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सोमवार, 5 अक्टूबर 2026 · सुबह 8:21 · नई दिल्ली संस्करण

पीएम किसान सम्मान निधि में घोटाला, फर्जी मोहर-साइन कर 8 अपात्रों को बनाया पात्र

राष्ट्रीय सागर डेस्क1 मिनट का पठन
पीएम किसान सम्मान निधि में घोटाला, फर्जी मोहर-साइन कर 8 अपात्रों को बनाया पात्र

हरिद्वार। प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना में बड़ा फर्जीवाड़ा उजागर हुआ है। सरकारी दस्तावेजों में कथित जालसाजी कर आठ अपात्र लोगों को पात्र दिखाने की साजिश का पर्दाफाश होने से प्रशासनिक तंत्र में हड़कंप मच गया। राजस्व ग्राम शिवनगर में आवेदन पत्रों पर लेखपाल के नाम से फर्जी मोहर और नकली हस्ताक्षर लगाए गए, जबकि जांच में साफ हुआ कि संबंधित राजस्व उप निरीक्षक ने न तो ये हस्ताक्षर किए और न ही मोहर लगाई।सूचना के अधिकार से सामने आए इस खुलासे ने सरकारी योजनाओं में सेंधमारी के खेल को बेनकाब कर दिया। जांच में वेदो देवी, सतीश, अमरपाल, कुसुम देवी, सुमन, नीता देवी, दुलारी देवी और ऊषा देवी के आवेदन पत्र संदेह के घेरे में आए, जिनमें सत्यापन रिपोर्ट के नाम पर कथित फर्जीवाड़ा किया गया। राजस्व उप निरीक्षक भोला कुमार ने तहसीली जांच में स्पष्ट किया कि आवेदन पत्रों पर लगी मोहर और हस्ताक्षर उनके नहीं हैं। यानी सरकारी रिकॉर्ड से छेड़छाड़ कर योजना का लाभ दिलाने की कोशिश की गई। तहसीलदार स्तर से रिपोर्ट आने के बाद मामले को गंभीर जालसाजी मानते हुए पुलिस कार्रवाई शुरू हुई।थानाध्यक्ष पथरी रविंद्र कुमार ने बताया कि राजस्व उप निरीक्षक भोला कुमार की तहरीर और तहसील जांच रिपोर्ट के आधार पर मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि सरकारी दस्तावेजों के साथ खिलवाड़ कर किसने यह खेल खेला और इसके पीछे कौन-कौन शामिल है।प्रारंभिक जांच ने साफ संकेत दिए हैं कि मामला सिर्फ फर्जी हस्ताक्षर का नहीं, बल्कि सरकारी योजना में धोखाधड़ी कर लाभ लेने के सुनियोजित प्रयास का है। यदि साजिश की परतें खुलीं तो कई चेहरे बेनकाब हो सकते हैं।

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