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सोमवार, 5 अक्टूबर 2026 · सुबह 7:56 · नई दिल्ली संस्करण

पंचकूला: आसरेवाली वाइल्डलाइफ सैंक्चुरी में पेड़ों की कटाई के मामले में तीन और अधिकारी सस्पेंड, अब तक 11 गिरफ्तार

राष्ट्रीय सागर डेस्क2 मिनट का पठन
पंचकूला: आसरेवाली वाइल्डलाइफ सैंक्चुरी में पेड़ों की कटाई के मामले में तीन और अधिकारी सस्पेंड, अब तक 11 गिरफ्तार

पंचकूला। हरियाणा के वन मंत्री राव नरबीर सिंह की अध्यक्षता में हुई उच्च स्तरीय बैठक के बाद विभाग ने तीन वरिष्ठ अधिकारियों को तुरंत प्रभाव से निलंबित कर दिया है। इनमें वाइल्डलाइफ डीएफओ राजेंद्र प्रसाद डांगी, टेरिटोरियल डीएफओ विशाल कौशिक और वाइल्डलाइफ इंस्पेक्टर सुरजीत सिंह शामिल हैं। इससे पहले इस मामले में वन दरोगा रघुविंद्र सिंह को भी सस्पेंड किया जा चुका था, जिन्हें एसआईटी ने गिरफ्तार कर लिया है।

सूत्रों के अनुसार, शुक्रवार देर शाम को हुई समीक्षा बैठक में यह फैसला किया गया। कार्रवाई क्रम में सबसे पहले इंस्पेक्टर सुरजीत पर निलंबन की कार्रवाई हुई, उसके बाद डीएफओ राजेंद्र प्रसाद डांगी और अंत में डीएफओ विशाल कौशिक को सस्पेंशन लेटर जारी किया गया। सभी निलंबित अधिकारियों को जांच पूरी होने तक मुख्यालय क्षेत्र छोड़ने की अनुमति नहीं होगी और उन्हें विभागीय मुख्यालय में ही रहना होगा।

यह मामला पंचकूला के आसरेवाली संरक्षित वन क्षेत्र (वाइल्डलाइफ सैंक्चुरी) से जुड़ा है, जहां खैर (कटच) के मूल्यवान पेड़ों की अवैध कटाई की गई।

रिपोर्ट्स में दावा किया गया है कि साइलेंट कटर मशीनों से रातों-रात सैकड़ों से हजारों पेड़ काटे गए और लकड़ी को ऊंटों या अन्य तरीकों से बाहर ले जाया गया। खैर की लकड़ी काफी महंगी होती है, जिसके कारण माफिया सक्रिय रहता है।

मामले की जांच अब विशेष जांच दल (एसआईटी) कर रही है। एसआईटी ने अब तक कुल 11 लोगों को गिरफ्तार किया है, जिसमें वन विभाग के अधिकारी और तस्कर शामिल हैं। पुलिस ने अवैध कटाई से जुड़ी लाखों रुपये की लकड़ी, कैश, दो वाहन और कटाई के औजार भी बरामद किए हैं। कुछ आरोपियों को कोर्ट में पेश कर जेल भेजा गया है, जबकि कुछ को पुलिस रिमांड पर लिया गया है।

यह कार्रवाई पर्यावरण संरक्षण और वन विभाग की जवाबदेही सुनिश्चित करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है। वन मंत्री ने विभागीय निगरानी व्यवस्था पर सवाल उठने के बाद जांच को तेज करने के निर्देश दिए थे। जांच पूरी होने के बाद दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

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