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सोमवार, 5 अक्टूबर 2026 · सुबह 8:28 · नई दिल्ली संस्करण

केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने राज्यों के वित्त मंत्रियों के साथ की बजट पूर्व बैठक

राष्ट्रीय सागर डेस्क2 मिनट का पठन

चंडीगढ़,। केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण की अध्यक्षता में

शनिवार को नई दिल्ली में सभी राज्यों और संघ राज्य क्षेत्रों (विधायकमंडल

सहित) के वित्त मंत्रियों के साथ बजट पूर्व बैठक हुई। हरियाणा के वित्त

मंत्री जेपी दलाल भी इस बैठक में शामिल हुए।

जेपी दलाल ने बैठक में

कहा कि हरियाणा भारत की जनसंख्या का 2.09 प्रतिशत और कुल भौगोलिक क्षेत्र

का 1.34 प्रतिशत वाला एक छोटा राज्य है, फिर भी 2023-24 में अखिल भारतीय

सकल घरेलू उत्पाद में हरियाणा के जीएसडीपी का हिस्सा 3.7 प्रतिशत है और कुल

जीएसटी संग्रह में हरियाणा का योगदान 6 प्रतिशत है। दलाल ने कहा कि राज्य

सरकार ने राज्य में सामाजिक सुरक्षा को बढ़ाने के लिए कई कदम उठाए हैं।

वृद्धावस्था सम्मान भत्ता और संबंधित पेंशन को बढ़ाकर 3000 रुपये प्रतिमाह

कर दिया गया है, जो देश में सबसे अधिक है। लाभार्थियों की कुल संख्या भी

बढ़कर लगभग 32 लाख हो गई है। इसी तरह, कई सामाजिक सुरक्षा पेंशनों के लिए

बजट प्रावधान बढ़ाकर लगभग 12,000 करोड़ रुपये कर दिया गया है, जो 2024-25

के कुल बजट का 6.30 प्रतिशत है। ।

उन्होंने सुझाव देते हुए कहा कि

भारत सरकार से अनुरोध है कि या तो भारत सरकार द्वारा प्रस्तावित सामाजिक

सुरक्षा योजनाओं के तहत वित्तीय सहायता की दर बढ़ाई जाए या इस मद में राज्य

का बोझ साझा किया जाए। जेपी दलाल ने कहा कि हरियाणा एनसीआर का अभिन्न अंग

है, क्योंकि राज्य का 57 प्रतिशत भूभाग (14 जिले) एनसीआर में आता है।

वर्तमान में एनसीआर की बुनियादी ढांचे, जलापूर्ति और स्वच्छता, शहरी विकास

और कनेक्टिविटी आवश्यकताओं की मांग को पूरा करने के लिए अपने सीमित

संसाधनों से काफी मात्रा में संसाधन खर्च किए जा रहे हैं। हरियाणा सरकार

दिल्ली को मानदंडों के अनुसार पर्याप्त पानी की आपूर्ति सुनिश्चित करती है।

जेपी दलाल ने कहा कि हरियाणा सरकार ने एनसीआर क्षेत्र में

भीड़भाड़ कम करने के लिए दिल्ली के आसपास केएमपी एक्सप्रेस विकसित किया है।

कुंडली-मानेसर पलवल एक्सप्रेसवे के साथ ही पलवल से सोनीपत तक संशोधित

अनुमानित लागत 11,600 करोड़ रुपये की लागत की 122 किलोमीटर की हरियाणा रेल

ऑर्बिटल कॉरिडोर की प्रमुख परियोजना पर भी काम चल रहा है। 1000 एकड़ के

क्षेत्र में नारनौल में एकीकृत मल्टी मॉडल लॉजिस्टिक्स हब, सोनीपत के

गन्नौर में इंडिया इंटरनेशनल हॉर्टिकल्चर मार्केट, क्षेत्रीय रैपिड

ट्रांसपोर्ट सिस्टम के रूप में दिल्ली-पानीपत फास्ट रेल कॉरिडोर एनसीआर में

कार्यान्वित की जा रही अन्य प्रमुख परियोजनाएं हैं। इसलिए भारत सरकार

द्वारा एनसीआर में इन प्रमुख परियोजनाओं के कार्यान्वयन के लिए हरियाणा को

विशेष अनुदान सहायता देने पर विचार किया जाए।

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