मुख्य सामग्री पर जाएँ
ब्रेकिंग
Rajasthan Panchayat Election 2026: पंचायत चुनाव का ऐलान, 4 चरणों में होगी वोटिंग, जानिए पूरा शेड्यूलमुंबई में CJP का प्रदर्शन पड़ा भारी! जेल भरो आंदोलन पर FIR, आयोजकों में हड़कंपज्ञानेश कुमार पर चले लोकतंत्र की हत्या का मुकदमा! प्रमोद तिवारी का बड़ा हमलाBJP का झंडा उतारने वाले संजयन त्रिपाठी अब साइकिल पर सवार, समाजवादी पार्टी में हुए शामिलCM Yogi का बड़ा तोहफा: 4.60 लाख छात्रों के खाते में आई छात्रवृत्ति, आपके खाते में आई क्या? चेक करेंNoida: सुपरनोवा की 43वीं मंजिल से युवक ने लगाई छलांग, मौके पर दर्दनाक मौत, सोसाइटी में हड़कंपमुंबई प्रदर्शन के बाद CJP का दिल्ली कूच का ऐलान, अभिजीत दिपके ने कही ये बड़ी बातगठबंधन में फूट! रायबरेली से डरते थे राहुल गांधी! सपा नेता का बड़ा खुलासा, अखिलेश ने दी थी धमकी

सोमवार, 5 अक्टूबर 2026 · सुबह 8:28 · नई दिल्ली संस्करण

शिक्षामंत्री से मिला प्राथमिक शिक्षक संघ का प्रतिनिधिमंडल, समस्याओं को उठाया

राष्ट्रीय सागर डेस्क2 मिनट का पठन

फतेहाबाद, । प्राथमिक स्कूलों और शिक्षकों की समस्याओं को लेकर

राजकीय प्राथमिक शिक्षक संघ का प्रतिनिधिमंडल शुक्रवार को फतेहाबाद में

आयोजित कार्यक्रम में भाग लेने पहुंची प्रदेश की शिक्षामंत्री सीमा त्रिखा

से मिला और उन्हें मांग पत्र सौंपा। प्रतिनिधिमंडल में संघ के राज्य

चेयरमैन देवेन्द्र दहिया, जिला प्रधान विकास टुटेजा, जिला महासचिव

योगेन्द्र वर्मा, भट्टू खंड प्रधान अजीब छाबा, भूना खंड प्रधान सुभाष

सहरावत शामिल रहे। प्राथमिक शिक्षक संघ द्वारा दिए गए मांग पत्र पर

शिक्षामंत्री ने प्रतिनिधिमंडल को आश्वासन दिया कि स्कूलों में अध्यापकों

की कमी को दूर करने के लिए सभी प्राथमिक स्कूलों में रेशनलाइजेशन से स्टाफ

को पूरा किया जाएगा वहीं चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों के रहने के लिए

क्वार्टर भी बनाकर दिए जाएंगे। इसके अलावा उन्होंने अन्य मांगों पर भी

विचार करने की बात कही।

राजकीय प्राथमिक शिक्षक संघ के राज्य

चेयरमैन देवेन्द्र दहिया व जिला प्रधान विकास टुटेजा ने शिक्षामंत्री को

बताया कि प्रदेश के 8600 प्राथमिक स्कूलों में से 90 प्रतिशत से अधिक में

कई सालों से सफाई कर्मचारी का पद खाली है। बाल वाटिका से जुडऩे से स्कूलों

में सफाई की समस्या ओर ज्यादा बढ़ गई है। ऐसे में हरियाणा कौशल रोजगार निगम

के माध्यम से स्कूलों में सफाई कर्मचारी की नियुक्ति की जाए। सामान्य

तबादले होने तक सभी स्कूलों में छात्र संख्या के अनुपात में शिक्षकों का

समायोजन किया जाए ताकि शैक्षणिक व्यवस्था सुचारू चल सके। गैर शैक्षणिक

कार्यों से शिक्षकों को दूर रखने की मांग करते हुए संघ ने कहा कि प्राथमिक

शिक्षकों को बीएलओ, पीपीपी, उल्लास सर्वे इत्यादि में पूरे सत्र के दौरान

बिजी रखा जाता है जिससे निपुण व एफएलएन जैसे प्रभावशाली कार्यक्रमों पर

प्रतिकूल असर पड़ता है। ऐसे में प्राथमिक शिक्षकों को गैर शैक्षणिक कार्यों

से दूर रखा जाए।

जिला सचिव योगेन्द्र वर्मा ने बताया कि

कर्मचारियों के आश्रितों के चिकित्सा प्रतिपूर्ति बिलों के भुगतान में

आश्रितों की कुल आय अधिकतम 3500 रुपये मासिक है, जोकि बेहद कम है। इसे

बढ़ाकर 15 हजार किया जाए व बुजुर्गों की वृद्धावस्था पेंशन को मासिक आय से

अलग रखा जाए। भट्टू खंड प्रधान अजीब छाबा, भूना खंड प्रधान सुभाष सहरावत ने

बताया कि जेबीटी शिक्षकों की एकमात्र पदोन्नति मुख्यशिक्षक के पद पर होती

है। सेवा नियम 2012 में संशोधन कर 50 प्रतिशत अंकों की अनिवार्यता हटाकर

योग्य शिक्षकों को पदोन्नति का लाभ दिया जाए। जेबीटी से टीजीटी के सभी

विषयों के खाली पदों पर पदोन्नति की सूची शीघ्र जारी हो। शिक्षकों को अन्य

कर्मचारियों की भांति अस्पताल में भर्ती होकर इलाज के दौरान चिकित्सा अवकाश

देने का प्रावधान हो क्योंकि वर्तमान में चिकित्सा अवकाश के बिना शिक्षकों

को अर्जित अवकाश लेकर या बिना वेतन के इलाज करवाना पड़ता है।

यह ख़बर दूसरों तक पहुँचाएँ

WhatsAppFacebookX

संबंधित ख़बरें