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सोमवार, 5 अक्टूबर 2026 · रात 3:16 · नई दिल्ली संस्करण

Trump Super Intelligence Summit: OpenAI-Google-Meta ने साइन किया सीक्रेट डील, 3 फैसलों से हिलेगी दुनिया

राष्ट्रीय सागर डेस्क3 मिनट का पठन
Trump Super Intelligence Summit: OpenAI-Google-Meta ने साइन किया सीक्रेट डील, 3 फैसलों से हिलेगी दुनिया

अमेरिका में AI को लेकर सबसे बड़ा पॉलिटिकल मूव हो गया है। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने 29 सितंबर को व्हाइट हाउस में दुनिया की 6 सबसे बड़ी टेक कंपनियों के सीईओ को बुलाया और वहां से AI की दुनिया का नाम ही बदल दिया। इस मीटिंग में OpenAI, Google, Meta, Anthropic, Nvidia और xAI / SpaceX के Elon Musk मौजूद थे। इस समिट से 3 बड़े फैसले निकले हैं जो पूरी दुनिया पर असर डालेंगे। ट्रंप और 6 कंपनियों ने एक Voluntary Safety Accord साइन किया है। इसका नाम है - White House Accord on Super Intelligence: Joint Commitment on Frontier Responsibilities।

इसके तहत कंपनियों को अपने सबसे एडवांस मॉडल्स के लिए इंटरनल कंट्रोल, बोर्ड लेवल रिव्यू और इंडिपेंडेंट ऑडिट करवाना होगा। साथ ही AI सिस्टम्स को ऐसा बनाना होगा कि वो अनजाने में किसी सरकारी या टेक्निकल सिस्टम को हैक या एक्सेस न कर सके। ट्रंप ने इसे “Morally Binding” बताया और कहा ये एक तरह का संविधान है। उन्होंने 10 लोगों का एक AI Safety Board बनाने का भी ऐलान किया है। हालांकि ये कानून नहीं है, इसलिए आलोचक इसे कमजोर बता रहे हैं क्योंकि इसमें सजा का कोई प्रावधान नहीं है। इस पर Google CEO सुंदर पिचाई, Meta के मार्क जुकरबर्ग, Anthropic के डारियो अमोदी, OpenAI के ग्रेग ब्रॉकमैन, Nvidia के जेंसन हुआंग और Elon Musk ने साइन किया है।

दूसरा सबसे बड़ा मुद्दा था डेटा सेंटर। ट्रंप ने कहा कि अमेरिका को AI में लीडर बने रहने के लिए हजारों बड़े डेटा सेंटर चाहिए। इसका अमेरिका में विरोध हो रहा है क्योंकि 65% वोटर अपने इलाके में डेटा सेंटर नहीं चाहते - बिजली और पर्यावरण का मुद्दा है। लेकिन ट्रंप ने कंपनियों का सपोर्ट किया और कहा ये कंपनियां लोकल कम्युनिटी में बड़ा इन्वेस्टमेंट करेंगी। Nvidia के CEO जेंसन हुआंग ने तो डेटा सेंटर को “Super Intelligence Factories” बता दिया और कहा ये अमेरिका को फिर से इंडस्ट्रियल बना रहे हैं। ट्रंप ने एक Executive Order साइन करके सभी सरकारी विभागों को आदेश दिया है कि अब ऑफिशियल कागजों, वेबसाइटों और रिपोर्ट में Artificial Intelligence शब्द का इस्तेमाल बंद करो।

अब इसकी जगह “Super Intelligence” और “SI” लिखा जाएगा। ट्रंप ने कहा था कि ‘Artificial’ शब्द से लगता है जैसे ये नकली है। ये सिर्फ नाम बदलना नहीं है। टेक्नोलॉजी की दुनिया में Superintelligence का मतलब होता है इंसान से भी ज्यादा ताकतवर सिस्टम। इसलिए एक्सपर्ट पूछ रहे हैं कि क्या सरकार पहले ही मान रही है कि AI इंसान को पार कर चुका है? इतना ही नहीं, ट्रंप और शी जिनपिंग की मीटिंग में भी दोनों देश इस नए नाम “Super Intelligence” पर सहमत हुए हैं। आने वाले दिनों में अमेरिका में AI पर कोई सख्त कानून नहीं आएगा, कंपनियां खुद को रेगुलेट करेंगी। दूसरा, आपके शहर के पास बड़े-बड़े AI डेटा सेंटर बनेंगे। और तीसरा, अब दुनिया में AI को SI कहा जाएगा - ट्रंप का ये दांव अमेरिका को AI की भाषा का मालिक बनाने का है।

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