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मंगलवार, 6 अक्टूबर 2026 · दोपहर 3:19 · नई दिल्ली संस्करण

CJP प्रोटेस्ट में लगे इस आरोप की वजह से INDIA ब्लॉक के प्रोटेस्ट में बॉडी कैमरा लगाकर उतरी दिल्ली पुलिस

दिल्ली पुलिस आज INDIA ब्लॉक के EC मार्च में ACP और ऊपर के अफसरों को बॉडी कैमरा लगाकर उतरी है। EC दफ्तर के पास 5-लेयर बैरिकेडिंग और 5000 जवान तैनात हैं। ये फैसला पिछले हफ्ते जंतर-मंतर पर CJP प्रोटेस्ट के बाद लिया गया, जहां महिला पत्रकारों ने पुलिस पर बदसलूकी और उत्पीड़न के आरोप लगाए थे। पुलिस का कहना है - रिकॉर्डिंग से पारदर्शिता बनी रहेगी।

राष्ट्रीय सागर डेस्क3 मिनट का पठन1 बार पढ़ा गया
CJP प्रोटेस्ट में लगे इस आरोप की वजह से INDIA ब्लॉक के प्रोटेस्ट में बॉडी कैमरा लगाकर उतरी दिल्ली पुलिस

चुनाव आयोग के दफ्तर तक INDIA ब्लॉक के सांसदों के मार्च से पहले दिल्ली पुलिस ने सुरक्षा व्यवस्था को लेकर नया प्रयोग किया है। आज के प्रोटेस्ट में ACP रैंक और उससे ऊपर के सभी अधिकारियों के लिए बॉडी कैमरा पहनना अनिवार्य किया गया है। पुलिस मुख्यालय का कहना है कि ये कैमरे ट्रांसपेरेंसी और अकाउंटेबिलिटी के लिए लगाए गए हैं। दिल्ली पुलिस के मुताबिक, चुनाव आयोग मुख्यालय के आसपास 5-लेयर बैरिकेडिंग की गई है। नीति आयोग के पास ही प्रदर्शनकारियों को रोकने की योजना है। पटेल चौक से आगे किसी को भी EC दफ्तर की तरफ जाने की इजाजत नहीं होगी। इसके साथ ही 5000 से ज्यादा पुलिस और अर्धसैनिक बलों के जवान तैनात हैं, आंसू गैस के गोले और वाटर कैनन भी स्टैंडबाय पर रखे गए हैं। 




ये फैसला पिछले हफ्ते जंतर-मंतर पर हुए CJP यानी कॉकरोच जनता पार्टी और अन्य छात्र संगठनों के प्रोटेस्ट के बाद लिया गया है, जिसमें पुलिस पर गंभीर आरोप लगे थे। दरअसल, 3 अक्टूबर को जंतर-मंतर पर CEC ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर हुए प्रोटेस्ट में करीब 1000 लोगों को हिरासत में लिया गया था। इस दौरान 3 महिला पत्रकारों ने पुलिसकर्मियों पर बदसलूकी और यौन उत्पीड़न के आरोप लगाए थे। आरोप था कि कवरेज के दौरान उन्हें गलत तरीके से छुआ और धक्का दिया गया। एक वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल हुआ था। इन आरोपों के बाद दिल्ली पुलिस ने खुद जांच शुरू करने का ऐलान किया था और कहा था कि निष्पक्ष जांच होगी। 



इसी तरह, एक अन्य रिपोर्ट में दो पत्रकारों ने आरोप लगाया कि उन्हें जबरन हिरासत में लिया गया, माइक छीनकर तोड़ दिया गया और फोटो डिलीट करने को कहा गया। इन विवादों से बचने के लिए इस बार दिल्ली पुलिस ने बॉडीकैम को फेलसेफ हथियार के तौर पर इस्तेमाल करने का फैसला किया है। NDTV की रिपोर्ट के मुताबिक, "After Allegations At Protests, Delhi Cops Wear Bodycams As Failsafe" टाइटल से खबर भी चली थी। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि बॉडीकैम में पूरी घटना रिकॉर्ड होगी, जिससे अगर कोई आरोप लगता है तो वीडियो सबूत के तौर पर देखा जा सकेगा। इससे पुलिसकर्मियों पर झूठे आरोप लगाने वालों पर भी रोक लगेगी और अगर पुलिस की तरफ से कोई गलती होती है तो उस पर भी कार्रवाई होगी।



आज के INDIA ब्लॉक मार्च में राहुल गांधी, प्रियंका गांधी, अखिलेश यादव समेत 150 से ज्यादा सांसद मकर द्वार से EC दफ्तर तक मार्च कर रहे हैं। उनकी मांग है कि SIR यानी वोटर लिस्ट के स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन को रोका जाए और CEC ज्ञानेश कुमार इस्तीफा दें। विपक्ष का आरोप है कि इस प्रक्रिया में करोड़ों वोटरों के नाम काटे गए हैं। पिछले प्रोटेस्ट में CJP ने 10 अक्टूबर को बड़े युवा आंदोलन का ऐलान भी किया है। पुलिस ने जंतर-मंतर को कॉर्डन ऑफ कर दिया है और BNS की धारा 189 लागू की है, जिसके तहत 5 से ज्यादा लोगों के इकट्ठा होने पर रोक है। बहरहाल, बॉडी कैमरा के इस्तेमाल से दिल्ली पुलिस इस बार किसी भी विवाद से बचना चाहती है और प्रोटेस्ट की पूरी वीडियोग्राफी को सबूत के तौर पर सुरक्षित रखना चाहती है।

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