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सोमवार, 5 अक्टूबर 2026 · रात 2:37 · नई दिल्ली संस्करण

Bill Gates का सबसे खतरनाक बयान: AI बना बायो-हथियार तो जा सकती है 100 करोड़ लोगों की जान!

राष्ट्रीय सागर डेस्क3 मिनट का पठन
Bill Gates का सबसे खतरनाक बयान:  AI बना बायो-हथियार तो जा सकती है 100 करोड़ लोगों की जान!

आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) को लेकर दुनिया भर में बहस तेज है और अब माइक्रोसॉफ्ट के फाउंडर बिल गेट्स ने इसे लेकर सबसे खतरनाक चेतावनी दी है। बिल गेट्स ने कहा है कि AI इतना पावरफुल हो चुका है कि गलत हाथों में पड़ने पर यह 100 करोड़ लोगों की जान ले सकता है। गेट्स ने यह बयान अमेरिकी न्यूज चैनल NBC के शो 'Meet The Press' में दिया। उनसे पूछा गया कि क्या AI इंसानियत के लिए खतरा बन सकता है, तो उन्होंने कहा, "AI is certainly powerful enough to drive events that cause a billion deaths." यानी AI निश्चित तौर पर इतना ताकतवर है कि वह ऐसी घटनाओं को अंजाम दे सकता है जिससे एक अरब लोगों की मौत हो जाए।

गेट्स ने साफ किया कि AI पूरी 100% मानवता को खत्म कर देगा, ऐसा कहना मुश्किल है, लेकिन इतिहास में कभी भी ऐसा हथियार नहीं रहा, जितना खतरनाक बुरे इरादे वाले लोगों के हाथ में लेटेस्ट AI टूल्स का कॉम्बिनेशन है। उन्होंने कहा कि यह खतरा किसी रोबोट के खुद बागी हो जाने का नहीं है, बल्कि इंसानों द्वारा AI को हथियार की तरह इस्तेमाल करने का है। बिल गेट्स का सबसे बड़ा डर बायो-टेररिज्म को लेकर है। उन्होंने कहा, "काश अच्छे और बुरे इरादे में फर्क करना आसान होता।" उनका मतलब था कि एक अच्छा वैज्ञानिक AI का इस्तेमाल किसी बीमारी की नई दवा बनाने के लिए करना चाहता है और एक आतंकवादी उसी AI का इस्तेमाल जैविक हथियार बनाने के लिए कर सकता है। AI दोनों में एक जैसी मदद करेगा।

AI अब साइंटिफिक पेपर पढ़ सकता है, जटिल बायोलॉजी समझ सकता है और लैब में होने वाले रिसर्च को ऑटोमेट कर सकता है। इससे दवा बनाना आसान हुआ है, लेकिन इसी से खतरनाक वायरस बनाना भी आसान हो गया है। गेट्स ने कहा कि अगर सही निगरानी नहीं हुई तो कोई भी आतंकी संगठन AI की मदद से जैविक हथियार बना सकता है। पिछले हफ्ते ही AI कंपनी Anthropic की एक रिपोर्ट में दावा किया गया था कि ईरान समर्थित हूती विद्रोहियों ने AI का इस्तेमाल गाइडेड बैलिस्टिक मिसाइल बनाने की कोशिश में किया था। बिल गेट्स ने अमेरिकी सरकार से अपील की है कि वह AI पर सख्त कानून बनाए। उन्होंने कहा कि कंपनियों का खुद से बनाए गए नियम यानी सेल्फ-रेगुलेशन काफी नहीं है। "No one thinks self-regulation is enough," गेट्स ने कहा।

सरकार, पुलिस और नेताओं को मिलकर तय करना होगा कि AI की निगरानी कैसे होगी। यह इंडस्ट्री पर थोड़ा बोझ डालेगा, लेकिन इससे उनका विकास बहुत धीमा नहीं होगा। इस मुद्दे पर टेक इंडस्ट्री बंटी हुई है। Anthropic के CEO डारियो अमोदेई और OpenAI के CEO सैम ऑल्टमैन भी गेट्स की तरह AI की रफ्तार धीमी करने और सरकारी निगरानी की मांग कर रहे हैं। वहीं मेटा के मार्क जुकरबर्ग और राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का मानना है कि ज्यादा नियम लगाने से अमेरिका AI रेस में चीन से पिछड़ जाएगा। गेट्स ने इसका जवाब देते हुए कहा कि सही नियम से अमेरिका की बढ़त कम नहीं होगी। इंडस्ट्री खुद कह रही है कि सेफ्टी को लागू करना बहुत मुश्किल काम नहीं है।

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