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सोमवार, 5 अक्टूबर 2026 · सुबह 8:15 · नई दिल्ली संस्करण

सिरसा: मेडिकल स्टोर संचालकों की हाेगी पुलिस वेरिफिकेशन : एडीसी

राष्ट्रीय सागर डेस्क2 मिनट का पठन
सिरसा: मेडिकल स्टोर संचालकों की हाेगी पुलिस वेरिफिकेशन : एडीसी

सिरसा। सिरसा के एडीसी वीरेंद्र सहरावत ने कहा कि जिले में कार्यरत सभी मेडिकल स्टोर संचालकों की पुलिस वेरिफिकेशन करवाई जाएगी। यदि कोई मेडिकल स्टोर संचालक अवैध रूप से नशीली दवाओं की बिक्री में संलिप्त पाया जाता है, तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई अमल में लाई जाएगी। एडीसी वीरेंद्र सहरावत सोमवार को सिरसा में नारकोटिक्स कोर्डिनेशनल कमेटी की बैठक को संबोधित कर रहे थे।एडीसी ने कहा कि जिले में कार्यरत ऐसे मेडिकल प्रैक्टिशनर पर कड़ी निगरानी रखी जाए जो नशा गतिविधियों में संलिप्त है, ऐसे लोगों की पहचान पुलिस व स्वास्थ्य विभाग दोनों ही करें और ऐसे लोगों के खिलाफ छापामारी भी की जाए।अतिरिक्त उपायुक्त ने कहा कि पुलिस की ओर से गांव स्तर पर निगरानी कमेटियां बनाई जा रही हैं। इन कमेटियों के साथ बेहतर तालमेल बनाया जाए। यदि ये कमेटियां कोई सूचना देती हैं, तो उस पर तत्काल कार्रवाही की जानी चाहिए। उन्होंने यह भी निर्देश दिए कि ग्राम व वार्ड स्तर पर कमेटियों को सक्रिय किया जाए ताकि नशे में संलिप्त लोगों की जानकारी सटीक रूप मेें पहुंचे। उन्होंने मेडिकल स्टोर संचालकों की पुलिस वेरिफिकेशन के साथ ही सरपंच से भी जानकारी हासिल करने के निर्देश देते हुए कहा कि ग्राम पंचायतें व सामाजिक संगठन नशे को खत्म करने के लिए बेहतर प्रयास करेंगे तो इसके जल्द सकारात्मक परिणाम आएंगे।डिप्टी सीएमओ डा. पंकज शर्मा ने कहा कि जो बच्चे स्कूल बीच में छोड़ चुके हैं, ऐसे बच्चों पर भी निगरानी की जानी चाहिए। अतिरिक्त उपायुक्त ने शिक्षा विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिए कि ड्रॉप आउट बच्चों की जानकारी स्कूल स्तर से हासिल कर स्वास्थ्य विभाग को सौंपें। स्वास्थ्य विभाग अपने स्तर पर संबंधित बच्चों के बारे में जानकारी हासिल कर सकें ताकि यदि बच्चा नशे की प्रवृति से घिर गया है, तो उसकी काउंसलिंग आदि करवाई जा सके। उन्होंने यह भी निर्देश दिए कि कॉलेज स्तर पर भी ऐसे बच्चों की सूची स्वास्थ्य विभाग को उपलब्ध करवाई जाए।पुलिस अधीक्षक ने कहा कि कोई बच्चा नशे की चपेट में आ गया है तो उसकी जानकारी अभिभावक के साथ ही अध्यापक को मिल जाती है। दिन भर में छह से आठ घंटे बच्चा अध्यापक के संपर्क में रहता है और उसे बच्चे के लक्षण से ही नशा करने की जानकारी हासिल हो जाती है। उन्होंने बताया कि जल्द ही स्कूल के प्रिंसिपल व संचालकों के साथ बैठक की जाएगी और उन्हें नशा मुक्ति अभियान के साथ जोड़ा जाएगा। एसडीएम सिरसा राजेंद्र सिंह, एसडीएम कालांवाली मोहित कुमार, डीएसपी संजीव कुमार, ड्रग कंट्रोल ऑफिसर केशव वशिष्टï, डा. शुभम बतरा मौजूद रहे।

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