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सोमवार, 5 अक्टूबर 2026 · सुबह 8:19 · नई दिल्ली संस्करण

नाबार्ड वित्त पोषित योजनाओं की गुणवत्ता जांचने के लिए डीएम ने किया टीम का गठन

राष्ट्रीय सागर डेस्क1 मिनट का पठन
नाबार्ड वित्त पोषित योजनाओं की गुणवत्ता जांचने के लिए डीएम ने किया टीम का गठन

उत्तरकाशी।जिलाधिकारी प्रशांत आर्य ने बुधवार को कलेक्ट्रेट में नाबार्ड द्वारा वित्त पोषित ग्रामीण अवसंरचना विकास निधि के अंतर्गत जिले में संचालित विभिन्न विकास योजनाओं की समीक्षा बैठक ली। बैठक में जिलाधिकारी ने लोक निर्माण विभाग, जल संस्थान, शिक्षा, पशुपालन और उद्यान विभाग सहित समस्त विभागों और कार्यदायी संस्थाओं को निर्देश दिए कि ग्रामीण विकास से जुड़ी सभी परियोजनाओं में गुणवत्ता और समयबद्धता का विशेष ध्यान रखा जाए। उन्होंने स्पष्ट किया कि बुनियादी ढांचे को मजबूत करने के लिए आवंटित बजट का पारदर्शी तरीके से उपयोग सुनिश्चित किया जाना जरूरी है।बैठक में नौगांव मंडी के संचालन के मुद्दे पर कड़ा रुख अपनाते हुए जिलाधिकारी ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि यदि नौगांव मंडी का हस्तांतरण इसी माह सुनिश्चित नहीं होता है, तो मंडी समिति के संचालन को उद्यान विभाग को हस्तांतरित करने की कार्यवाही शुरू की जाएगी। उन्होंने जोर देकर कहा कि स्थानीय किसानों की सुविधा के लिए मंडी का सुचारू संचालन अनिवार्य है और इसमें किसी भी प्रकार की हीला-हवाली स्वीकार नहीं होगी।जिलाधिकारी ने योजनाओं की धरातलीय स्थिति जानने के लिए आरएफआईंडी के कार्यों की जांच हेतु एसडीएम और बीडीओ की टीमें गठित करने के निर्देश दिये जो अगले 15 दिनों के भीतर कार्यों की भौतिक प्रगति और गुणवत्ता पर अपनी रिपोर्ट सौंपेंगी। जिलाधिकारी ने नाबार्ड के अधिकारियों को निर्देशित किया कि वे संबंधित उपजिलाधिकारियों को आवंटित कार्यों की सूची तत्काल उपलब्ध कराएं, ताकि स्थलीय निरीक्षण की प्रक्रिया को त्वरित गति से पूरा किया जा सके।बैठक में डीजीएम नाबार्ड पारित गुप्ता उपस्थित रहे तथा संबंधित विभागों के समस्त जपनद स्तरीय अधिकारी वीसी के माध्यम से जुड़े।

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