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शुक्रवार, 30 अक्टूबर 2026 · रात 8:08 · नई दिल्ली संस्करण

UP में Amit Shah का डबल दांव: योगी मॉडल की तारीफ बोले - योगी हैं बेस्ट...2029 में मोदी की वापसी का ऐलान

यूपी में अमित शाह ने 2029 का एजेंडा सेट कर दिया। उन्होंने योगी आदित्यनाथ की कानून-व्यवस्था और विकास को लेकर जमकर तारीफ की और कहा कि यूपी बीमारू से उत्तम प्रदेश बना है। इससे योगी को लेकर चल रही अटकलों पर विराम लगा। साथ ही शाह ने साफ कहा कि 2029 में भी मोदी ही एनडीए का चेहरा होंगे और चौथी बार सरकार बनेगी। संगठन को मजबूत कर शाह ने बूथ स्तर पर जुटने का संदेश दिया।

राष्ट्रीय सागर डेस्क3 मिनट का पठन
UP में Amit Shah का डबल दांव: योगी मॉडल की तारीफ बोले - योगी हैं बेस्ट...2029 में मोदी की वापसी का ऐलान

उत्तर प्रदेश की राजनीति एक बार फिर केंद्र में है। और इस बार केंद्र में हैं खुद गृह मंत्री अमित शाह। पिछले कुछ दिनों में यूपी के दौरे और बयानों से अमित शाह ने 2029 का एजेंडा साफ करना शुरू कर दिया है, जिसमें दो मैसेज बिल्कुल क्लियर हैं - पहला, योगी आदित्यनाथ यूपी के निर्विवाद नेता हैं, और दूसरा, 2029 में भी नरेंद्र मोदी ही एनडीए का चेहरा हैं। दरअसल, पिछले कुछ महीनों में सियासी गलियारों में अटकलें तेज थीं कि यूपी में योगी और संगठन के बीच सब कुछ ठीक नहीं है। लोकसभा चुनाव 2024 में यूपी में बीजेपी को लगे झटके के बाद इन चर्चाओं को और हवा मिली। इसी पृष्ठभूमि में अमित शाह का यूपी दौरा और योगी की खुलकर तारीफ करना बेहद अहम माना जा रहा है।



लखनऊ में एक कार्यक्रम के दौरान अमित शाह ने कहा कि योगी आदित्यनाथ ने उत्तर प्रदेश में कानून व्यवस्था को लेकर जो मॉडल स्थापित किया है, वह पूरे देश के लिए उदाहरण है। उन्होंने कहा कि कभी बीमारू राज्य कहा जाने वाला यूपी आज योगी जी के नेतृत्व में उत्तम प्रदेश बनने की ओर अग्रसर है। शाह ने माफिया राज खत्म करने, इंवेस्टमेंट लाने और धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए योगी सरकार की पीठ थपथपाई। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यह सिर्फ तारीफ नहीं, बल्कि एक क्लियर सिग्नल है। शाह ने इस बयान से दो काम किए। पहला, योगी विरोधी खेमे को संदेश दिया कि नेतृत्व को लेकर कोई कन्फ्यूजन नहीं है। योगी ही 2027 के विधानसभा चुनाव में भी बीजेपी का चेहरा होंगे। दूसरा, कार्यकर्ताओं को एकजुटता का संदेश दिया।



इसी के साथ शाह ने 2029 का पत्ता भी खोल दिया। उन्होंने एक रैली में कहा कि विपक्ष 2029 की तैयारी कर रहा है, लेकिन मैं आज बता रहा हूं, 2029 में भी मोदी जी के नेतृत्व में ही एनडीए तीसरी बार नहीं, चौथी बार सरकार बनाएगा। यह बयान ऐसे समय में आया है जब विपक्ष इंडिया गठबंधन को मजबूत करने और चेहरे को लेकर मंथन कर रहा है। शाह का 29 में मोदी कहना, बीजेपी के लिए मिशन 2029 का शंखनाद है। यूपी से यह कहना और भी महत्वपूर्ण है, क्योंकि दिल्ली का रास्ता यूपी से ही होकर जाता है। अमित शाह की रणनीति बिल्कुल स्पष्ट दिख रही है। वह यूपी में तीन लेयर पर काम कर रहे हैं। पहला - संगठन को कसना: बूथ स्तर तक कार्यकर्ताओं को सक्रिय करना, और 2024 में जो जातीय समीकरण बिगड़े थे, उन्हें साधना। पिछड़े और दलित वोटबैंक में सेंध को रोकने के लिए नई रणनीति बन रही है।



दूसरा - योगी के चेहरे पर मुहर: कानून-व्यवस्था और हिंदुत्व, दोनों ही योगी की यूएसपी है। शाह उसे राष्ट्रीय ब्रांड के तौर पर पेश कर रहे हैं ताकि योगी का कद केवल यूपी तक सीमित न रहे, बल्कि उनका काम केंद्र की उपलब्धि के रूप में भी गिना जाए। तीसरा - विपक्ष के एजेंडे को काटना: अखिलेश यादव पीडीए का नैरेटिव सेट कर रहे हैं, तो शाह राष्ट्रवाद, विकास और मोदी की गारंटी के नैरेटिव से काउंटर कर रहे हैं। कुल मिलाकर, अमित शाह ने यूपी से एक तीर से दो निशाने लगाए हैं। योगी की तारीफ कर उन्होंने आंतरिक खींचतान की खबरों पर विराम लगाया है, और 29 में मोदी कहकर उन्होंने लोकसभा चुनाव से तीन साल पहले ही बीजेपी का एजेंडा सेट कर दिया है। अब देखना यह है कि यूपी की जनता और संगठन इस डबल इंजन के डबल एजेंडे को कितनी तेजी से आगे बढ़ाता है।

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