अमेरिका से हो रही है CJP की फंडिंग! अमेरिकी सिंगर ने खोला राज
अमेरिकी सिंगर मैरी मिलबेन ने दावा किया कि CJP प्रोटेस्ट की फंडिंग अमेरिका से हो रही है। उन्होंने कहा कि CJP नेता अभिजीत दीपके को US में मौजूद एंटी-मोदी डोनर्स पैसा दे रहे हैं। मिलबेन ने युवाओं से अपील की कि वे CJP की विघटनकारी सोच के खिलाफ खड़े हों। उन्होंने कहा, "इन डोनर्स का पैटर्न है - कंजर्वेटिव नेताओं को टारगेट करना।" CJP इन दिनों CEC ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर जंतर-मंतर पर प्रदर्शन कर रही है।

नई दिल्ली: भारत में चल रहे कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के विरोध प्रदर्शनों को लेकर एक नया विदेशी एंगल सामने आया है। मशहूर अमेरिकी सिंगर मैरी मिलबेन ने दावा किया है कि भारत में हो रहे प्रदर्शनों की फंडिंग अमेरिका से हो रही है। उन्होंने सीधे तौर पर CJP और उसके संस्थापक अभिजीत दीपके पर निशाना साधा है। मैरी मिलबेन वही अमेरिकन सिंगर हैं जो कई बार भारत आ चुकी हैं और पीएम मोदी की तारीफ कर चुकी हैं। इस बार उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर एक पोस्ट में लिखा कि CJP को अमेरिका में मौजूद कुछ डोनर्स फंड कर रहे हैं जो प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ हैं। 41 वर्षीय सिंगर ने अपनी पोस्ट में लिखा, "यह चुप रहने का समय नहीं है।" उन्होंने भारत के युवाओं से अपील की कि वे CJP की "विघटनकारी सोच" के खिलाफ शांतिपूर्ण तरीके से खड़े हों।
मैरी ने पोस्ट में लिखा, "CJP नेता अभिजीत दीपके और उनकी पार्टी को अमेरिका के उन डोनर्स से पैसा मिल रहा है जो पीएम मोदी और उनके नेतृत्व में आपके भविष्य के खिलाफ हैं। डरो मत, मेरे युवा देशभक्तों। तुम्हारे प्रधानमंत्री, जिन्होंने 25 साल तक देश की सेवा की है, 12 साल पीएम के तौर पर, तीन बार लगातार चुने गए हैं, वो मेरे देश की इन विघटनकारी ताकतों के सामने नहीं झुकेंगे।" उन्होंने एक बड़े पैटर्न का भी जिक्र किया। मैरी ने आरोप लगाया, "इन चुनिंदा डोनर्स का एक ग्लोबल पैटर्न है - दुनिया के कंजर्वेटिव नेताओं को टारगेट करो, उस देश के किसी US-एजुकेटेड व्यक्ति को ढूंढो, उसे कट्टर बनाओ, वापस उसके देश भेजो और फिर उसे अराजकता और विनाश शुरू करने के लिए फंड करो।"
गौरतलब है कि इन दिनों CJP मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार के खिलाफ देशव्यापी विरोध प्रदर्शन कर रही है। पार्टी ने चुनावी प्रक्रिया और SIR (Special Intensive Revision) में कथित अनियमितताओं का आरोप लगाते हुए ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग की है। जंतर-मंतर पर कई दिनों से प्रदर्शन चल रहा है। इससे पहले पूर्व सॉलिसिटर जनरल हरीश साल्वे भी इसी तरह का आरोप लगा चुके हैं। लंदन में एक कार्यक्रम में साल्वे ने कहा था, "ये प्रयास बाहर से फंडेड है, मैं तो आरोप लगा रहा हूं कि ये बाहर से फंडेड है, ये बाहर से मोटिवेटेड है।" उन्होंने कहा था कि भारत में नेपाल, बांग्लादेश और श्रीलंका जैसे हालात बनाने की कोशिश हो रही है।
CJP प्रोटेस्ट की फंडिंग पर VHP ने भी सवाल उठाए थे। VHP प्रवक्ता विनोद बंसल ने दावा किया था कि सुप्रीम कोर्ट में एक सुनवाई के लिए 10 से 15 वकील खड़े किए गए जिनकी फीस 1-2 करोड़ है, तो ये पैसा कहां से आया। वहीं विदेश मंत्रालय (MEA) ने इस पर कहा था कि उसके पास फिलहाल विदेशी फंडिंग को लेकर कोई ठोस जानकारी नहीं है। CJP ने खुद भी एक फ्रॉड अलर्ट जारी किया था, जिसमें कहा गया था कि कुछ लोग उनके नाम पर लीगल एड के लिए पैसा मांग रहे हैं, जिनका पार्टी से कोई लेना-देना नहीं है। फिलहाल मैरी मिलबेन के इस दावे के बाद सोशल मीडिया पर बहस तेज हो गई है। CJP की तरफ से इस पर अभी तक कोई आधिकारिक जवाब नहीं आया है।
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