दिवाली से पहले दिल्ली में मातम, चावड़ी बाजार में इमारत गिरी, 2 की मौत, NDRF का रेस्क्यू जारी
चावड़ी बाजार में गुरुवार सुबह करीब 9:50 बजे तीन मंजिला निर्माणाधीन इमारत का हिस्सा गिर गया। हादसे में 2 लोगों की मौत हो गई, 1 घायल हुआ। मलबे में 6-7 लोगों के फंसे होने की आशंका है। हादसा गली सितारा, चावड़ी बाजार मेट्रो स्टेशन के पास हुआ। सूचना पर 6 दमकल गाड़ियां और NDRF मौके पर पहुंची। संकरी गली के कारण रेस्क्यू में दिक्कत आ रही है। पुलिस ने इलाका सील कर जांच शुरू कर दी है।

नई दिल्ली। राजधानी दिल्ली के पुरानी दिल्ली इलाके में गुरुवार सुबह बड़ा हादसा हो गया। चावड़ी बाजार में एक तीन मंजिला निर्माणाधीन इमारत का हिस्सा अचानक भरभराकर गिर गया। हादसे में 2 लोगों की मौत की पुष्टि हो गई है, जबकि 1 व्यक्ति घायल हुआ है। मलबे में 6-7 लोगों के फंसे होने की आशंका जताई जा रही है। हादसे के बाद पूरे इलाके में अफरा-तफरी मच गई। दिल्ली फायर विभाग के मुताबिक, हादसे की सूचना सुबह करीब 9:50 बजे मिली। हादसा चावड़ी बाजार मेट्रो स्टेशन के पास गली सितारा, शीश महल इलाके में हुआ। जानकारी मिलते ही पहले 2 फायर टेंडर, एक वॉटर बाउजर और रेस्क्यू यूनिट को मौके पर भेजा गया। बाद में कुल 6 दमकल गाड़ियां मौके पर पहुंच गईं।
इमारत सड़क से काफी अंदर गली में स्थित है, इसलिए दमकलकर्मियों को मलबा हटाने और अंदर पहुंचने में काफी दिक्कत हो रही है। संकरी गली होने की वजह से बड़ी मशीनें अंदर नहीं जा पा रही हैं। राहतकर्मी हाथों से मलबा हटाकर फंसे लोगों को निकालने में जुटे हैं। हादसे की गंभीरता को देखते हुए NDRF की टीम को भी मौके पर बुलाया गया। NDRF के जवान सर्च और रेस्क्यू ऑपरेशन चला रहे हैं। दिल्ली पुलिस ने पूरे इलाके को घेर लिया है और निर्माण स्थल को बंद कर दिया गया है। आसपास की दुकानों को भी एहतियात के तौर पर बंद कराया गया है। दिल्ली पुलिस ने बताया कि मलबे से अब तक 2 शव निकाले गए हैं। एक घायल व्यक्ति को अस्पताल में भर्ती कराया गया है। मृतकों की अभी पहचान नहीं हो पाई है। आशंका है कि मरने वालों में निर्माण कार्य में लगे मजदूर भी शामिल हो सकते हैं।
गौरतलब है कि दिवाली से पहले चावड़ी बाजार और चांदनी चौक में खरीदारी के लिए भारी भीड़ उमड़ रही है। हादसे के वक्त भी गली में लोगों की आवाजाही थी। अचानक इमारत गिरने से लोग जान बचाकर भागे। कई लोगों ने अपने मोबाइल से हादसे का वीडियो भी बनाया, जो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। यह कोई पहला हादसा नहीं है। इससे पहले 31 अक्टूबर को चांदनी चौक स्थित 160 साल से अधिक पुराने एमसीडी टाउन हॉल का एक हिस्सा ढह गया था। हालांकि उसमें कोई हताहत नहीं हुआ था। टाउन हॉल का अगला हिस्सा, पहली मंजिल और प्रवेश द्वार की दीवारें क्षतिग्रस्त हुई थीं। वहीं 6 सितंबर को दक्षिणी दिल्ली के सत्य निकेतन में पांच मंजिला पीजी इमारत गिरने से 7 लोगों की मौत हो गई थी।
अक्टूबर में ही सीमापुरी में चार मंजिला इमारत गिरने से एक बच्चे समेत 4 लोगों की मौत हुई थी। उत्तर-पूर्वी दिल्ली के मिलन गार्डन में भी पुरानी इमारत पर नया तल्ला बनाने के दौरान छत गिरने से 2 लोगों की मौत हुई थी। हादसे के बाद सियासत भी शुरू हो गई है। आम आदमी पार्टी के नेता सौरभ भारद्वाज ने दिल्ली सरकार और एमसीडी पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने कहा कि पुरानी दिल्ली में जर्जर और बिना अनुमति बन रही इमारतों पर कोई कार्रवाई नहीं हो रही है, जिसकी कीमत आम लोगों को अपनी जान देकर चुकानी पड़ रही है। फिलहाल पुलिस हादसे के कारणों की जांच कर रही है। शुरुआती जांच में बिना सुरक्षा मानकों के निर्माण कार्य और इमारत की कमजोर संरचना को वजह माना जा रहा है। अधिकारियों का कहना है कि मलबा पूरी तरह हटने के बाद ही सही तस्वीर साफ हो पाएगी।




