दिल्ली में स्कूल के अंदर छात्रा ने किया सुसाइड, मौके से मिला तीन पन्नों का सुसाइड नोट
शाहदरा के कृष्णा नगर स्थित एक स्कूल में 12वीं की छात्रा की मौत से हड़कंप मच गया। सूचना मिलते ही दिल्ली पुलिस, क्राइम टीम और फायर ब्रिगेड मौके पर पहुंची। छात्रा को अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने मृत घोषित किया। मौके से तीन पन्नों का नोट मिलने की बात सामने आई है। पुलिस ने शव पोस्टमार्टम के लिए भेजकर जांच शुरू कर दी है। स्कूल में दहशत का माहौल है।

नई दिल्ली: पूर्वी दिल्ली के शाहदरा जिले के कृष्णा नगर इलाके में स्थित एक स्कूल में 12वीं कक्षा की छात्रा की मौत की खबर ने पूरे इलाके को स्तब्ध कर दिया है। दिल्ली पुलिस के अनुसार बुधवार दोपहर स्कूल प्रशासन से सूचना मिली थी, जिसके बाद क्राइम टीम, फायर ब्रिगेड और स्थानीय पुलिस की टीम तुरंत मौके पर पहुंची। छात्रा को तुरंत अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि कंट्रोल रूम को करीब 1:30 बजे के आसपास कॉल मिली थी कि कृष्णा नगर के एक स्कूल में एक छात्रा ने आत्महत्या की कोशिश की है। सूचना को गंभीरता से लेते हुए शाहदरा जिला पुलिस ने बिना देर किए एक्शन लिया।
मौके पर सबसे पहले स्थानीय थाना पुलिस पहुंची, उसके पीछे क्राइम सीन की जांच करने वाली टीम और फायर ब्रिगेड की गाड़ी भी पहुंची। स्कूल परिसर को तुरंत खाली कराया गया और छात्रों को सुरक्षित बाहर निकाला गया। जिस जगह पर घटना हुई, उस जगह को घेरकर साक्ष्य जुटाए गए। पुलिस उपायुक्त, शाहदरा ने बताया, "हमें कृष्णा नगर के एक स्कूल से पीसीआर कॉल मिली थी। हमारी टीम, एफएसएल और क्राइम टीम मौके पर पहुंची। छात्रा 12वीं क्लास की थी। हमने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। मामले के हर एंगल से जांच की जा रही है।" सूत्रों के अनुसार मौके से एक नोट भी मिला है, जो करीब तीन पन्नों का बताया जा रहा है।
पुलिस ने नोट को सील कर फॉरेंसिक जांच के लिए भेज दिया है। नोट में क्या लिखा है, इसे लेकर पुलिस अभी कुछ भी आधिकारिक तौर पर नहीं बता रही है। पुलिस का कहना है कि नोट की हैंडराइटिंग की पुष्टि और उसके कंटेंट की जांच के बाद ही कुछ कहा जा सकेगा। प्रारंभिक जांच में पुलिस परिवार, सहपाठियों और शिक्षकों से बातचीत कर रही है। यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि क्या छात्रा किसी तरह के मानसिक दबाव, पढ़ाई के तनाव या किसी निजी परेशानी से जूझ रही थी। घटना के बाद से कृष्णा नगर के इस स्कूल में दहशत और उदासी का माहौल है। कई अभिभावक स्कूल पहुंच गए और अपने बच्चों को घर ले गए। स्कूल प्रशासन ने आज की सभी कक्षाएं स्थगित कर दी हैं और पुलिस को पूरा सहयोग देने की बात कही है।
एक अभिभावक ने कहा, "यह बहुत ही दुखद घटना है। बोर्ड के साल में बच्चे वैसे ही बहुत दबाव में होते हैं। स्कूलों को चाहिए कि वे नियमित काउंसलिंग कराएं।" विशेषज्ञों का मानना है कि 12वीं कक्षा के छात्रों पर करियर, परफॉर्मेंस और परिवार की उम्मीदों का काफी दबाव होता है। कई बार बच्चे अपनी परेशानी किसी से कह नहीं पाते। ऐसे में जरूरी है कि माता-पिता रोजाना कम से कम कुछ मिनट अपने बच्चों से बिना किसी जजमेंट के बात करें। अगर आपके बच्चे के व्यवहार में बदलाव दिखे जैसे - अकेले रहना, गुमसुम रहना, नींद या भूख में बदलाव, चिड़चिड़ापन तो इसे नजरअंदाज न करें। स्कूल काउंसलर या किसी मानसिक स्वास्थ्य विशेषज्ञ से मदद लें। दिल्ली पुलिस ने बताया कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद मौत के कारणों पर और स्पष्टता आएगी। फिलहाल कानूनी कार्रवाई जारी है।




