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सोमवार, 5 अक्टूबर 2026 · सुबह 8:25 · नई दिल्ली संस्करण

झज्जर : तीस से अधिक गांवों के लिए खतरा बनी उफान पर चल रही ड्रेन नंबर-8

राष्ट्रीय सागर डेस्क2 मिनट का पठन
झज्जर : तीस से अधिक गांवों के लिए खतरा बनी उफान पर चल रही ड्रेन नंबर-8

झज्जर। जिले में से होकर गुजर रही बरसाती पानी से उफनती ड्रेन नंबर-8 जिले के 30 से अधिक गांव के लिए खतरा बनी हुई है। बुधवार को गांव किलोई के निकट ड्रेन टूटी तो ग्रामीण और प्रशासन में हड़कंप मच गया। हालांकि ग्रामीण और प्रशासन के अमले ने कई घंटे की मेहनत से ट्रेन की मरम्मत कर दी। पिछले कई दिन से खतरे के निशान से ऊपर चल रहे ड्रेन का रूप देख इन गांवों के लोग डरे हुए हैं। फिलहाल ग्रामीण ड्रेन के आसपास रहकर ठीकरी पहरा दे रहे हैं। ताकि ड्रेन टूटे तो ये लोग ग्रामीणों, पुलिस व प्रशासन को तुरंत सूचित करके बचाव कार्य शुरू करवा सकें।बारिश के इस मौसम में झज्जर जिले में अब तक 600 मिलीमीटर से अधिक बारिश होने से जिले के 40 प्रतिशत भूभाग पर व्यापक असर पड़ा है। कई जगह ड्रेन-8, वेस्ट जुआं ड्रेन और मुंगेशपुर ड्रेन जैसी बरसाती ड्रेन ओवरफ्लो होने से नुकसान हुआ है। जिले में 11000 एकड़ से अधिक कृषि भूमि में फिलहाल कई-कई फुट तक पानी भरा हुआ है। हजारों एकड़ फसल नष्ट हो चुकी है या नष्ट हो रही है। जिले के 150 से अधिक गांव में रिहायशी क्षेत्र में जल भराव का प्रभाव है। बुधवार सुबह आठ से गुरुवार की सुबह आठ बजे तक भी मातनहेल व सालहावास को छोड़ दें तो बाकी चारों तहसीलों में बारिश हुई। इस अवधि में बहादुरगढ़ तहसील में 35 मिली मीटर, झज्जर में 29,बादली में 11 और बेरी तहसील में आठ मिलीमीटर बारिश रिकॉर्ड की गई।ड्रेन नंबर-8 वर्षों पहले भी इलाके के लिए बाढ़ का सबब बन चुकी है। इस ड्रेन के टूटने से 1963 और 1977 में पूरा इलाका प्रभावित हुआ था। इस ड्रेन की क्षमता 4000 क्यूसेक पानी बहाने की है, जबकि पिछले कई दिन से इसमें 6520 क्यूसेक पानी बह रहा है, जो खतरे की स्थिति से काफी ऊपर है। इस बार ड्रेन ज्यादा टूट गई तो बेरी के गांव बाकरा से होकर आने वाली यह ड्रेन गांव पलड़ा, तामसपुरा, फोर्टपुरा, मारोत, भिंडावास, सूरजगढ़, शाहजहांपुर, फतेहपुरी, कासनी, सुरेहती, सिलानी, कलोई, ग्वालिसन, वजीरपुर, बेरी व सिलाना सहित 30 से अधिक गांवों के लिए बड़ा संकट बन सकती है। बाढ़ जैसे संकट से लोगों को बचाने के लिए झज्जर के उपायुक्त स्वप्निल रविंद्र पाटिल तमाम प्रशासन प्रशासनिक अमले के साथ दिन-रात फील्ड में सक्रिय हैं।

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