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सोमवार, 5 अक्टूबर 2026 · सुबह 8:16 · नई दिल्ली संस्करण

यमुनानगर: जब तक पुल निर्माण नहीं, तब तक वोट नहीं

राष्ट्रीय सागर डेस्क2 मिनट का पठन

यमुनानगर,। उत्तर प्रदेश से सटे हरियाणा के गांव घोड़ों पिपली और टापू

माजरी के बीच यमुना नदी के बीपुर घाट पर पुल निर्माण की मांग को लेकर

दर्जन से अधिक गांव के लोगों ने सोमवार को लघु सचिवालय पर धरना दिया। साथ

ही राज्यपाल के नाम जिला उपायुक्त को ज्ञापन सौंपा। वहीं 25 मई को होने जा

रहे लोकसभा चुनाव का बहिष्कार कर दिया।

ग्रामीणों का कहना है कि

लोक निर्माण विभाग के दस्तावेजों से पता चलता है कि डेढ़ वर्ष पहले पुल

निर्माण का 160 करोड़ रूपये की अनुमानित लागत का विवरण चंडीगढ़ पास होने के

लिए भेजा गया है। जबकि यह सब अभी कागजों में ही चल रहा है। उन्होंने कहा

कि जब तक पुल का निर्माण नहीं होता, तब तक यहां के 20 से 25 हजार मतदाता

अपना वोट नहीं डालेंगे और लोकसभा के साथ-साथ आने वाले विधानसभा और पंचायती

चुनावों का भी बहिष्कार करेंगे।

गौरतलब है कि ग्रामीणों द्वारा इस

पुल को बनाने की मांग 70 सालों से चली आ रही है, लेकिन सरकार में कहीं कोई

सुनवाई नहीं हुई। गांव सबापुर, बाकरपुर, बीपुर, मेहरमाजरा, केनालसी,

मालीमाजरा, टापूमाजरा, सूघ, मादलपुर, घोड़ो पिपली आदि गांव के लोगों का

कहना है कि शहर में आने-जाने के लिए इस सात किलोमीटर के सफर को पूरा करने

के लिए हमें 40 किलोमीटर ऊपर से घूम कर आना पड़ता है। वहीं बारिश के मौसम

में नाव का सहारा लेना पड़ता है।

उन्होंने कहा कि इसको लेकर हमने

पहले भी यहां के सांसद रहे स्वर्गीय रतनलाल कटारिया को भी ज्ञापन सौंपा था।

उन्होंने पुल बनाने का वादा किया था, लेकिन पूरा नहीं किया। उन्होंने कहा

कि जब तक इस पुल का निर्माण नहीं हो जाता, हमारा यह बहिष्कार जारी रहेगा।

इस मौके पर ग्रामीणों ने सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की।

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