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सोमवार, 5 अक्टूबर 2026 · रात 2:04 · नई दिल्ली संस्करण

पंजाब में बिजली संकट के बीच प्रशासनिक फेरबदल, PSPCL CMD डॉ. बसंत गर्ग हटाए गए

राष्ट्रीय सागर डेस्क2 मिनट का पठन
पंजाब में बिजली संकट के बीच प्रशासनिक फेरबदल, PSPCL CMD डॉ. बसंत गर्ग हटाए गए

- गुरकीरत किरपाल सिंह को बिजली विभाग की मिली जिम्मेदारी, सरकार का दावा- मंगलवार से नहीं लगेंगे पावर कट

चंडीगढ़। पंजाब में लगातार बिजली कटौती और बढ़ती मांग के बीच राज्य सरकार ने पंजाब स्टेट पावर कॉरपोरेशन लिमिटेड (पीएसपीसीएल) के प्रशासनिक सचिव एवं सीएमडी डॉ. बसंत गर्ग का तबादला कर दिया है। उनकी जगह वरिष्ठ अधिकारी गुरकीरत किरपाल सिंह को जिम्मेदारी सौंपी गई है।

सरकार ने गुरकीरत किरपाल सिंह के पास मौजूद उद्योग विभाग के सभी प्रभार डॉ. बसंत गर्ग को दे दिए हैं। यह प्रशासनिक बदलाव ऐसे समय में हुआ है, जब राज्य के किसान और उद्योगपति अनियमित तथा लंबे बिजली कटों को लेकर विरोध कर रहे हैं। पंजाब में बिजली की मांग पिछले वर्ष की तुलना में करीब 3,500 मेगावाट बढ़कर लगभग 16,000 मेगावाट तक पहुंच गई है। दूसरी ओर, कोयले की अनियमित आपूर्ति के कारण राज्य के ताप विद्युत संयंत्रों से उत्पादन करीब 6,000 मेगावाट तक सीमित रहने की बात कही गई है।

बिजली संकट के कारण विभिन्न क्षेत्रों में किसान विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं। उद्योगपतियों का कहना है कि अनियमित बिजली आपूर्ति से उत्पादन प्रभावित हुआ है। लुधियाना के उद्योगपतियों ने बिजली व्यवस्था में सुधार नहीं होने पर लुधियाना-चंडीगढ़ मार्ग जाम करने की चेतावनी भी दी थी।

राज्य सरकार का कहना है कि ताप विद्युत संयंत्रों को पर्याप्त कोयला नहीं मिलने के कारण बिजली कट लगाने पड़े। सरकार ने इस स्थिति के लिए केंद्र से मिलने वाली कोयला आपूर्ति में कमी को प्रमुख कारण बताया है।

इस बीच उद्योग मंत्री तरुणप्रीत सिंह सोंध ने लुधियाना में घोषणा की कि मंगलवार से राज्य में बिजली कट नहीं लगाए जाएंगे। उन्होंने दावा किया कि सभी सरकारी और निजी ताप विद्युत संयंत्र अब चालू हो चुके हैं। मंत्री ने कहा कि किसानों को प्रतिदिन 10 घंटे बिजली आपूर्ति दी जाएगी और उद्योगों को भी पावर कट से राहत मिलेगी। अब नई जिम्मेदारी संभालने वाले गुरकीरत किरपाल सिंह के सामने बिजली आपूर्ति को स्थिर करने और बढ़ती मांग को पूरा करने की बड़ी चुनौती होगी।

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