मुख्य सामग्री पर जाएँ
ब्रेकिंग
Rajasthan Panchayat Election 2026: पंचायत चुनाव का ऐलान, 4 चरणों में होगी वोटिंग, जानिए पूरा शेड्यूलमुंबई में CJP का प्रदर्शन पड़ा भारी! जेल भरो आंदोलन पर FIR, आयोजकों में हड़कंपज्ञानेश कुमार पर चले लोकतंत्र की हत्या का मुकदमा! प्रमोद तिवारी का बड़ा हमलाBJP का झंडा उतारने वाले संजयन त्रिपाठी अब साइकिल पर सवार, समाजवादी पार्टी में हुए शामिलCM Yogi का बड़ा तोहफा: 4.60 लाख छात्रों के खाते में आई छात्रवृत्ति, आपके खाते में आई क्या? चेक करेंNoida: सुपरनोवा की 43वीं मंजिल से युवक ने लगाई छलांग, मौके पर दर्दनाक मौत, सोसाइटी में हड़कंपमुंबई प्रदर्शन के बाद CJP का दिल्ली कूच का ऐलान, अभिजीत दिपके ने कही ये बड़ी बातगठबंधन में फूट! रायबरेली से डरते थे राहुल गांधी! सपा नेता का बड़ा खुलासा, अखिलेश ने दी थी धमकी

सोमवार, 5 अक्टूबर 2026 · सुबह 7:37 · नई दिल्ली संस्करण

पंजाब में सत्कार अधिनियम 2026 का संशोधन लागू, सरकार ने जारी किया नोटिफिकेशन

राष्ट्रीय सागर डेस्क2 मिनट का पठन
पंजाब में सत्कार अधिनियम 2026 का संशोधन लागू, सरकार ने जारी किया नोटिफिकेशन

चंडीगढ़। पंजाब सरकार ने 'जागत जोत श्री गुरु ग्रंथ साहिब सत्कार (संशोधन) अधिनियम, 2026' का आधिकारिक नोटिफिकेशन जारी कर दिया है। यह अधिनियम 13 अप्रैल को पंजाब विधानसभा में पारित किया गया था, जिसके बाद अब इसे औपचारिक रूप से लागू करने की प्रक्रिया आगे बढ़ा दी गई है।

सरकारी जानकारी के अनुसार, इस संशोधन अधिनियम का उद्देश्य धार्मिक भावनाओं और परंपराओं से जुड़े मामलों में व्यवस्था को और स्पष्ट तथा सुव्यवस्थित करना है। नोटिफिकेशन जारी होने के बाद राज्य में लंबे समय से चल रहा समाना मोर्चा समाप्त करने की भी घोषणा की गई है। इसे राज्य में चल रहे धार्मिक और सामाजिक तनाव को कम करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

सूत्रों के अनुसार, इस फैसले के बाद भाई गुरजीत सिंह खालसा श्री अखंड पाठ साहिब के भोग के बाद टावर से नीचे उतरेंगे।

बताया जा रहा है कि यह प्रक्रिया धार्मिक रीति-रिवाजों और सहमति के आधार पर पूरी की जाएगी। प्रशासन की ओर से इस पूरे घटनाक्रम पर नजर रखी जा रही है, ताकि किसी भी प्रकार की अप्रिय स्थिति उत्पन्न न हो।

पंजाब सरकार के इस कदम को राज्य में शांति और सौहार्द बनाए रखने की दिशा में एक अहम प्रयास के रूप में देखा जा रहा है। प्रशासन का कहना है कि सभी संबंधित पक्षों के साथ बातचीत और समझौते के बाद ही यह निर्णय लागू किया गया है, जिससे स्थिति को सामान्य किया जा सके।

इस पूरे घटनाक्रम के बाद स्थानीय स्तर पर सुरक्षा व्यवस्था भी बढ़ा दी गई है और पुलिस बल को संवेदनशील क्षेत्रों में तैनात किया गया है। अधिकारियों ने नागरिकों से शांति बनाए रखने और किसी भी तरह की अफवाहों पर ध्यान न देने की अपील की है।

सरकार का मानना है कि इस अधिनियम और इससे जुड़े फैसलों से राज्य में चल रहे विवादों का समाधान निकालने में मदद मिलेगी और धार्मिक सौहार्द को और मजबूत किया जा सकेगा।

यह ख़बर दूसरों तक पहुँचाएँ

WhatsAppFacebookX

संबंधित ख़बरें