राष्ट्रीय आतंकवाद विरोधी दिवस पर पुलिस कर्मचारियों की दिलाई शपथ
फतेहाबाद,। राष्ट्रीय आतंकवाद विरोधी दिवस पर डीएसपी मुख्यालय जयपाल
सिंह ने मंगलवार को पुलिस अधीक्षक कार्यालय में अधिकारियों व कर्मचारियों
को शपथ दिलाई। उन्होंने कहा कि आतंकवाद एक ऐसी समस्या है, जिससे कई देश
बरसों से जंग लड़ने के बाद भी उससे पूरी तरह निजात पाने में विफल रहे हैं।
आतंकवाद
जैसी इस भयानक समस्या से निपटने के लिए भारत द्वारा 21 मई का दिन
राष्ट्रीय आतंकवाद विरोधी दिवस के रूप में मनाया जाता है। वास्तव में यह उन
लोगों को श्रद्धांजलि देने का दिन है, जिन्होंने आतंकवादी हमलों में अपनी
जान गंवाई और यह दिवस उन हजारों सैनिकों के बलिदान का सम्मान भी करता है,
जिन्होंने आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई लड़ी थी। उन्होंने कहा कि इस दिन की
आधिकारिक घोषणा 21 मई 1991 को भारत के सातवें प्रधानमंत्री स्वर्गीय राजीव
गांधी की हत्या के बाद की गई थी, जो लिबरेशन टाइगर्स ऑफ तमिल ईलम (लिट्टे)
के एक आतंकवादी अभियान के दौरान तमिलनाडु के श्रीपेरंबदूर में मारे गए थे।
स्वर्गीय राजीव गांधी की हत्या के बाद तत्कालीन सरकार द्वारा 21 मई को
आतंकवाद विरोधी दिवस के रूप में मनाने का फैसला लिया गया।
डीएसपी
मुख्यालय जयपाल सिंह ने शपथ दिलाते हुए कहा कि हम भारतवासी अपने देश की
अहिंसा एवं सहनशीलता की परंपरा में दृढ़ विश्वास रखते हैं तथा निष्ठा
पूर्वक शपथ लेते हैं कि हम सभी प्रकार के आतंकवाद और हिंसा का डटकर विरोध
करेंगे। हम मानव जाति के सभी वर्गों के बीच शांति, सामाजिक सद्भाव तथा
सूझबूझ कायम करने और मानव जीवन मूल्यों को खतरा पहुंचाने वाली और विघटनकारी
शक्तियों से लड़ने की भी शपथ लेते हैं। इसके अलावा 21 मई को आतंकवाद
विरोधी दिवस के रूप में फतेहाबाद पुलिस अधीक्षक कार्यालय के साथ-साथ जिले
के सभी थानों व चौकियों में मनाया गया है।





