बांग्लादेश में हाहाकार: गारमेंट इंडस्ट्री ठप, मजदूरों का हल्ला बोल, पुलिस की गाड़ी फूंकी, हाईवे जाम...
बांग्लादेश में गारमेंट मजदूरों का उग्र प्रदर्शन, 529 फैक्ट्रियां बंद। ढाका, गाजीपुर और सावर में मजदूर न्यूनतम वेतन 12,500 से बढ़ाकर 30,000 टाका करने की मांग पर सड़क पर उतरे। मिरपुर-10 जाम, पुलिस वाहन और फैक्ट्री वेयरहाउस में आगजनी, हाईवे 6 घंटे बंद। पुलिस ने आंसू गैस और वाटर कैनन चलाए, BGB तैनात। सरकार ने वेज बोर्ड बनाया, पर BGMEA ने अनिश्चितकालीन बंद की चेतावनी दी है।

ढाका एक बार फिर सुलग रहा है। दुनिया के दूसरे सबसे बड़े गारमेंट एक्सपोर्टर बांग्लादेश में मजदूरों के गुस्से ने पूरी इंडस्ट्री को ठप कर दिया है। शनिवार से शुरू हुआ विरोध प्रदर्शन रविवार तक हिंसक हो गया और सोमवार को तीसरे दिन भी जारी है। बांग्लादेश गारमेंट मैन्युफैक्चरर्स एंड एक्सपोर्टर्स एसोसिएशन (BGMEA) के मुताबिक रविवार दोपहर तक 529 कारखानों में प्रोडक्शन बंद करना पड़ा है। इससे करीब 9 लाख 87 हजार मजदूर प्रभावित हुए हैं। अकेले गाजीपुर और मयमनसिंह में 276 फैक्ट्रियां बंद हैं, सावर, आशुलिया और जिरानी में 185 और ढाका के मिरपुर इलाके में 68 फैक्ट्रियां बंद हैं।
मजदूरों की मांग है कि न्यूनतम वेतन को 12,500 टाका (करीब 101 डॉलर) से बढ़ाकर 30,000 टाका (करीब 245 डॉलर) किया जाए। मजदूरों का कहना है कि महंगाई में खाना, मकान, ट्रांसपोर्ट और इलाज का खर्च दोगुना हो गया है, लेकिन वेतन वही है। पिछले कुछ दिनों से मिरपुर और उत्तरा में छोटे प्रदर्शन हो रहे थे, जो शनिवार को आशुलिया और काशपुर तक फैल गए। आगजनी, तोड़फोड़ और जाम प्रदर्शन ने जल्द ही हिंसक रूप ले लिया। ढाका के मिरपुर-10 चौराहे पर हजारों मजदूरों ने सड़क जाम कर दी, जिससे घंटों ट्रैफिक ठप रहा। मिरपुर-11 मेट्रो स्टेशन के नीचे एक पुलिस वाहन को आग लगा दी गई।
गाजीपुर में कालीकैर के चंद्रा पल्ली विद्युत इलाके में एक जूट वेयरहाउस और कोनाबारी फ्लाईओवर के नीचे एक पुलिस बॉक्स फूंक दिया गया। सावर के हेमायतपुर में एक फैक्ट्री के सिक्योरिटी पोस्ट में कुर्सियों और बांस से आग लगाई गई। ढाका-टंगाइल हाईवे 6 घंटे तक बंद रहा। पुलिस ने भीड़ को हटाने के लिए लाठीचार्ज, आंसू गैस, वाटर कैनन और साउंड ग्रेनेड का इस्तेमाल किया। कई जगह पुलिस पर ईंट-पत्थर फेंके गए, जिसमें 2 पुलिसकर्मी घायल हुए हैं। अब तक 30 से ज्यादा लोगों को हिरासत में लिया गया है। हालात को काबू करने के लिए बॉर्डर गार्ड बटालियन (BGB) को भी तैनात किया गया है।
बढ़ते बवाल के बीच सरकार ने रविवार को 6 सदस्यीय वेज बोर्ड बनाने का ऐलान किया है जो वेतन बढ़ोतरी पर विचार करेगा। प्रधानमंत्री तारिक रहमान ने इमरजेंसी मीटिंग बुलाई और फैक्ट्रियां चालू रखने के निर्देश दिए। लेकिन BGMEA ने चेतावनी दी है कि अगर मजदूर सोमवार को काम पर नहीं लौटे तो फैक्ट्रियां अनिश्चितकाल के लिए बंद की जा सकती हैं और 'नो वर्क, नो पे' यानी धारा 13(1) लागू की जाएगी। ये संकट ऐसे समय आया है जब नवंबर से फरवरी गारमेंट इंडस्ट्री का पीक सीजन होता है, जब साल के 40% एक्सपोर्ट ऑर्डर मिलते हैं।
500 से ज्यादा फैक्ट्रियां बंद होने से विदेशी बायर्स ऑर्डर कैंसिल कर सकते हैं, जिससे बांग्लादेश की अर्थव्यवस्था को बड़ा झटका लगने का डर है। फिलहाल ढाका की सड़कों पर पुलिस और मजदूर आमने-सामने हैं और धुएं का गुबार बता रहा है कि ढाका फिर सुलग रहा है।




