मुख्य सामग्री पर जाएँ
ब्रेकिंग
Rajasthan Panchayat Election 2026: पंचायत चुनाव का ऐलान, 4 चरणों में होगी वोटिंग, जानिए पूरा शेड्यूलमुंबई में CJP का प्रदर्शन पड़ा भारी! जेल भरो आंदोलन पर FIR, आयोजकों में हड़कंपज्ञानेश कुमार पर चले लोकतंत्र की हत्या का मुकदमा! प्रमोद तिवारी का बड़ा हमलाBJP का झंडा उतारने वाले संजयन त्रिपाठी अब साइकिल पर सवार, समाजवादी पार्टी में हुए शामिलCM Yogi का बड़ा तोहफा: 4.60 लाख छात्रों के खाते में आई छात्रवृत्ति, आपके खाते में आई क्या? चेक करेंNoida: सुपरनोवा की 43वीं मंजिल से युवक ने लगाई छलांग, मौके पर दर्दनाक मौत, सोसाइटी में हड़कंपमुंबई प्रदर्शन के बाद CJP का दिल्ली कूच का ऐलान, अभिजीत दिपके ने कही ये बड़ी बातगठबंधन में फूट! रायबरेली से डरते थे राहुल गांधी! सपा नेता का बड़ा खुलासा, अखिलेश ने दी थी धमकी

सोमवार, 5 अक्टूबर 2026 · सुबह 8:16 · नई दिल्ली संस्करण

पुरोला में ‘रवांई बसंतोत्सव विकास मेला , उमड़ा जनसैलाब

राष्ट्रीय सागर डेस्क2 मिनट का पठन
पुरोला में ‘रवांई बसंतोत्सव विकास मेला , उमड़ा जनसैलाब

उत्तरकाशी। रवांई बसंतोत्सव विकास मेला “पुरोला बाजार की जातर” में इन दिनों रवांई घाटी सहित आसपास के विभिन्न क्षेत्रों से बड़ी संख्या में लोग उत्साह के साथ पहुंच रहे हैं। सांस्कृतिक कार्यक्रमों, लोक परंपराओं और रंगारंग प्रस्तुतियों के चलते मेला पूरे क्षेत्र के लिए आकर्षण का केंद्र बना हुआ है।शनिवार को आयोजित सांस्कृतिक कार्यक्रम में लोगों के आकर्षण का मुख्य केंद्र विक्की चौहान रहे। हिमाचल प्रदेश के इस प्रसिद्ध लोक गायक ने अपनी सुमधुर आवाज और लोकप्रिय पहाड़ी गीतों से श्रोताओं को मंत्रमुग्ध कर दिया। मंच से जैसे ही उनके गीतों की शुरुआत हुई, मेला परिसर तालियों और उत्साह से गूंज उठा।दर्शकों ने देर शाम तक उनके गीतों पर झूमते हुए कार्यक्रम का भरपूर आनंद लिया। कार्यक्रम में रवांई व जौनसार क्षेत्र के लोक गायकों ने भी अपनी पारंपरिक प्रस्तुतियों से स्थानीय संस्कृति की झलक पेश की। हारूल, नाटी और तांदी जैसे लोकगीतों पर युवाओं से लेकर बुजुर्गों तक सभी झूमते नजर आए। कलाकारों की प्रस्तुतियों ने यह साबित किया कि क्षेत्र की लोक परंपराएं आज भी लोगों के दिलों में जीवित हैं।सांस्कृतिक कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में रमेश चौहान जिला पंचायत अध्यक्ष, विजय बंधानी जिला पंचायत सदस्य तूनाल्का, कमलेश रावत, राजपाल पंवार, राजेश सेमवाल, अंकित पंवार सहित अन्य जनप्रतिनिधि व गणमान्य लोग उपस्थित रहे। कार्यक्रम में नवीन गैरोला, विनोद असवाल सहित सैकड़ों की संख्या में स्थानीय लोग और दूर-दराज से आए दर्शक मौजूद रहे।अतिथियों ने अपने संबोधन में कहा कि रवांई बसंतोत्सव विकास मेला केवल मनोरंजन का माध्यम नहीं, बल्कि क्षेत्र की लोक संस्कृति, परंपरा और सामाजिक एकता का प्रतीक है। इस प्रकार के आयोजनों से स्थानीय कलाकारों को मंच मिलता है और नई पीढ़ी को अपनी सांस्कृतिक विरासत से जुड़ने का अवसर प्राप्त होता है। उल्लेखनीय है कि हिमाचल प्रदेश के कलाकारों और स्थानीय लोक गायकों की संयुक्त प्रस्तुतियों ने मेले की शोभा को और बढ़ा दिया। वहीं, उत्तरकाशी जनपद के विभिन्न क्षेत्रों से पहुंचे लोगों की भारी भीड़ ने यह स्पष्ट कर दिया कि ‘पुरोला बाजार की जातर’ आज भी क्षेत्र का सबसे लोकप्रिय और सांस्कृतिक रूप से महत्वपूर्ण आयोजन बना हुआ है।

यह ख़बर दूसरों तक पहुँचाएँ

WhatsAppFacebookX

संबंधित ख़बरें