हिसार: फर्जी ट्रेडिंग ऐप से लगाया 30 लाख से अधिक का चूना, साइबर थाना कर रहा जांच
हिसार,। पुलिस अधीक्षक दीपक सहारन ने जिले के नागरिकों को फर्जी
ट्रेडिंग ऐप से होने वाली धोखाधड़ी से सचेत किया है। उन्होंने कहा कि इस
ऑनलाइन क्राइम में पीड़ितों को सोशल मीडिया और व्हाट्सएप पर फ्री ट्रेडिंग
ऐप के टिप्स और क्लासेस का झांसा दिया जाता है।
पुलिस
अधीक्षक दीपक सहारन ने रविवार को कहा कि जैसे ही नागरिक भेजें गए विज्ञापन
पर क्लिक करते हैं, वो सीधे एक अज्ञात व्हाट्स ऐप ग्रुप में शामिल हो जाते
हैं। इसके बाद इस फ्रॉड में शामिल लोग पीड़ितों से इस ग्रुप के माध्यम से
संपर्क करते है और उन्हें फ्री ट्रेडिंग टिप्स की जानकारी देकर उन्हें
स्टॉक में पैसा लगाने को कहते है। इसके कुछ दिनों बाद स्कैम में शामिल लोग
पीड़ित को भेजे गए ट्रेडिंग ऍप्लिकेशन्स को इंस्टॉल करने के लिए और इससे बड़ा
प्रॉफिट कमाने का भी झांसा देते है।
पुलिस अधीक्षक ने कहा
कि स्कैम में शामिल लोगो द्वारा जो ट्रेडिंग ऐप्लीकेशन डाउनलोड करवाई जाती
है वो सिक्योरिटीज एवं एक्सचेंज बोर्ड ऑफ़ इंडिया (सेबी) द्वारा रजिस्टर्ड
नहीं होती। पीड़ित इन लोगों के द्वारा बताए गए ऐप्स पर रजिस्ट्रेशन करते है
और ट्रेडिंग शुरू कर देते हैं। इन लोगों की तरफ से पीड़ितों को शेयर खरीदने
के लिए बैंकों में पैसे जमा करने के लिए कहा जाता है और डिजिटल वॉलेट में
फेक प्रॉफ़िट्स भी दिखाया जाता है।
पुलिस अधीक्षक दीपक सहारन
ने जनता को सावधान और जागरूक रहने की सलाह दी हैं। उन्होंने बताया कि अभी
हाल ही में हिसार साइबर थाना में आई एक शिकायत में हिसार निवासी एक व्यक्ति
और महिला से फर्जी ट्रेडिंग ऐप के जरिए 30 लाख 63 हजार 145 रुपए की
धोखाधड़ी हुई है। किसी अनजान फोन नंबर से आए संदिग्ध लिंक्स ,व्हाट्सएप कॉल
और मैसेजेस से बचें। इसके साथ ही उन्होंने साइबर से संबंधित क्राइम के
मामले में लोगों को नेशनल साइबर क्राइम रिपोर्टिंग पोर्टल पर शिकायत करने
और साइबर क्राइम हेल्पलाइन 1930 पर कॉल करने को कहा है।





