बिहार में बड़ा हादसा: गंगा में डूबी नाव, 13 बच्चों की मौत, गांव में मचा कोहराम
वैशाली के राघोपुर में गंगा नदी में नाव पलटने से 13 बच्चों की मौत हो गई। सभी 6 से 15 साल के थे, जिनमें एक ही परिवार की 7 बच्चियां शामिल हैं। हादसा मंगलवार रात 8:30 बजे रामपुर श्यामचंद गांव के पास हुआ, जब 25 लोग भोज में जा रहे थे। क्षमता से अधिक सवारी बनी वजह। PM मोदी ने 2 लाख और CM ने 4 लाख मुआवजे का ऐलान किया है।

बिहार के वैशाली जिले के राघोपुर में मंगलवार की शाम गंगा नदी पर हुआ नाव हादसा पूरे बिहार को झकझोर गया है। 150 मीटर का छोटा सा सफर 13 मासूमों के लिए मौत का सफर बन गया। हादसे में मरने वाले सभी 13 बच्चे हैं, जिनकी उम्र 6 से 15 साल के बीच है और सबसे दर्दनाक बात ये है कि इनमें से 7 बच्चियां एक ही परिवार की हैं। एक ही घर से 7 अर्थियां उठीं तो पूरा गांव सिहर उठा। हादसा राघोपुर थाना क्षेत्र के रामपुर श्यामचंद पंचायत में मंगलवार रात करीब 8:30 बजे हुआ। गांव के भगतान टोला स्थित माता महारानी स्थान के पास सिंघेश्वर राय के यहां श्राद्ध भोज का आयोजन था। गांव के 20 से 25 लोग, जिनमें ज्यादातर बच्चे थे, छोटी गंगा की धारा पार कर भोज में शामिल होने जा रहे थे।
प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक नाव की क्षमता सिर्फ 6 लोगों की थी, लेकिन उस पर 20 से 25 लोग सवार हो गए थे। नाव जर्जर हालत में थी, जिसे बाढ़ के दौरान अंचल कार्यालय ने उपलब्ध कराया था। बीच धारा में पहुंचते ही नाव का संतुलन बिगड़ा और वह पलट गई। रात का घना अंधेरा होने से चीख-पुकार के बीच अफरा-तफरी मच गई। ग्रामीणों ने बिना प्रशासन का इंतजार किए मोबाइल और टॉर्च की रोशनी में ही नदी में छलांग लगा दी। खटिया और रस्सियों के सहारे बच्चों को बाहर निकाला गया और कंधे पर लादकर राघोपुर फतेहपुर प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने 13 बच्चों को मृत घोषित कर दिया। मृतकों में अंकिता, अमृता, सुनीता, पिंकी, आर्यन, अनीशा, मोनू, सिंकी, मीरा, निशु, मोहन, सोनम और नमन शामिल हैं।
सात बच्चों को गंभीर हालत में पटना के NMCH में भर्ती कराया गया है, जहां उनकी हालत स्थिर बताई जा रही है। हादसे के बाद गांव में ऐसा मंजर था जिसे देखकर पत्थर दिल भी पिघल जाए। अपने बच्चों के शवों से लिपटकर बिलखती मांओं की चीखें पूरे दियारा में गूंज रही थीं। मौके पर पहुंची वैशाली की डीएम वर्षा सिंह को देखते ही कई महिलाएं उनसे लिपटकर रोने लगीं। डीएम ने खुद इसकी पुष्टि की है। ग्रामीणों ने शवों का पोस्टमार्टम कराने से इनकार कर दिया और प्रशासन पर लापरवाही का आरोप लगाया। उनका कहना है कि CO को पहले ही नाव की जर्जर हालत की जानकारी दी गई थी।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस घटना को अत्यंत पीड़ादायक बताते हुए मृतकों के परिजनों को 2 लाख और घायलों को 50 हजार रुपये की अनुग्रह राशि का ऐलान किया है। वहीं बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने 4-4 लाख रुपये देने की घोषणा की है। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू और राघोपुर के विधायक तेजस्वी यादव ने भी गहरा शोक जताया है। आज सुबह SDRF और NDRF की टीम ने फिर से सर्च ऑपरेशन शुरू किया है। उधर सवाल अभी भी वही है, क्या रात में नाव परिचालन पर रोक के बावजूद ये लापरवाही रोकी नहीं जा सकती थी? 6 लोगों की नाव पर 25 लोग क्यों बैठे? इन 13 मासूमों की मौत का जिम्मेदार कौन है?
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