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गुरुवार, 29 अक्टूबर 2026 · दोपहर 1:06 · नई दिल्ली संस्करण

संजय राउत ने CJI सूर्यकांत से मांगी माफी, SC से बोले - मुझे माफ कर दो, कोर्ट का अपमान...

CJI सूर्यकांत पर टिप्पणी मामले में शिवसेना (UBT) सांसद संजय राउत ने सुप्रीम कोर्ट से बिना शर्त माफी मांगी है। हलफनामे में कहा, कोर्ट का अपमान करने का इरादा नहीं था। विवाद लंदन में बीजेपी नेताओं के साथ बैडमिंटन खेलने वाले फर्जी वीडियो पर टिप्पणी से जुड़ा है। SCBA की याचिका पर कोर्ट ने अवमानना नोटिस जारी किया था। 28 अक्टूबर को सुनवाई में माफीनामा रिकॉर्ड पर न मिलने से कोर्ट ने राउत को 17 नवंबर को व्यक्तिगत पेशी का निर्देश दिया है।

राष्ट्रीय सागर डेस्क3 मिनट का पठन
संजय राउत ने CJI सूर्यकांत से मांगी माफी, SC से बोले - मुझे माफ कर दो, कोर्ट का अपमान...

नई दिल्ली: CJI जस्टिस सूर्यकांत पर टिप्पणी करना शिवसेना (UBT) के राज्यसभा सांसद संजय राउत को भारी पड़ गया है। अवमानना की कार्यवाही शुरू होने के बाद राउत ने सुप्रीम कोर्ट में बिना शर्त माफी मांग ली है। उन्होंने हलफनामा दाखिल कर कहा है कि उनका इरादा कभी भी कोर्ट का अपमान करने या न्यायपालिका की गरिमा को ठेस पहुंचाने का नहीं था। राउत ने अपने हलफनामे में लिखा है, "मैं पूरी तरह से बिना शर्त, बिना किसी योग्यता के और स्वेच्छा से माफी मांगता हूं। मैं सुप्रीम कोर्ट और CJI के समक्ष अत्यंत सम्मानपूर्वक क्षमा प्रार्थना करता हूं। मैं न्यायपालिका की गरिमा, स्वतंत्रता और अधिकार को बनाए रखने के महत्व को पूरी तरह समझता हूं।"



उन्होंने कहा कि उनके कुछ बयान बिना पर्याप्त पुष्टि और सावधानी के दिए गए थे, जिससे न्यायपालिका पर अनुचित टिप्पणी होने की संभावना बनी। उनका उद्देश्य सुप्रीम कोर्ट की छवि को नुकसान पहुंचाना, उसके अधिकार को कमजोर करना या किसी जज की निष्पक्षता पर सवाल उठाना नहीं था। दरअसल, CJI जस्टिस सूर्यकांत ने कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे और राहुल गांधी को SIR और चुनाव आयोग से जुड़ी शिकायतों पर मिलने का समय देने से इनकार कर दिया था। इसके बाद संजय राउत और पत्रकार निखिल वागले ने सोशल मीडिया पर तीखी टिप्पणी की थी। राउत ने एक पोस्ट में दावा किया था कि "CJI के पास बीजेपी नेताओं के साथ लंदन जाकर बैडमिंटन खेलने का समय है, लेकिन विपक्षी नेताओं से मिलने का समय नहीं है।" उनके साथ एक वीडियो भी लगाया गया था, जो बाद में फर्जी निकला। वह वीडियो लंदन का नहीं, बल्कि पिछले साल दिल्ली का था।



इस टिप्पणी को लेकर सुप्रीम कोर्ट बार एसोसिएशन (SCBA) ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर कर दोनों के खिलाफ आपराधिक अवमानना की कार्यवाही की मांग की थी। SCBA अध्यक्ष प्रदीप राय ने कहा था कि ये बयान जानबूझकर सुप्रीम कोर्ट की अथॉरिटी को कम करने और बदनाम करने के लिए दिए गए हैं, इसलिए कोर्ट को कड़ा संदेश देना चाहिए। 28 अक्टूबर को जस्टिस अरविंद कुमार की बेंच के सामने सुनवाई हुई, लेकिन संजय राउत का माफीनामा रिकॉर्ड पर नहीं था और उनकी तरफ से कोई वकील भी पेश नहीं हुआ। इससे नाराज कोर्ट ने राउत को 17 नवंबर को दोपहर 2 बजे व्यक्तिगत रूप से पेश होने का निर्देश दिया है। वहीं, पत्रकार निखिल वागले भी इसी मामले में आरोपी हैं। उन्होंने भी वकील के जरिए माफी मांगी है, उन्हें 17 नवंबर को वर्चुअली पेश होने की अनुमति दी गई है।



राउत ने हलफनामे में आगे कहा कि वह भविष्य में न्यायपालिका से जुड़े बयानों में पूरी सावधानी और संयम बरतेंगे और किसी भी तथ्यात्मक दावे को सार्वजनिक करने से पहले उसकी पूरी जांच करेंगे। उन्होंने कोर्ट से आग्रह किया है कि उनके माफीनामे को स्वीकार कर 16 अक्टूबर को जारी शो-कॉज नोटिस को निरस्त किया जाए और अवमानना की कार्यवाही बंद की जाए। अब देखना होगा कि 17 नवंबर को सुप्रीम कोर्ट उनकी माफी को स्वीकार करता है या सख्त कार्रवाई करता है।

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