खाते से अचानक गायब हो गए पैसे? घबराएं नहीं, RBI का ये नियम दिलाएगा 100% पैसा वापस
बैंक से बिना बताए पैसे कटें तो तुरंत बैंक कस्टमर केयर पर कॉल कर कार्ड/UPI ब्लॉक कराएं और लिखित में ईमेल से शिकायत करें। तुरंत 1930 पर कॉल कर cybercrime.gov.in पर रिपोर्ट करें। RBI के नियम से अगर 3 दिन के अंदर शिकायत की तो जीरो लायबिलिटी, यानी पूरा रिफंड मिलेगा। 4-7 दिन पर अधिकतम 25,000 तक नुकसान। बैंक को 10 दिन में पैसा लौटाना होगा। 30 दिन में समाधान न हो तो cms.rbi.org.in पर लोकपाल से शिकायत करें।

बैंक अकाउंट से बिना OTP या जानकारी के पैसे कट जाना आजकल आम फ्रॉड बन गया है। UPI, ATM क्लोनिंग या फिशिंग लिंक से कई लोगों के हजारों रुपये गायब हो जाते हैं। ऐसे में घबराने की बजाय सही समय पर सही कदम उठाना जरूरी है। RBI ने इसके लिए साफ नियम बनाए हैं, जिससे आपका पूरा पैसा वापस मिल सकता है। जैसे ही मैसेज आए कि आपके अकाउंट से पैसे कटे हैं, सबसे पहले अपने बैंक के कस्टमर केयर नंबर पर कॉल करें और कार्ड / UPI / नेट बैंकिंग को ब्लॉक कराएं। UPI ऐप में जाकर Autopay और Unknown Devices को तुरंत हटाएं। साथ ही अपने बैंक की होम ब्रांच को लिखित शिकायत ईमेल पर भेजें। ईमेल का स्क्रीनशॉट सेव रखें, यही आपके प्रूफ का काम करेगा।
RBI के सर्कुलर (6 जुलाई 2017) के अनुसार ग्राहक की लायबिलिटी इस पर तय होती है कि उसने कितनी जल्दी बैंक को बताया। अगर आपने फ्रॉड की जानकारी 3 वर्किंग डेज के अंदर बैंक को दे दी है, तो आपकी लायबिलिटी जीरो होगी। मतलब पूरा पैसा बैंक को देना होगा। 4 से 7 दिन के अंदर रिपोर्ट करने पर अधिकतम 5,000 से 25,000 रुपये तक का नुकसान ग्राहक को उठाना पड़ सकता है, बाकी बैंक देगा। यह लिमिट आपके अकाउंट टाइप पर निर्भर है। 7 दिन के बाद अगर आप 7 दिन के बाद रिपोर्ट करते हैं, तो पैसा मिलना बैंक की पॉलिसी पर निर्भर करेगा। RBI के नियम के मुताबिक शिकायत मिलने के 10 दिन के अंदर बैंक को ग्राहक के अकाउंट में पैसा वापस क्रेडिट करना होगा।
सिर्फ बैंक को बताना काफी नहीं है। इन तीन जगह शिकायत जरूर करें: 1930 पर कॉल करें: तुरंत 1930 हेल्पलाइन या cybercrime.gov.in पर शिकायत दर्ज करें। वहां से मिलने वाला Acknowledgement Number बैंक में जमा करें। अगर बैंक 30 दिन के अंदर पैसा नहीं लौटाता या शिकायत को टालता है, तो आप https://cms.rbi.org.in पर RBI लोकपाल से शिकायत कर सकते हैं। 1 लाख से ज्यादा की रकम होने पर नजदीकी साइबर सेल में FIR करवाएं। बैंक आपसे लिखित एप्लीकेशन, अकाउंट स्टेटमेंट जहां अनऑथराइज्ड ट्रांजेक्शन दिख रहा हो, साइबर क्राइम की कॉपी और ID प्रूफ मांगेगा। कभी भी बैंक को अपना OTP, PIN या पासवर्ड न बताएं। बैंक कभी भी यह नहीं मांगता।
अनजान लिंक पर क्लिक न करें, किसी भी APK फाइल को इंस्टॉल न करें, UPI पिन किसी से शेयर न करें और अपने मोबाइल में SMS अलर्ट हमेशा ON रखें। हर महीने अपना CIBIL और अकाउंट स्टेटमेंट जरूर चेक करें। याद रखें, तेजी ही आपके पैसे की सबसे बड़ी सुरक्षा है।




