बिहार में NDA में फूट! JDU को हराकर BJP में आए MLC, नाराज प्रत्याशियों ने रद्द की प्रेस कॉन्फ्रेंस
बिहार में विधान परिषद चुनाव के बाद NDA में फूट दिखी। सारण से आनंद पुष्कर और तिरहुत से अभिषेक झा JDU प्रत्याशी के तौर पर हारे थे। उन्हें हराने वाले निर्दलीय MLC राहुल राज और बंशीधर ब्रजवासी बीजेपी में शामिल हुए तो JDU नाराज हुई। दोनों नेताओं ने PC बुला ली थी, लेकिन मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी और संजय झा के फोन के बाद PC रद्द हो गई। अब तेजस्वी यादव दलबदल कानून के तहत सदस्यता रद्द करने की मांग कर रहे हैं।

बिहार में विधान परिषद चुनाव के बाद एनडीए के भीतर ही घमासान मच गया है। दो निर्दलीय MLC के बीजेपी में शामिल होने के दावे ने जनता दल यूनाइटेड को नाराज कर दिया है, जिसके बाद सोमवार को होने वाली एक बड़ी प्रेस कॉन्फ्रेंस ऐन मौके पर रद्द करनी पड़ी। दरअसल, सारण शिक्षक सीट से JDU प्रत्याशी रहे आनंद पुष्कर और तिरहुत स्नातक सीट से प्रत्याशी रहे अभिषेक झा ने सोमवार सुबह 11:30 बजे प्रेस कॉन्फ्रेंस बुलाई थी। दोनों नेता निर्दलीय MLC राहुल राज और बंशीधर ब्रजवासी के बीजेपी में शामिल होने पर खुलकर नाराजगी जताने वाले थे।
लेकिन प्रेस कॉन्फ्रेंस शुरू होने से ठीक पहले पटना से दो फोन आए। सूत्रों के मुताबिक एक फोन मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी और दूसरा JDU के कार्यकारी राष्ट्रीय अध्यक्ष संजय झा का था। दोनों वरिष्ठ नेताओं ने नाराज प्रत्याशियों को मनाया, समझाया और इसके बाद आनन-फानन में PC रद्द करने का फैसला लिया गया। बिहार विधान परिषद की 8 सीटों पर हुए चुनाव में BJP और JDU ने 4-4 सीटों पर चुनाव लड़ा। इसमें सारण शिक्षक सीट से निर्दलीय डॉ. राहुल राज ने JDU के आनंद पुष्कर को हराया, जबकि तिरहुत स्नातक सीट से बंशीधर ब्रजवासी ने JDU के अभिषेक झा को हराया। बंशीधर को 31,832 वोट मिले जबकि JDU के अभिषेक को 22,685 वोट ही मिले।
चुनाव जीतने के 72 घंटे के भीतर ही दोनों निर्दलीय MLC शनिवार शाम बीजेपी की विधायक दल की बैठक में पहुंचे। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी, प्रदेश अध्यक्ष संजय सरावगी और प्रभारी हरीश द्विवेदी की मौजूदगी में उन्होंने बीजेपी में शामिल होने की घोषणा की और सदस्यता पर्ची हाथ में लेकर फोटो भी खिंचवाई। राहुल राज ने तो कहा कि वह हमेशा से बीजेपी कार्यकर्ता रहे हैं। जैसे ही तस्वीरें वायरल हुईं, विपक्ष ने दलबदल कानून का मुद्दा उठा दिया। RJD नेता तेजस्वी यादव ने संविधान की दसवीं अनुसूची के पैरा 2(2) और अनुच्छेद 191(2) का हवाला देते हुए कहा कि निर्दलीय चुने जाने के बाद किसी पार्टी में शामिल होना अयोग्यता का आधार है, इसलिए दोनों की सदस्यता रद्द होनी चाहिए।
विवाद बढ़ता देख बीजेपी बैकफुट पर आ गई। प्रदेश अध्यक्ष संजय सरावगी ने सोशल मीडिया पोस्ट एडिट कर दी और सफाई दी कि दोनों ने बीजेपी की सदस्यता नहीं ली है, बल्कि सिर्फ समर्थन दिया है। दोनों MLC ने भी कहा कि उन्होंने सिर्फ समर्थन दिया है। हालांकि जन सुराज ने दावा किया है कि बंशीधर ब्रजवासी को सदस्यता पर्ची नंबर 01955 भी दी गई थी और वे इस मामले को विधान परिषद सभापति और जरूरत पड़ी तो कोर्ट तक ले जाएंगे। JDU खेमे का मानना है कि NDA के भीतर गठबंधन धर्म का पालन नहीं हुआ। आनंद पुष्कर ने चुनाव के दौरान बीजेपी नेताओं की भूमिका पर सवाल उठाए थे। कांग्रेस ने इसे बीजेपी द्वारा JDU की पीठ में छुरा घोंपना बताया है।
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