₹1.47 लाख करोड़! मोदी से मिलते ही Hyundai का धमाका | भारत बनेगा Auto Hub
Hyundai Motor Group ने PM मोदी से 13 अक्टूबर को मुलाकात के बाद 2026-2032 तक भारत में 15.5 बिलियन डॉलर (₹1.47 लाख करोड़) निवेश का ऐलान किया। कंपनी के चेयरमैन Euisun Chung ने कहा, भारत उनका सबसे अहम रणनीतिक बाजार है। यह पैसा मैन्युफैक्चरिंग बढ़ाने, R&D, EV और लोकल सप्लायर नेटवर्क पर खर्च होगा। इसके लिए एक स्पेशल इन्वेस्टमेंट यूनिट बनेगी। इससे रोजगार बढ़ेंगे और भारत ग्लोबल ऑटो हब बनेगा।

भारत ऑटोमोबाइल की दुनिया में सिर्फ एक बाजार नहीं, बल्कि ग्लोबल मैन्युफैक्चरिंग हब बनकर उभर रहा है। इसी कड़ी में साउथ कोरिया की दिग्गज कंपनी Hyundai Motor Group ने भारत पर अपना अब तक का सबसे बड़ा दांव खेला है। कंपनी ने 13 अक्टूबर 2026 को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात के बाद 2026 से 2032 के बीच भारत में 15.5 बिलियन डॉलर यानी लगभग ₹1.47 लाख करोड़ के निवेश का ऐलान किया है। यह भारतीय ऑटो सेक्टर में किसी भी ग्लोबल कंपनी द्वारा किया गया सबसे बड़ा निवेश प्लान माना जा रहा है।
यह निवेश प्लान Hyundai Motor Group के एग्जीक्यूटिव चेयरमैन Euisun Chung और PM मोदी के बीच नई दिल्ली में हुई बैठक के बाद फाइनल हुआ। कंपनी ने कहा कि भारत उसके ग्लोबल एक्सपेंशन और नेक्स्ट-जेन मोबिलिटी इनोवेशन के लिए सबसे अहम रणनीतिक बाजार है। चुंग ने कहा, "पिछले 30 साल भारत के प्रति हमारी प्रतिबद्धता को दिखाते हैं। यह निवेश अगले 30 साल और उससे आगे भी भारत के प्रति हमारी प्रतिबद्धता को फिर से पक्का करता है"। कंपनी ने इस निवेश को सिर्फ फैक्ट्री लगाने तक सीमित नहीं रखा है, बल्कि पूरे ऑटोमोटिव इकोसिस्टम के लिए प्लान बनाया है: 1. मैन्युफैक्चरिंग कैपेसिटी: फिलहाल Hyundai और Kia की भारत में कुल 14.25 लाख यूनिट की सालाना क्षमता है - चेन्नई में 8.24 लाख, अनंतपुर (Kia) में 4.31 लाख और पुणे में 1.70 लाख यूनिट। इसे और बढ़ाया जाएगा, खासकर पुणे प्लांट को फेज वाइज एक्सपैंड किया जाएगा।
2. R&D और फ्यूचर टेक: करीब ₹6,650 करोड़ (लगभग 70 करोड़ डॉलर) सिर्फ रिसर्च एंड डेवलपमेंट पर खर्च होंगे, जिसमें एक डेडिकेटेड व्हीकल टेस्टिंग ट्रैक भी शामिल है। 3. लोकल सप्लायर और लोकलाइजेशन: पार्ट्स के लिए आयात पर निर्भरता कम करने के लिए भारतीय सप्लायर नेटवर्क को मजबूत किया जाएगा। 4. नई मोबिलिटी: EV चार्जिंग इंफ्रा, व्हीकल रीसाइक्लिंग, स्टार्टअप पार्टनरशिप और ऑटो फाइनेंसिंग जैसे क्षेत्रों में निवेश होगा।इस पूरे प्लान को लागू करने के लिए Hyundai भारत में एक डेडिकेटेड इन्वेस्टमेंट एंटिटी बनाएगी। Hyundai और Kia मिलकर भारत के पैसेंजर व्हीकल मार्केट में 18.7% हिस्सेदारी के साथ Maruti के बाद दूसरे नंबर पर हैं। कंपनी की कुल बिक्री इस साल 1 करोड़ यूनिट का आंकड़ा पार करने वाली है।
इससे पहले पिछले साल कंपनी ने ₹45,000 करोड़ के निवेश का ऐलान किया था, जो अब इस बड़े प्लान का हिस्सा है। हाल ही में Suzuki ने भी ₹77,500 करोड़ के निवेश की घोषणा की थी, जिससे साफ है कि भारत दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा ऑटो बाजार बनकर ग्लोबल कंपनियों के लिए सबसे पसंदीदा डेस्टिनेशन बन गया है। इस निवेश से न सिर्फ हजारों नई नौकरियां पैदा होंगी, बल्कि भारत Hyundai के लिए इमर्जिंग देशों में एक्सपोर्ट का सबसे बड़ा हब भी बनेगा।
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