जेल से ही टिकट बांट रहे हैं आजम खान! अखिलेश को दी 15 नामों की लिस्ट
रामपुर जेल में 22 अक्टूबर को अखिलेश यादव ने आजम खान से एक घंटे मुलाकात की। इससे पहले तंजीन फातिमा ने अखिलेश को आजम की बनाई 15 नामों की लिस्ट सौंपी थी, जिसमें रामपुर, संभल, मुरादाबाद, सहारनपुर की सीटों के उम्मीदवार हैं। जेल में दोनों में 403 सीटों, कांग्रेस की 172 सीटों वाली गठबंधन लिस्ट और पश्चिमी यूपी के मुस्लिम वोट बैंक पर चर्चा हुई। आजम ने टिकट पर अपनी राय रखी, जबकि भाजपा ने इस मुलाकात पर सपा को घेरा।

उत्तर प्रदेश में 2027 विधानसभा चुनाव से पहले सियासत गरमा गई है। समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने 22 अक्टूबर 2026 को रामपुर जिला जेल में बंद पार्टी के कद्दावर नेता आजम खान से मुलाकात की। करीब एक घंटे तक चली इस मुलाकात ने यूपी की राजनीति में कई सवाल खड़े कर दिए हैं। दरअसल, इस मुलाकात से कुछ दिन पहले ही आजम खान की पत्नी और पूर्व राज्यसभा सांसद तंजीन फातिमा ने लखनऊ में अखिलेश यादव से मिलकर 15 नामों की एक लिस्ट सौंपी थी। बताया जा रहा है कि यह लिस्ट आजम खान ने ही जेल से तैयार की है। इसमें रामपुर, संभल, मुरादाबाद, सहारनपुर, मेरठ और बदायूं जिलों की विधानसभा सीटों के लिए संभावित उम्मीदवारों के नाम हैं।
अखिलेश यादव दोपहर 1:20 बजे हेलीकॉप्टर से रामपुर पहुंचे और सीधे जेल गए। जेल में आजम खान से मुलाकात के बाद उन्होंने मीडिया से कहा, "आजम थे, आजम हैं और आजम रहेंगे। कोई फर्जी मुकदमा लंबे समय तक उन्हें कैद नहीं रख सकता।" अखिलेश ने यह भी कहा कि आजम खान के परिवार पर जितना अन्याय हुआ है, उतना किसी और राजनीतिक परिवार पर नहीं हुआ। सूत्रों के मुताबिक, दोनों नेताओं के बीच सिर्फ 15 नामों की लिस्ट पर ही नहीं, बल्कि पूरे उत्तर प्रदेश की 403 विधानसभा सीटों पर चर्चा हुई। आजम खान पश्चिमी यूपी के 25 से 30 सीटों पर सीधा असर रखते हैं। इन सीटों पर मुस्लिम वोट बैंक को कैसे एकजुट रखना है, इस पर मंथन हुआ। आजम ने बताया कि कौन से मौजूदा विधायकों से कार्यकर्ता नाराज हैं।
अखिलेश ने बताया कि कांग्रेस ने गठबंधन के लिए 172 सीटों का एक प्रारंभिक खाका दिया है। इस पर भी आजम खान से राय ली गई। चर्चा है कि अखिलेश इसी लिस्ट को लेकर आजम के पास गए थे। अखिलेश ने जेल से बाहर आकर कहा भी था कि गठबंधन सहयोगियों से मिली उम्मीदवारों की सूची पर आजम से चर्चा हुई है। आजम खान ने साफ कहा है कि टिकट फाइनल करने से पहले उनसे बात की जाए। हालांकि अखिलेश ने अभी तक यह तय नहीं किया है कि वह आजम की सभी सिफारिशें मानेंगे या नहीं, क्योंकि 2024 लोकसभा चुनाव में उन्होंने आजम की नाराजगी के बावजूद मौलाना मोहिबुल्लाह नदवी को रामपुर से टिकट दिया था और जिताया भी था।
आजम खान इस समय अपने बेटे अब्दुल्ला आजम के साथ दोहरे पैन कार्ड मामले में 7 साल की सजा काट रहे हैं। उन पर करीब 100 से ज्यादा मुकदमे दर्ज हैं। इस मुलाकात के बाद भाजपा ने भी हमला बोला है। भाजपा महासचिव विनोद तावड़े ने आरोप लगाया कि सपा अगर सत्ता में आई तो आजम खान को गृहमंत्री बनाएगी। वहीं सपा के रामपुर जिलाध्यक्ष अजय सागर का कहना है कि अगर आजम को नजरअंदाज किया गया तो चुनाव में नुकसान होगा। कुल मिलाकर यह मुलाकात सिर्फ एक औपचारिक मुलाकात नहीं थी। जेल से निकली 15 नामों की लिस्ट ने पश्चिमी यूपी में टिकट के दावेदारों की धड़कनें बढ़ा दी हैं। अब देखना यह है कि अखिलेश यादव आजम की इस लिस्ट को कितनी तरजीह देते हैं।
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- #उत्तर प्रदेश में 2027 विधानसभा चुनाव से पहले सियासत गरमा गई है। समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने 22 अक्टूबर 2026 को रामपुर जिला जेल में बंद पार्टी के कद्दावर नेता आजम खान से मुलाकात की। करीब एक घंटे तक चली इस मुलाकात ने यूपी की राजनीति में कई सवाल खड़े कर दिए हैं। दरअसल
- #इस मुलाकात से कुछ दिन पहले ही आजम खान की पत्नी और पूर्व राज्यसभा सांसद तंजीन फातिमा ने लखनऊ में अखिलेश यादव से मिलकर 15 नामों की एक लिस्ट सौंपी थी। बताया जा रहा है कि यह लिस्ट आजम खान ने ही जेल से तैयार की है। इसमें रामपुर
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- #मेरठ और बदायूं जिलों की विधानसभा सीटों के लिए संभावित उम्मीदवारों के नाम हैं। अखिलेश यादव दोपहर 1:20 बजे हेलीकॉप्टर से रामपुर पहुंचे और सीधे जेल गए। जेल में आजम खान से मुलाकात के बाद उन्होंने मीडिया से कहा
- #"आजम थे
- #आजम हैं और आजम रहेंगे। कोई फर्जी मुकदमा लंबे समय तक उन्हें कैद नहीं रख सकता।" अखिलेश ने यह भी कहा कि आजम खान के परिवार पर जितना अन्याय हुआ है




