मुख्य सामग्री पर जाएँ
ब्रेकिंग
Rajasthan Panchayat Election 2026: पंचायत चुनाव का ऐलान, 4 चरणों में होगी वोटिंग, जानिए पूरा शेड्यूलमुंबई में CJP का प्रदर्शन पड़ा भारी! जेल भरो आंदोलन पर FIR, आयोजकों में हड़कंपज्ञानेश कुमार पर चले लोकतंत्र की हत्या का मुकदमा! प्रमोद तिवारी का बड़ा हमलाBJP का झंडा उतारने वाले संजयन त्रिपाठी अब साइकिल पर सवार, समाजवादी पार्टी में हुए शामिलCM Yogi का बड़ा तोहफा: 4.60 लाख छात्रों के खाते में आई छात्रवृत्ति, आपके खाते में आई क्या? चेक करेंNoida: सुपरनोवा की 43वीं मंजिल से युवक ने लगाई छलांग, मौके पर दर्दनाक मौत, सोसाइटी में हड़कंपमुंबई प्रदर्शन के बाद CJP का दिल्ली कूच का ऐलान, अभिजीत दिपके ने कही ये बड़ी बातगठबंधन में फूट! रायबरेली से डरते थे राहुल गांधी! सपा नेता का बड़ा खुलासा, अखिलेश ने दी थी धमकी

सोमवार, 5 अक्टूबर 2026 · सुबह 8:40 · नई दिल्ली संस्करण

हरियाणा में विकास परियोजनाओं की गुणवत्ता पर युवा नजर: “चीफ मिनिस्टर इंजीनियरिंग प्रोजेक्ट क्वालिटी मॉनिटर” योजना को मंज़ूरी

राष्ट्रीय सागर डेस्क2 मिनट का पठन
हरियाणा में विकास परियोजनाओं की गुणवत्ता पर युवा नजर: “चीफ मिनिस्टर इंजीनियरिंग प्रोजेक्ट क्वालिटी मॉनिटर” योजना को मंज़ूरी

हरियाणा में विकास परियोजनाओं की गुणवत्ता पर युवा नजर: “चीफ मिनिस्टर इंजीनियरिंग प्रोजेक्ट क्वालिटी मॉनिटर” योजना को मंज़ूरी

Youth to monitor quality of development projects in Haryana Approval granted for the Chief Minister Engineering Project Quality Monitor scheme.

चंडीगढ़/नई दिल्ली, 11 जुलाई 2025:हरियाणा सरकार ने राज्य‑स्तरीय विकास कार्यों में गुणवत्ता और समयबद्धता सुनिश्चित करने के लिए एक नई पहल की घोषणा की है। मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी की अध्यक्षता में हुई गुणवत्ता आश्वासन प्राधिकरण की बैठक में तय हुआ कि योग्य युवाओं को “Chief Minister Engineering Project Quality Monitors” बनाया जाएगा, जो निर्माण‑स्थलों पर तकनीकी मानदंडों की सीधी निगरानी करेंगे। चयन के लिए GATE पात्रता जैसे पारदर्शी पैमाने अपनाए जाएंगे।

मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि बिना सक्षम अनुमति किसी भी अनुबंध राशि में बढ़ोतरी या गलत अनुमान पाए जाने पर जिम्मेदार अधिकारी‑कंसल्टेंट दोनों के विरुद्ध चार्जशीट व अनिवार्य सेवानिवृत्ति तक की कार्रवाई होगी। 100 करोड़ रुपये से अधिक की सभी परियोजनाओं का तकनीकी गुणवत्ता ऑडिट अनिवार्य रूप से कराया जाएगा, और प्रगति अंक प्रणाली से जोड़कर ठेकेदारों को भुगतान किया जाएगा। किसी कमी की स्थिति में न केवल ठेकेदार ब्लैकलिस्ट होंगे, बल्कि जिम्मेदार सरकारी अफसर की एसीआर में भी तथ्य दर्ज किया जाएगा।

अप्रैल 2023 में गठित गुणवत्ता आश्वासन प्राधिकरण पहले ही सड़कों, भवनों, जलापूर्ति, सिंचाई, सीवरेज, बिजली प्रसारण‑वितरण जैसे सात प्रमुख क्षेत्रों के लिए मानक संचालन प्रक्रियाएँ तैयार कर चुका है। अब प्राधिकरण नवीनतम डिजिटल टूल्स अपनाकर तीसरे‑पक्ष निरीक्षण एजेंसियों और प्रशिक्षित क्वालिटी मॉनिटरों का पैनल बनाएगा। नव‑नियुक्त जूनियर इंजीनियरों व उप‑मंडल अभियंताओं के लिए हिपा के माध्यम से क्षमता‑निर्माण कार्यशालाएँ भी शुरू की गई हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा, “सरकार किसी भी कीमत पर गुणवत्ता से समझौता नहीं करेगी। युवा मॉनिटर अपनी ऊर्जा और नवीन दृष्टिकोण से इस लक्ष्य के प्रहरी बनेंगे।” बैठक में लोक निर्माण मंत्री रणबीर गंगवा, मुख्य सचिव अनुराग रस्तोगी, प्राधिकरण अध्यक्ष राजीव अरोड़ा सहित वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे। योजना के लागू होते ही हरियाणा में सार्वजनिक अवसंरचना परियोजनाओं के मानक और पारदर्शिता, दोनों के सुदृढ़ होने की उम्मीद है।

यह ख़बर दूसरों तक पहुँचाएँ

WhatsAppFacebookX

संबंधित ख़बरें