मुख्य सामग्री पर जाएँ
ब्रेकिंग
विधान परिषद चुनाव ने बिगाड़ा गठबंधन धर्म का गणितRajasthan Panchayat Election 2026: पंचायत चुनाव का ऐलान, 4 चरणों में होगी वोटिंग, जानिए पूरा शेड्यूलमुंबई में CJP का प्रदर्शन पड़ा भारी! जेल भरो आंदोलन पर FIR, आयोजकों में हड़कंपज्ञानेश कुमार पर चले लोकतंत्र की हत्या का मुकदमा! प्रमोद तिवारी का बड़ा हमलाBJP का झंडा उतारने वाले संजयन त्रिपाठी अब साइकिल पर सवार, समाजवादी पार्टी में हुए शामिलCM Yogi का बड़ा तोहफा: 4.60 लाख छात्रों के खाते में आई छात्रवृत्ति, आपके खाते में आई क्या? चेक करेंNoida: सुपरनोवा की 43वीं मंजिल से युवक ने लगाई छलांग, मौके पर दर्दनाक मौत, सोसाइटी में हड़कंपमुंबई प्रदर्शन के बाद CJP का दिल्ली कूच का ऐलान, अभिजीत दिपके ने कही ये बड़ी बात

मंगलवार, 13 अक्टूबर 2026 · शाम 4:06 · नई दिल्ली संस्करण

Zoho में इस साल नहीं होगा Appraisal! AI के खर्च से परेशान श्रीधर वेम्बू का बड़ा ऐलान

जोहो के संस्थापक श्रीधर वेम्बू ने माना कि AI के बढ़ते खर्च से कंपनी सबसे मुश्किल दौर में है। उन्होंने X पर बताया कि इस साल कर्मचारियों का अप्रेजल और सैलरी हाइक रद्द किया गया है। वेम्बू ने वजह बताई कि डेटा सेंटर के सर्वर की कीमत 4 गुना बढ़ गई है और AI यूसेज से खर्च तेजी से बढ़ रहा है। कंपनी ने मार्केटिंग बजट काटा है और 18 महीने से हायरिंग रोक रखी है। उन्होंने कहा, हम छंटनी से बचने की कोशिश करेंगे, लेकिन सॉफ्टवेयर जॉब्स का भविष्य grim है।

राष्ट्रीय सागर डेस्क2 मिनट का पठन2 बार पढ़ा गया
Zoho में इस साल नहीं होगा Appraisal! AI के खर्च से परेशान श्रीधर वेम्बू का बड़ा ऐलान

भारतीय सॉफ्टवेयर कंपनी जोहो (Zoho) के कर्मचारियों के लिए बुरी खबर है। कंपनी के संस्थापक और चीफ साइंटिस्ट श्रीधर वेम्बू ने इस बात को मान लिया है कि AI के बढ़ते खर्च की वजह से कंपनी अपने सबसे मुश्किल दौर से गुजर रही है। इस वजह से उन्होंने इस साल कर्मचारियों का सालाना अप्रेजल और सैलरी हाइक रद्द कर दिया है। श्रीधर वेम्बू ने खुद X (पूर्व ट्विटर) पर पोस्ट करके इसकी जानकारी दी और कर्मचारियों से माफी भी मांगी। वेम्बू ने बताया कि बिजनेस का आउटलुक अनिश्चित है और AI ने लागत को जबरदस्त बढ़ा दिया है।



उन्होंने 2 बड़ी वजह बताई: सर्वर की कीमत में 4 गुना बढ़ोतरी: डेटा सेंटर के लिए जिन सर्वर की जरूरत होती है, उनकी कीमत में 4 गुना तक इजाफा हो गया है। AI यूसेज का खर्च: AI टूल्स का इस्तेमाल तेजी से बढ़ रहा है, जिससे कंपनी का ऑपरेशनल खर्च बहुत ज्यादा बढ़ गया है। इसके अलावा चुनौतीपूर्ण भू-राजनीतिक हालात (Geopolitical Backdrop) ने भी कंपनी पर दबाव बनाया है। वेम्बू ने लिखा, "हमने मार्केटिंग बजट में कटौती की है। हमने अपने कर्मचारियों को बताया है कि इस साल हम सामान्य वेतन वृद्धि नहीं दे पाएंगे। मैं इसे टाल न पाने के लिए माफी मांगता हूं।" 



श्रीधर वेम्बू ने कहा कि जोहो ने पिछले 18 महीनों से अपने कर्मचारियों की संख्या नहीं बढ़ाई है। कंपनी बड़े पैमाने पर छंटनी (Mass Layoff) से बचने की पूरी कोशिश करेगी, लेकिन सॉफ्टवेयर इंडस्ट्री में नौकरियों का भविष्य गंभीर (Grim) है। उन्होंने कहा, "हम खुद को नए सिरे से तैयार करने (Reinvent) के बीच में हैं। अगले 3 से 5 साल तय करेंगे कि हमारा यह Reinvention कितना सफल रहा। कृपया हमारे लिए प्रार्थना करें।" वेम्बू के मुताबिक ग्रोथ अभी भी 12% के आसपास है, लेकिन सितंबर में ग्रोथ उम्मीद से ज्यादा धीमी रही, खासकर नए ग्राहक और रेवेन्यू में। 



कई ग्राहक जोहो के प्रोडक्ट की जगह AI से बने सस्ते टूल्स का इस्तेमाल कर रहे हैं, जिसे 'वाइब कोडिंग' कहा जा रहा है। यह संकट सिर्फ जोहो का नहीं है। पूरी भारतीय IT इंडस्ट्री दबाव में है। TCS के चेयरमैन एन चंद्रशेखरन पहले ही कह चुके हैं कि कंपनियां अब इंसानों और AI एजेंट्स की बराबर संख्या वाली टीम की तरफ बढ़ रही हैं। 2026 में अब तक दुनिया भर में 1,31,000 से ज्यादा टेक कर्मचारियों की नौकरी जा चुकी है। श्रीधर वेम्बू का यह फैसला दिखाता है कि कैसे Generative AI पारंपरिक सॉफ्टवेयर कंपनियों के बिजनेस मॉडल को सीधे चुनौती दे रहा है।


यह ख़बर दूसरों तक पहुँचाएँ

WhatsAppFacebookX

संबंधित ख़बरें

ई-पेपर