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सोमवार, 5 अक्टूबर 2026 · सुबह 8:40 · नई दिल्ली संस्करण

हरियाणा की धरती ने खेलों के जरिए देश को दिलाई विश्वस्तरीय पहचान : सीएम सैनी

राष्ट्रीय सागर डेस्क2 मिनट का पठन
हरियाणा की धरती ने खेलों के जरिए देश को दिलाई विश्वस्तरीय पहचान : सीएम सैनी

सोनीपत। हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने सोनीपत में स्थित राई स्पोर्ट्स यूनिवर्सिटी ऑफ हरियाणा में आयोजित 'नेक्स्ट जेन स्पोर्ट्स मैनेजमेंट' विषय पर आधारित कांफ्रेंस में हिस्सा लिया और मुख्य मंच से अपने विचार साझा किए। उन्होंने इस अवसर पर कहा कि इस कांफ्रेंस का उद्देश्य खेल क्षेत्र का सुस्पष्ट रोड मैप तैयार करना है, जो भारत को 2047 तक विकसित राष्ट्र बनाने में खेलों की अहम भूमिका सुनिश्चित करेगा।

मुख्यमंत्री सैनी ने कहा कि हरियाणा की धरती ने हमेशा खेलों के जरिए भारत को विश्व स्तर पर पहचान दिलाई है। राज्य के खिलाड़ियों ने अंतरराष्ट्रीय टूर्नामेंट में पदक जीतकर देश का नाम रोशन किया है। उन्होंने यह भी कहा कि 2026 के राष्ट्रमंडल खेलों और 2028 ओलंपिक में हमारे खिलाड़ी पदक तालिका में शीर्ष पर रहेंगे।

सैनी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में पिछले 11 सालों में खेल क्षेत्र में भारत की प्रगति को सराहा। उन्होंने कहा कि 65 प्रतिशत युवा जनसंख्या वाले देश में अलग रणनीति की आवश्यकता है और इसके लिए केंद्र और राज्य सरकार मिलकर काम कर रही हैं।

उन्होंने आगे कहा कि स्पोर्ट्स मैनेजमेंट का भारतीयकरण चार 'एम' पर आधारित है- मॉडल, माइंडसेट, मैनेजमेंट, मोरल वैल्यूज और मॉडर्निटी। इन्हें अपनाकर भारत अगले दशक में विश्व स्तर पर खेल प्रबंधन में नया मुकाम हासिल कर सकता है।

मुख्यमंत्री ने यह भी बताया कि हर जिले में हाई परफॉर्मेंस सेंटर, पंचायत स्तर पर मिनी स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स और मोबाइल ट्रेनिंग लैब्स के माध्यम से प्रतिभाओं को बढ़ावा दिया जा सकता है। उन्होंने कहा कि खेल अब सिर्फ खिलाड़ियों का विषय नहीं, बल्कि रोजगार का भी महत्वपूर्ण क्षेत्र बन चुका है।

ग्रामीण और महानगर क्षेत्र में सुविधाओं के अंतर को अवसर में बदलना हरियाणा सरकार की प्राथमिकता है।

सैनी ने बताया कि पिछले 11 सालों में हरियाणा सरकार ने खेलों पर 989 करोड़ रुपए खर्च किए हैं, जबकि 2014-15 में यह बजट केवल 275 करोड़ रुपए था। इस वित्त वर्ष में खेल बजट 589 करोड़ 69 लाख रुपए निर्धारित किया गया है।

राज्य में वर्तमान में 3 राज्य स्तरीय खेल परिसर, 21 जिला खेल परिसर, 25 उपमंडल स्टेडियम, 163 राजीव गांधी ग्रामीण खेल परिसर, 245 ग्रामीण स्टेडियम, 382 इनडोर जिम, 10 स्विमिंग पूल, 11 सिंथेटिक एथलेटिक्स ट्रैक, 11 हॉकी एस्ट्रो टर्फ, 2 फुटबॉल सिंथेटिक सतह और 9 बहुउद्देशीय हाल कार्यरत हैं। इसके अलावा, 16 जिलों में जिला खेल एवं युवा कार्यक्रम अधिकारी कार्यालय में सुविधा निर्माण का कार्य 3 करोड़ रुपए की लागत से किया गया है।

मुख्यमंत्री ने यह भी जानकारी दी कि 15,634 खिलाड़ियों को खेल उपकरण उपलब्ध कराए गए हैं और वर्तमान में प्रदेश में 1,489 खेल नर्सरी में 37,000 खिलाड़ी प्रशिक्षण ले रहे हैं।

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