PAK की उड़ी नींद! भारत से लड़कर बर्बाद हुआ पाकिस्तान, व्यापार बंद, पोर्ट ठप, रुपया धड़ाम...
भारत से तनाव पाकिस्तान को 40 अरब डॉलर का पड़ा है। व्यापार बंदी, एयरस्पेस बंद और शिपिंग रोक से कराची पोर्ट ठप है। भारत से सस्ता कच्चा माल बंद होने से पाकिस्तान दुबई से महंगा माल खरीद रहा है। निवेशक भाग गए, PSX 15% टूटा, रुपया 285 पार। IMF के सामने गुहार लगा रहा है। आटा 200 रुपये किलो, पेट्रोल 290 पार, जनता महंगाई से त्राहि-त्राहि कर रही है।

भारत से तनाव लेना पाकिस्तान को बहुत महंगा पड़ रहा है। रिपोर्ट्स के मुताबिक भारत के साथ सीमा विवाद, व्यापार बंदी और हालिया सैन्य तनाव के बाद पाकिस्तान की अर्थव्यवस्था को लगभग 40 अरब डॉलर (करीब 3.3 लाख करोड़ रुपये) का नुकसान हुआ है। अब पाकिस्तान अंतरराष्ट्रीय मंचों पर मदद की गुहार लगा रहा है। भारत ने 2019 में पुलवामा हमले के बाद पाकिस्तान से मोस्ट फेवर्ड नेशन का दर्जा वापस ले लिया था और 200% टैरिफ लगा दिया था। उसके बाद से दोनों देशों के बीच सीधा व्यापार लगभग बंद है।
पाकिस्तान को पहले भारत से सस्ता कच्चा माल, दवाइयां, केमिकल और मशीनरी मिल जाती थी, अब उसे यही सामान दुबई और सिंगापुर होते हुए महंगे दामों पर खरीदना पड़ रहा है। एक अनुमान के मुताबिक, व्यापार बंद होने से पाकिस्तान को हर साल 2 से 3 अरब डॉलर का अतिरिक्त खर्च उठाना पड़ रहा है। जब भी तनाव बढ़ता है, पाकिस्तान अपना एयरस्पेस भारत के लिए बंद कर देता है। इसका उल्टा असर उसी पर पड़ता है। भारतीय एयरलाइंस के रूट बदलने से पाकिस्तान को मिलने वाली ओवरफ्लाइंग फीस खत्म हो जाती है। 2019 में बालाकोट के बाद 5 महीने एयरस्पेस बंद रखने से पाकिस्तान को 8 अरब रुपये से ज्यादा का नुकसान हुआ था।
इस बार भी भारत ने पाकिस्तानी जहाजों और एयरलाइंस के लिए अपने पोर्ट्स पर सख्ती बढ़ा दी है, जिससे कराची पोर्ट पर माल फंस रहा है। भारत-पाक तनाव के बाद कई विदेशी कंपनियों ने पाकिस्तान में निवेश रोक दिया है। क्रेडिट रेटिंग एजेंसी मूडीज और फिच ने पहले ही पाकिस्तान की रेटिंग जंक कैटेगरी में रखी है। युद्ध जैसे हालात की आशंका से कोई भी बड़ा निवेशक पैसा लगाने को तैयार नहीं है। पाकिस्तान स्टॉक एक्सचेंज (PSX) में पिछले एक महीने में 15% से ज्यादा की गिरावट देखी गई है। रुपया रिकॉर्ड निचले स्तर पर है, 1 डॉलर 285 पाकिस्तानी रुपये के पार चला गया है।
40 अरब डॉलर के नुकसान के बाद अब पाकिस्तान IMF, वर्ल्ड बैंक और सऊदी अरब-चीन जैसे दोस्त देशों से राहत पैकेज मांग रहा है। पाकिस्तान के वित्त मंत्री ने खुद माना है कि देश का विदेशी मुद्रा भंडार सिर्फ 2 महीने के आयात के लिए बचा है। पाकिस्तान ने हाल ही में UN में भी भारत के खिलाफ शिकायत की कोशिश की, लेकिन वहां से भी उसे कोई समर्थन नहीं मिला। इस आर्थिक संकट का सीधा असर पाकिस्तानी जनता पर पड़ रहा है। आटा 200 रुपये किलो, पेट्रोल 290 रुपये लीटर और बिजली 65 रुपये यूनिट तक पहुंच गई है।
लाहौर, कराची और इस्लामाबाद में उद्योग बंद होने लगे हैं क्योंकि कच्चा माल ही नहीं मिल रहा।विशेषज्ञों का कहना है कि भारत एक बड़ी अर्थव्यवस्था है, वह इस तरह के झटके झेल सकता है, लेकिन पाकिस्तान जैसी कमजोर अर्थव्यवस्था के लिए भारत से पंगा लेना आत्मघाती साबित हो रहा है।
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