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सोमवार, 5 अक्टूबर 2026 · सुबह 8:43 · नई दिल्ली संस्करण

मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने हाफ मैराथन में युवाओं संग दौड़ लगाकर दिया नशामुक्त हरियाणा का संदेश

राष्ट्रीय सागर डेस्क3 मिनट का पठन
मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने हाफ मैराथन में युवाओं संग दौड़ लगाकर दिया नशामुक्त हरियाणा का संदेश

मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने हाफ मैराथन में युवाओं संग दौड़ लगाकर दिया नशामुक्त हरियाणा का संदेश

कैथल/नई दिल्ली, 13 जुलाई 2025 — हरियाणा के मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी ने आज कैथल में आयोजित हाफ मैराथन में स्वयं दौड़ लगाकर युवाओं को एक मजबूत और प्रेरणादायक संदेश दिया कि नशे से दूरी ही एक स्वस्थ, समर्थ और समृद्ध भारत की नींव है। अंबाला रोड पर आयोजित इस विशाल आयोजन में हजारों युवाओं, खिलाड़ियों, पुलिसकर्मियों, स्वयंसेवकों और विद्यार्थियों ने हिस्सा लिया, जिसमें मुख्यमंत्री ने युवाओं के साथ कदम से कदम मिलाते हुए दौड़ लगाई और उन्हें जीवन में सकारात्मक दिशा अपनाने का आह्वान किया।

कार्यक्रम की शुरुआत में मुख्यमंत्री ने प्रतिभागियों को संबोधित करते हुए कहा कि युवा देश का भविष्य हैं। यदि युवा स्वस्थ रहेंगे, तो समाज, प्रदेश और अंततः पूरा राष्ट्र प्रगति के पथ पर तेज़ी से अग्रसर होगा। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी द्वारा वर्ष 2047 तक विकसित भारत का जो सपना देखा गया है, उसमें युवाओं की सक्रिय भागीदारी और नशामुक्त जीवनशैली की केंद्रीय भूमिका होगी।

इस अवसर पर हाफ मैराथन के ब्रांड एंबेसडर पैरालंपिक पदक विजेता श्री हरविंदर सिंह और प्रसिद्ध पर्वतारोही रीना भट्टी भी उपस्थित रहे और उन्होंने भी दौड़ में भाग लिया। यह आयोजन 'हरियाणा उदय कार्यक्रम' के तहत आयोजित किया गया था, जिसका उद्देश्य राज्य के नागरिकों को नशे के दुष्प्रभावों के प्रति जागरूक करना और युवाओं को नशे से दूर रखने के लिए प्रेरित करना है।

मुख्यमंत्री श्री सैनी ने कहा कि हरियाणा सरकार पिछले साढ़े 10 वर्षों से नशा उन्मूलन के लिए संगठित प्रयास कर रही है। हाल ही में पूरे राज्य में निकाली गई साइक्लोथॉन यात्रा में साढ़े 7 लाख से अधिक युवाओं ने भाग लेकर यह सिद्ध किया कि हरियाणा का युवा नशे के खिलाफ निर्णायक लड़ाई लड़ने को तैयार है। इसी क्रम में विभिन्न जिलों में मैराथन, जनजागरण रैलियां, और जागरूकता शिविर आयोजित किए जा रहे हैं।

उन्होंने कहा, “नशा एक ऐसी सामाजिक बुराई है, जो केवल व्यक्ति विशेष को नहीं, बल्कि उसके पूरे परिवार, समाज और राष्ट्र की नींव को भी कमजोर कर देती है। यह न केवल शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य को प्रभावित करता है, बल्कि सामाजिक ताने-बाने को भी छिन्न-भिन्न करता है।” मुख्यमंत्री ने युवाओं से आह्वान किया कि वे आज ही यह संकल्प लें कि न तो स्वयं नशा करेंगे और न ही अपने आसपास किसी को इसकी चपेट में आने देंगे।

मुख्यमंत्री ने इस बात पर बल दिया कि नशा मुक्त हरियाणा केवल एक नारा नहीं, बल्कि एक जन-आंदोलन है, जिसे जनभागीदारी और समर्पण से ही सफल बनाया जा सकता है। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार ने खेल सुविधाओं के विस्तार, “धाकड़ स्कूल अभियान”, “मुख्यमंत्री आउटरीच कार्यक्रम” जैसे विभिन्न प्रयासों के जरिए युवाओं को नशे से दूर रखने की ठोस पहल की है। इन कार्यक्रमों के माध्यम से स्कूलों, कॉलेजों, विश्वविद्यालयों और अन्य शैक्षणिक संस्थानों में युवाओं को जागरूक किया जा रहा है।

मुख्यमंत्री श्री सैनी ने नशे के खिलाफ अभियान को केवल जागरूकता तक सीमित न रखते हुए, नशे के अवैध कारोबार में संलिप्त लोगों पर सख्त कार्रवाई के निर्देश भी दिए हैं। उन्होंने अभिभावकों से अपील की कि वे अपने बच्चों के साथ संवाद बनाए रखें, उन्हें समय दें और यदि कोई युवा गलत संगति में पड़ जाए तो उसे समय रहते मार्ग पर लाने में संकोच न करें।

कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने मार्ग में लगे विभिन्न जागरूकता स्टॉलों का निरीक्षण किया और आयोजन स्थल पर विजेता प्रतिभागियों को पुरस्कार प्रदान कर उनका उत्साहवर्धन भी किया।यह एक सामाजिक चेतना का जीवंत उदाहरण था, जिसने यह स्पष्ट कर दिया कि हरियाणा का युवा अब नशे को नहीं, नव निर्माण को चुनेगा — एक स्वस्थ, सबल और आत्मनिर्भर भारत की दिशा में।

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