मानसून को लेकर विभागों के बीच हो आपसी समन्वयः विनय रूहेला
देहरादून,। राज्य सलाहकार समिति, आपदा प्रबंधन विभाग के उपाध्यक्ष
विनय रूहेला ने कहा कि सरकार का लक्ष्य है कि आपदा में कम से कम जानमाल का
नुकसान हो, इसी को ध्यान में रखते हुए सभी विभागों को आपसी समन्वय और
सामंजस्य बनाते हुए कार्य करना चाहिए। उन्होंने कहा कि आपदा प्रबंधन में
सबसे महत्वपूर्ण यह है कि कितनी त्वरित गति से राहत और बचाव कार्य किए जा
रहे हैं।
शनिवार को उत्तराखंड राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण
(यूएसडीएमए) के आईटी पार्क स्थित नवीन भवन में कंट्रोल रूम (राज्य
आपातकालीन परिचालन केंद्र) में उपाध्यक्ष विनय रूहेला ने विभिन्न विभागों
के नोडल अधिकारियों के साथ आगामी मानसून सीजन को लेकर बैठक की। उन्होंने
सभी नोडल अधिकारियों से विभागीय स्तर पर मानसून को लेकर तैयारियों के संबंध
में जानकारी ली और जरूरी दिशा-निर्देश दिये।
उन्होंने
कहा कि यूएसडीएमए की नई बिल्डिंग में विश्वस्तरीय मानकों के आधार पर
आधुनिक तकनीक का प्रयोग किया गया है। उत्तराखंड आपदा के लिहाज से बेहद
संवेदनशील है और अब मानसून भी जल्द दस्तक देने वाला है। ऐसे में यूएसडीएमए
के नए भवन से संचालित होने वाला कंट्रोल रूम आपदा प्रबंधन, न्यूनीकरण और
राहत और बचाव कार्यों को संचालित करने में मील का पत्थर साबित होगा।
उन्होंने उम्मीद जताई कि यह कंट्रोल रूम 24 घंटे कार्य करते हुए आपदा
सुरक्षित उत्तराखंड के लक्ष्यों को पूरा करने की दिशा में अहम योगदान देगा।
मुख्यमंत्री जल्द करेंगे नए भवन का उद्घाटन
उत्तराखंड
राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के आईटी पार्क स्थित नवीन भवन में कंट्रोल
रूम (राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र) में आगामी मानसून सीजन के दृष्टिगत
विभिन्न विभागों के नोडल अधिकारियों की तैनाती हो गई है। मुख्यमंत्री
पुष्कर सिंह धामी जल्द ही उत्तराखंड राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के नवीन
भवन का उद्घाटन करेंगे। राज्य सलाहकार समिति, आपदा प्रबंधन विभाग के
उपाध्यक्ष विनय रूहेला ने उद्घाटन से संबंधित जरूरी तैयारियों का जायजा
लिया। उन्होंने विभिन्न कक्षों का निरीक्षण किया और यूएसडीएमए के
अधिकारियों को जरूरी दिशा-निर्देश दिए।
जिलों में जाकर परखेंगे मानसून की तैयारी
उपाध्यक्ष
ने बताया कि मानसून कभी भी दस्तक दे सकता है। ऐसे में वे स्वयं विभिन्न
जिलों में जाकर आपदा प्रबंधन से संबंधित विभिन्न कार्यों का जायजा लेंगे।
गत वर्ष के आपदा प्रबंधन संबंधित कार्यों की स्थिति क्या है और कौन-कौन से
कार्य होने शेष हैं, आदि का जायजा लेंगे।





