हैदराबाद में गरजे अमित शाह- 'राहुल गांधी की रैली वोट बचाओ नहीं, घुसपैठिया बचाओ रैली थी...'
गृह मंत्री अमित शाह ने दिल्ली में हुई INDIA गठबंधन की 'वोट बचाओ' रैली को 'घुसपैठिया बचाओ' रैली बताया। हैदराबाद में बीजेपी पदयात्रा के बाद उन्होंने कहा, कांग्रेस SIR रोककर 3 करोड़ बांग्लादेशी घुसपैठियों को बचाना चाहती है। राहुल गांधी के 13 करोड़ वोट काटने के आरोप पर शाह ने कहा - 6.25 करोड़ शिफ्ट हुए, 2.8 करोड़ मृत, 1 करोड़ डुप्लीकेट हैं।

हैदराबाद। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने दिल्ली के रामलीला मैदान में हुई विपक्षी INDIA गठबंधन की 'वोट बचाओ' रैली को 'घुसपैठिया बचाओ रैली' करार देते हुए कांग्रेस और राहुल गांधी पर बड़ा हमला बोला है। तेलंगाना में बीजेपी की 'लोकतंत्र बचाओ, अराजकता हटाओ' पदयात्रा के समापन पर हैदराबाद में जनसभा को संबोधित करते हुए अमित शाह ने कहा कि कांग्रेस SIR को रोककर बांग्लादेशी घुसपैठियों को बचाना चाहती है। अमित शाह ने कहा, "कल दिल्ली में राहुल गांधी ने रैली की और कहा ये वोट बचाओ रैली है। अरे कांग्रेस वालों ये वोट बचाओ रैली नहीं थी, बल्कि घुसपैठिया बचाओ रैली थी।"
उन्होंने कहा कि राहुल गांधी और तेलंगाना के मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी जितना जोर लगाना है लगा लें, बीजेपी एक-एक घुसपैठिये को मतदाता सूची और देश से बाहर निकाल कर रहेगी। राहुल गांधी के 13 करोड़ वोट काटे जाने के आरोप पर अमित शाह ने विस्तार से जवाब दिया। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी झूठ बोल रहे हैं। अमित शाह ने ब्रेकअप देते हुए कहा - सवा 6 करोड़ वोट ऐसे हैं जो दूसरी जगह रहने चले गए हैं। क्या उन्हें दो जगह वोट डालने का अधिकार है? 2.8 करोड़ से ज्यादा लोग ऐसे हैं जिनकी मृत्यु हो चुकी है। जो इस दुनिया में ही नहीं है, वो वोट कैसे देगा? 1 करोड़ वोट ऐसे हैं जिनकी डुप्लीकेट एंट्री है। 3 करोड़ वोट ऐसे हैं जो हैं ही नहीं, ये बांग्लादेशी घुसपैठिए हैं।
शाह ने कहा, "कांग्रेस पार्टी बोगस वोटिंग के जरिए चुनाव पर कब्जा करना चाहती है। राहुल बाबा के पेट में दर्द इसी 3 करोड़ घुसपैठियों के लिए हो रहा है। वो कह रहे हैं इनको मत हटाओ।" कांग्रेस द्वारा मुख्य चुनाव आयुक्त के खिलाफ आयोजित की गई मॉक पार्लियामेंट और मॉक इम्पीचमेंट पर भी अमित शाह ने तंज कसा। उन्होंने कहा, "राहुल जी, दो दिन पहले आपने मॉक पार्लियामेंट की थी। अगर मुझसे पूछते तो मैं कहता आप मॉक पार्लियामेंट में ही प्रधानमंत्री बन जाते। असली संसद में आपका नंबर कभी नहीं आने वाला। कम से कम वहां बन जाते तो सोनिया जी के दिल को शांति मिल जाती।"
उन्होंने विपक्ष को संसद के विशेष सत्र की चुनौती भी दी। अमित शाह ने कहा, "मैं हैदराबाद की धरती से चुनौती देता हूं, हम स्पेशल सेशन बुलाने को तैयार हैं। आइए चर्चा कीजिए। लेकिन वो चर्चा नहीं करेंगे क्योंकि उन्हें पता है सिर्फ अराजकता से ही वो खबरों में रह सकते हैं। अगर संसद चलेगी तो पीएम मोदी उनकी धज्जियां उड़ा देंगे।" अपने भाषण की शुरुआत में अमित शाह ने मां भाग्यलक्ष्मी और सरदार पटेल को नमन किया। उन्होंने कहा कि अगर सरदार पटेल ने निजाम को झुकाया न होता तो आज हैदराबाद भारत का हिस्सा नहीं होता।
गृह मंत्री ने कहा कि जब 2014 में मोदी जीते थे तब कोई SIR नहीं हुआ था। ईवीएम पर सवाल उठाने वालों को घेरते हुए उन्होंने कहा कि अगर ईवीएम में गड़बड़ी है तो तेलंगाना में रेवंत रेड्डी कैसे जीते, केरल, तमिलनाडु और हिमाचल में कांग्रेस कैसे जीती। बीजेपी का यह शक्ति प्रदर्शन दिल्ली में 1 नवंबर को हुई INDIA गठबंधन की रैली के जवाब में माना जा रहा है, जिसमें SIR प्रक्रिया और वोटर लिस्ट में गड़बड़ी का मुद्दा उठाया गया था।




