दीवाली बाद से यूपी में चुनावी शंखनाद: BJP का मेगा प्लान तैयार, 18 मंडलों में गरजेंगे मोदी-शाह...
यूपी में सत्ता की हैट्रिक के लिए बीजेपी ने 'मिशन 2027' लॉन्च किया है। कमान पीएम मोदी और अमित शाह संभालेंगे। प्लान के तहत मोदी 18 मंडलों में रैली और शाह 6 क्षेत्रों में बूथ सम्मेलन करेंगे। मेगा माइक्रोमैनेजमेंट में हर 50 परिवार पर एक कार्यकर्ता, 23 हजार कमजोर बूथों पर फोकस और 1918 मंडलों में रात्रि प्रवास होगा। प्रचार का आगाज दीवाली बाद 20 नवंबर से होगा।

उत्तर प्रदेश में सत्ता की हैट्रिक लगाने के लिए बीजेपी ने कमर कस ली है। 2027 के विधानसभा चुनाव के लिए पार्टी ने जो मेगा प्लान बनाया है, उसकी कमान खुद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृहमंत्री अमित शाह संभालेंगे। लखनऊ में प्रदेश कार्यसमिति की बैठक के बाद बीजेपी ने चुनावी मशीनरी को बूथ तक एक्टिव करने की तैयारी शुरू कर दी है। बीजेपी की रणनीति के मुताबिक, पीएम मोदी प्रदेश की सभी 18 कमिश्नरियों (मंडलों) में जनसभा करेंगे। ये रैलियां 20 नवंबर के बाद, दीवाली के तुरंत बाद शुरू होंगी। पहली रैली पश्चिमी यूपी से शुरू होने की संभावना है। पीएम मोदी के साथ ही अमित शाह भी यूपी के रण में उतरेंगे।
शाह पहले चरण में पार्टी के 6 संगठनात्मक क्षेत्रों - पश्चिमी यूपी, ब्रज, अवध, कानपुर, काशी और गोरखपुर में क्षेत्रवार सभाएं और बूथ सम्मेलन करेंगे। इसके अलावा बीजेपी अध्यक्ष नितिन नवीन, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, राष्ट्रीय महामंत्री और यूपी प्रभारी विनोद तावड़े भी मैदान में रहेंगे। अमित शाह की मौजूदगी में ही 30 अक्टूबर को लोहिया विधि विश्वविद्यालय में हुई प्रदेश कार्यसमिति में इस मेगा प्लान का खाका खींचा गया था। विनोद तावड़े ने साफ कहा है - ये माइक्रोमैनेजमेंट का चुनाव है। बीजेपी का फोकस अब बड़ी रैलियों के साथ-साथ घर-घर पहुंच पर होगा।
50 परिवार = 1 कार्यकर्ता: पार्टी का सबसे बड़ा प्लान है डोर-टू-डोर संपर्क। हर 50 परिवार पर एक कार्यकर्ता की जिम्मेदारी तय की गई है। कार्यकर्ता को केंद्र और योगी सरकार की योजनाओं के लाभार्थियों से मिलना और फीडबैक लेना होगा। 23 हजार फोकस बूथ: प्रदेश में 23 हजार ऐसे बूथ चिन्हित किए गए हैं जहां बीजेपी कमजोर रही है। इन पर विशेष रणनीति बनेगी। 1918 मंडलों में प्रवास: प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी ने निर्देश दिया है कि प्रदेश के सभी 1918 मंडलों में कार्यकर्ता रात्रि प्रवास करेंगे, चौपाल लगाएंगे और मतदाता सूची के SIR (विशेष गहन पुनरीक्षण) पर काम करेंगे।
सोशल प्रकोष्ठों की एंट्री: माइक्रोमैनेजमेंट की कमान मध्य प्रदेश के पूर्व अध्यक्ष वीडी शर्मा को दी गई है। वे जातीय, सामाजिक और पेशेवर समूहों - जैसे वकील, डॉक्टर, व्यापारी - तक पहुंचने के लिए प्रकोष्ठों के जरिए प्लान बनाएंगे। जमीनी माहौल बनाने के लिए 3 नवंबर से सभी 6 क्षेत्रों में 'लोकतंत्र बचाओ, अराजकता हटाओ' अभियान के तहत विशाल पदयात्राएं निकलेंगी। हर पदयात्रा में 25 हजार लोगों की भीड़ जुटाने का टारगेट है। इसके अलावा महिला और युवा मोर्चा के कार्यकर्ताओं को विधानसभा स्तर पर प्रवासी बनाया जाएगा। कुल मिलाकर बीजेपी 2014 और 2017 वाले फॉर्मूले को फिर दोहराना चाहती है - ऊपर मोदी-शाह का करिश्मा और नीचे बूथ लेवल का मजबूत जाल।




