14 बच्चों की मौत के बाद प्रशासन में हड़कंप, राघोपुर CO को DM ने हटाया
वैशाली के राघोपुर में 14 बच्चों की मौत वाले नाव हादसे के बाद DM वर्षा सिंह ने बड़ी कार्रवाई की है। लापरवाही के आरोप में CO दीपक कुमार को हटाकर जन शिकायत कोषांग भेजा गया है। पातेपुर के CO प्रभात को राघोपुर का अतिरिक्त प्रभार दिया गया है। 13 अक्टूबर की रात जर्जर नाव पलटने से यह हादसा हुआ था। ग्रामीणों ने CO पर निगरानी में लापरवाही का आरोप लगाया था।

हाजीपुर / वैशाली। बिहार के वैशाली जिले के राघोपुर में हुए भीषण नाव हादसे के बाद जिला प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई की है। रामपुर श्यामचंद पंचायत में गंगा की धारा में नाव पलटने से 13-14 बच्चों की मौत के बाद भारी बवाल मचा था। इसके बाद जिलाधिकारी वर्षा सिंह ने लापरवाही के आरोप में राघोपुर के अंचलाधिकारी (CO) दीपक कुमार को पद से हटा दिया है। जिलाधिकारी द्वारा जारी आदेश के अनुसार दीपक कुमार को तत्काल प्रभाव से राघोपुर अंचल से हटाकर जिला जन शिकायत कोषांग, वैशाली में प्रतिनियुक्त किया गया है। उनके स्थान पर पातेपुर के अंचलाधिकारी प्रभात को राघोपुर अंचल का अतिरिक्त प्रभार सौंपा गया है। आदेश में कहा गया है कि प्रभात अविलंब प्रभार ग्रहण कर अंचल से जुड़े सभी राजस्व कार्यों, आपदा प्रबंधन और जनशिकायतों का ससमय निष्पादन सुनिश्चित करेंगे।
यह दर्दनाक हादसा 13 अक्टूबर की रात करीब 8.30 बजे राघोपुर प्रखंड के रामपुर श्यामचंद पंचायत के वार्ड नंबर 8 में हुआ। बताया जा रहा है कि दियारा क्षेत्र के बच्चे पास के गांव में श्राद्ध भोज खाने के लिए एक छोटी निजी नाव से गंगा की धारा पार कर रहे थे। नाव में 20 से 25 बच्चे सवार थे। नाव जर्जर थी और ओवरलोड होने के कारण बीच धारा में पलट गई। ग्रामीणों ने खटिया और रस्सी के सहारे रेस्क्यू शुरू किया। रात भर चले बचाव अभियान में SDRF की टीम भी लगी। इस हादसे में 13 बच्चों के शव बरामद किए गए हैं, जबकि 6 लोगों को बचाकर पटना के NMCH में भर्ती कराया गया। कुछ रिपोर्ट में मृतकों की संख्या 14 बताई जा रही है। मृतकों में 9 बच्चियां और 4 बच्चे शामिल हैं, जिनमें से एक ही परिवार की 7 बच्चियां भी हैं।
हादसे के बाद से ही ग्रामीणों में आक्रोश था। स्थानीय लोगों का आरोप था कि CO दीपक कुमार को पहले ही नाव की जर्जर हालत के बारे में सूचना दी गई थी, लेकिन उन्होंने कोई कार्रवाई नहीं की। बाढ़ के समय रात में नाव परिचालन पर रोक के बावजूद कोई निगरानी नहीं रखी गई। घटना के तुरंत बाद DM ने CO और स्थानीय SHO का वेतन रोकते हुए स्पष्टीकरण मांगा था। यह पहली बार नहीं है जब दीपक कुमार पर कार्रवाई हुई है। इससे पहले 2 अप्रैल 2026 को भी जिलाधिकारी वर्षा सिंह ने उन्हें कर्तव्यहीनता और अनुशासनहीनता के आरोप में पद से हटाया था। तब आरोप था कि वे बार-बार निर्देश के बावजूद मुख्यालय से गायब रहते हैं और आदेशों का पालन नहीं करते।
उस समय राजस्व अधिकारी राजीव रंजन चौधरी को CO बनाया गया था।2025 में बाढ़ के दौरान भी उन पर खाद्य सामग्री, पॉलीथिन और GR राशि वितरण में धांधली के आरोप लगे थे।फिलहाल जिला प्रशासन ने मृतकों के परिजनों को 4-4 लाख रुपये की अनुग्रह राशि और 3000 रुपये कबीर अंत्येष्टि योजना के तहत दिए हैं। वहीं इस कार्रवाई के बाद इलाके में प्रशासनिक हड़कंप मचा हुआ है।
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