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सोमवार, 5 अक्टूबर 2026 · सुबह 7:37 · नई दिल्ली संस्करण

हरियाणा विधानसभा में गतिरोध पर दलबीर किरमारा की चिंता, जनता के हितों से खिलवाड़ का आरोप

राष्ट्रीय सागर डेस्क2 मिनट का पठन
हरियाणा विधानसभा में गतिरोध पर दलबीर किरमारा की चिंता, जनता के हितों से खिलवाड़ का आरोप

-विवाद छोड़कर जनता से किए गए वादों को पूरा करने की तरफ ध्यान दें जनप्रति​निधिहिसार, 23 अगस्त (हि.स.)। आम आदमी पार्टी के वरिष्ठ नेता दलबीर किरमारा ने लोकसभा और हरियाणा विधानसभा में गतिरोध को जनता के हितों के साथ खिलवाड़ बताया। उन्होंने सत्तापक्ष पर मनमानी और विपक्ष की अनदेखी का आरोप लगाते हुए दोनों पक्षों से तालमेल की अपील की।दलबीर​ किरमारा ने शनिवार को कहा कि चुनावों के समय बड़ी बड़ी बातें करने वाले नेता, अपने वादे तो पूरे नहीं करवा पाते, लेकिन जनता पर बोझ और बढ़ा देते हैं। लोकसभा व विधानसभा का पटल ऐसा पवित्र मंच है, जहां पर जनता के हित से जुड़ी योजनाओं व परियोजनाओं व कल्याण नीतियों पर चर्चा होनी चाहिए लेकिन ऐसा हो नहीं पा रहा है। सत्तापक्ष अपनी मनमानी चलाता है और विपक्ष की बात सुनने को तैयार नहीं है। विपक्ष यदि कोई मुद्दा उठाता है तो वह सत्तापक्ष को सुनना चाहिए और विपक्ष को सत्तापक्ष की आवाज सुननी चाहिए। जब सत्तापक्ष व विपक्ष दोेनों तालमेल से काम करेंगे, तभी लोकसभा व विधानसभा चल पाएगी, अन्यथा सत्र बुलाने के कोई मायने नहीं है क्योंकि बाद में सत्तापक्ष जो चाहता है, वो विधेयक बनाकर पास कर देता है या विपक्ष की अनुपस्थिति का फायदा उठाता है। दलबीर किरमारा ने कहा कि ऐसा नहीं है कि ये अब ही ऐसा हो रहा है। राजनीतिक दलों ने लोकसभा व विधानसभा को जनता के हित के लिए मंच मानने की बजाय, अपने शक्ति प्रदर्शन का स्थान मान रखा है। इसके चलते जो दल सत्ता में होता है, वो दल मनमानी चलाता है और जो विपक्ष में होता है वो वाकआउट जैसे कदम उठाता है। ऐसे में जनता के मुद्दे गौण होकर रह जाते हैं। लोकसभा के अलावा शुक्रवार को हरियाणा विधानसभा का छह बार स्थगित होना, एक रिकॉर्ड है और ऐसा पहले कभी नहीं हुआ कि एक दिन में छह बार विधानसभा स्थगित हुई हो। उन्होंने राजनीतिक दलों से अपील की कि जनता ने जिस मकसद से उन्हें चुना है, उसी तरह जनता को उम्मीद है कि उनके प्रतिनिधि उनकी मांगों व समस्याओं का हल करवाएंगे। ऐसे में जनप्रतिनिधियों को मनन करना चाहिए कि उन्होंने जनता से क्या वादे किए थे और वे पूरे करवा पा रहे हैं या नहीं।

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