Clock Vastu: उत्तर या दक्षिण? जानिए घड़ी लगाने की सही दिशा वरना हो जाएंगे कंगाल, जानें सही नियम
वास्तु के अनुसार घड़ी लगाने की सबसे शुभ दिशा उत्तर है, जिसे धन के देवता कुबेर की दिशा माना जाता है। इससे आर्थिक तंगी दूर होती है। दूसरी शुभ दिशा पूर्व है, जो सूर्य की दिशा है और तरक्की लाती है। दक्षिण दिशा में भूलकर भी घड़ी न लगाएं, इसे यम की दिशा माना जाता है जिससे तनाव और धन हानि होती है। दरवाजे के ऊपर, बंद या टूटी घड़ी भी कंगाली का कारण बनती है।

घर में घड़ी सिर्फ समय देखने के लिए नहीं होती, वास्तु शास्त्र में इसे ऊर्जा का बड़ा स्रोत माना गया है। घर में घड़ी किस दिशा में लगी है, किस हालत में है, इसका सीधा असर परिवार की तरक्की, पैसों और आपसी रिश्तों पर पड़ता है। गलत दिशा में लगी घड़ी कंगाली, तनाव और बीमारी तक ला सकती है। वास्तु शास्त्र के अनुसार घड़ी लगाने के लिए सबसे अच्छी दिशा उत्तर दिशा है। उत्तर दिशा को धन के देवता कुबेर की दिशा माना जाता है। मान्यता है कि इस दिशा में घड़ी लगाने से आर्थिक तंगी दूर होती है, करियर में तरक्की के रास्ते खुलते हैं और घर में पॉजिटिव एनर्जी बनी रहती है।
उत्तर के बाद दूसरी सबसे अच्छी दिशा पूर्व दिशा है। पूर्व दिशा का संबंध सूर्य देव से है, जो रोशनी और नई शुरुआत के प्रतीक हैं। यहां घड़ी लगाने से घर में मां लक्ष्मी का वास होता है, सोच पॉजिटिव होती है और बच्चों की पढ़ाई में आ रही बाधा दूर होती है। अगर इन दोनों दिशाओं में जगह न हो तो उत्तर-पूर्व यानी ईशान कोण में घड़ी लगा सकते हैं। यह दिशा पूजा-पाठ और अच्छी ऊर्जा से जुड़ी होती है। पश्चिम दिशा में भी मजबूरी में घड़ी लगाई जा सकती है, लेकिन पहली प्राथमिकता उत्तर और पूर्व को ही दें।
दक्षिण दिशा में घड़ी लगाना वास्तु में सबसे अशुभ माना गया है। दक्षिण दिशा को यमराज की दिशा कहा जाता है, जो नकारात्मक ऊर्जा लेकर आती है। मान्यता है कि यहां घड़ी लगाने से परिवार में लड़ाई-झगड़े, तनाव बढ़ते हैं, बिजनेस में रुकावट आती है और अचानक धन हानि होने लगती है। पैसा टिकता नहीं है। सिर्फ दक्षिण ही नहीं, घर के मुख्य दरवाजे या किसी भी दरवाजे की चौखट के ठीक ऊपर घड़ी नहीं लगानी चाहिए। वास्तु कहता है कि घड़ी के नीचे से गुजरने वाले व्यक्ति पर नकारात्मक ऊर्जा का असर पड़ता है, जिससे निराशा और असफलता आती है।
बेड के ठीक सामने या तकिए के नीचे भी घड़ी रखकर सोना गलत है। रुकी हुई घड़ी जीवन में ठहराव लाती है। बंद, टूटी या टूटे कांच वाली घड़ी गरीबी और दरिद्रता का संकेत है। घड़ी पर धूल-जाला न जमने दें। जाले भी कंगाली लाते हैं। घड़ी का समय हमेशा सही रखें, 1-2 मिनट आगे-पीछे करके न चलाएं। गोल और अंडाकार घड़ी सबसे शुभ मानी जाती है क्योंकि यह निरंतरता और सकारात्मक ऊर्जा का प्रतीक है। तिकोनी या टेढ़ी-मेढ़ी डिजाइन की घड़ी से घर में कलह बढ़ता है। पेंडुलम वाली घड़ी ड्राइंग रूम के लिए बहुत अच्छी मानी जाती है।
काले, नीले और गहरे लाल रंग की घड़ी अशुभ मानी जाती है। सफेद, क्रीम, हल्का हरा, आसमानी, हल्का पीला और हल्का भूरा रंग शुभ होता है। घड़ी इस तरह लगाएं कि उसका मुंह पश्चिम की तरफ रहे, ताकि देखते समय आपका मुंह पूर्व या उत्तर की तरफ हो। सही दिशा और सही हालत में लगी घड़ी आपके बुरे वक्त को भी अच्छे वक्त में बदल सकती है। Disclaimer: यहां दी गई जानकारी वास्तु मान्यताओं और लोक मान्यताओं पर आधारित है।
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