॉजिटिव फीडबैक मिला है। इसी आधार पर योजना की समीक्षा कर इसे सुधारा गया है। पहले बैच में करीब 24,400 अग्निवीर भर्ती हुए थे, जिनमें थल सेना में 19,000, वायुसेना में 2,850 और नौसेना में 2,550 शामिल थे। अब इनमें से 75% को यह लाभ मिलेगा। यह फैसला दिवाली से पहले मोदी कैबिनेट का बड़ा कदम माना जा रहा है। हालांकि सेना ने स्पष्ट किया है कि 2 साल का विस्तार अपने आप में परमानेंट अपॉइंटमेंट नहीं है, बल्कि नियमित चयन के लिए तय प्रक्रिया और मेरिट ही अंतिम होगी।
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