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सोमवार, 5 अक्टूबर 2026 · सुबह 6:50 · नई दिल्ली संस्करण

कैथल: खंडहर भवनाें काे नशेड़ियाें के ठिकाने बनने से राेकने की कवायद शुरू

राष्ट्रीय सागर डेस्क2 मिनट का पठन
कैथल: खंडहर भवनाें काे नशेड़ियाें के ठिकाने बनने से राेकने की कवायद शुरू

कैथल एडीसी डॉ. सुशील कुमार ने कहा कि नशा एक सामाजिक बुराई है जिसे केवल आदेशों से नहीं, बल्कि आपसी तालमेल और जन-भागीदारी से खत्म किया जा सकता है। इसके लिए जागरूकता और निगरानी का दोहरा मॉडल अपनाना है। इसके लिए स्कूल, कालेज, खेल स्टेडियम एवं व्यायामशालाओं में ज्यादा से ज्यादा जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जाएं। नशा मुक्ति अभियान को और अधिक प्रभावी बनाया जाए। इसके अलावा जिले के पुराने और खंडहर हो चुके सरकारी भवनों पर विशेष नजर रखी जाए, क्योंकि ये अक्सर नशेडि़यों के ठिकाने बन जाते हैं।एडीसी डा. सुशील कुमार मंगलवार को लघु सचिवालय के सभागार में आयोजित एनकॉर्ड की बैठक की अध्यक्षता करते हुए विभिन्न विभागों के अधिकारियों को आवश्यक दिशा निर्देश दे रहे थे। उन्होंने खेल विभाग के अधिकारियों को प्रत्येक खेल पॉइंट पर नोडल अधिकारी नियुक्त करने के निर्देश दिए गए। खेल परिसरों और खिलाड़ियों की गतिविधियों पर पैनी नजर रखने को कहा, ताकि खेल के मैदान नशे से पूरी तरह सुरक्षित रहें। इसी प्रकार ड्रग कंट्रोल ऑफिसर को अधिक से अधिक छापेमारी करने के आदेश दिए गए। साथ ही ग्राम स्तर पर सूचना तंत्र को इतना मजबूत करें कि नशे से जुड़ी हर छोटी-बड़ी सूचना तुरंत प्रशासन तक पहुंचे।एडीसी ने स्वास्थ्य विभाग को निर्देश दिया कि जिले में संचालित 11 नशा मुक्ति केंद्रों के काउंसलर की विशेष ट्रेनिंग करवाई जाए। उन्होंने कहा कि केवल नशा छुड़वाना ही उद्देश्य नहीं है, बल्कि काउंसलिंग के जरिए युवाओं को समाज की मुख्यधारा में वापस लाना भी जरूरी है। नशे की लत के आदी होने पर युवा चोरी या अन्य अपराध की दलदल में फंस जाते हैं। एडीसी ने सभी आमजन से आह्वान किया कि यदि कोई नशीले पदार्थों या ड्रग की अवैध बिक्री या सेवन करता है तो उसकी सूचना जिला प्रशासन या पुलिस को दें।

सूचना देने वाले का सामन गुप्त रखा जाएगा। उन्होंने माई भारत विभाग के अधिकारी को ब्लॉक स्तर पर युवाओं के जागरूकता कार्यक्रम आयोजित करने के निर्देश जारी किए। इस अवसर पर सीईओ जिला परिषद सुरेश राविश, गुहला एसडीएम कैप्टन प्रमेश सिंह, डीएसपी ललित यादव, डीएसपी कुलदीप बैनीवाल, सीएमओ डा. रेणु चावला, डीआईपीआरओ नसीब सैनी, डीडीपीओ रितु लाठर, जेल अधीक्षक अशोक कुमार सहित अन्य विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।

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