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सोमवार, 5 अक्टूबर 2026 · सुबह 8:42 · नई दिल्ली संस्करण

आतिशी वीडियो विवाद: भगवंत मान ने भाजपा को दी चुनौती, अगर शक है तो सीबीआई जांच करा लो

राष्ट्रीय सागर डेस्क2 मिनट का पठन
आतिशी वीडियो विवाद: भगवंत मान ने भाजपा को दी चुनौती, अगर शक है तो सीबीआई जांच करा लो

नई दिल्ली। दिल्ली में विधानसभा स्पीकर विजेंद्र गुप्ता की प्रेस कॉन्फ्रेंस के बाद पूर्व मुख्यमंत्री और नेता प्रतिपक्ष आतिशी से जुड़े एक वीडियो को लेकर सियासी घमासान तेज हो गया है। इस पूरे मामले पर पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने भारतीय जनता पार्टी पर प्रतिक्रिया दी और सीबीआई जांच की खुली चुनौती दे दी।

भगवंत मान ने कहा कि दिल्ली फॉरेंसिक साइंस लेबोरेटरी (एफएसएल) की रिपोर्ट और अदालत दोनों ने साफ कर दिया है कि आतिशी ने वीडियो में वह बात नहीं कही, जैसा दावा किया जा रहा है। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि अगर भाजपा को फॉरेंसिक रिपोर्ट और कोर्ट पर भरोसा नहीं है और उनकी सीबीआई फॉरेंसिक से भी ऊपर है, तो जांच सीबीआई से ही करवा लें।

भगवंत मान ने आरोप लगाया कि दिल्ली में भाजपा की सरकार जानबूझकर आम आदमी पार्टी की छवि खराब करने के लिए इस मुद्दे को बढ़ा-चढ़ाकर पेश कर रही है।

पंजाब के मुख्यमंत्री ने सतलुज-यमुना लिंक (एसवाईएल) नहर के मुद्दे पर भी अपनी बात रखी।

उन्होंने बताया कि यह मामला सुप्रीम कोर्ट में चल रहा है और पंजाब सरकार अपने बेहतरीन वकीलों की टीम भेज रही है।

मान ने कहा, "हमारे पास पहले से ही पानी की कमी है। यह मामला जितनी जल्दी हो, किसी भी तरीके से सुलझना चाहिए, ताकि लोगों को राहत मिल सके।

चंडीगढ़ के प्रशासनिक ढांचे पर बोलते हुए भगवंत मान ने कहा कि शहर में 60-40 का अनुपात बना रहना चाहिए, जिसमें 60 प्रतिशत अधिकारी पंजाब से और 40 प्रतिशत हरियाणा से हों। फिलहाल यही व्यवस्था लागू है और इसे बरकरार रखा जाना जरूरी है।

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से मुलाकात के बाद भगवंत मान ने पंजाब-पाकिस्तान अंतरराष्ट्रीय सीमा पर तारबंदी (फेंसिंग) का मुद्दा भी उठाया। उन्होंने कहा कि पंजाब की 532 किलोमीटर लंबी सीमा है और कई जगहों पर तारबंदी देश की सीमा के अंदर 2 से 3 किलोमीटर तक लगी हुई है।

इसका मतलब यह है कि तार के उस पार की जमीन भी भारत की ही है। वहां खेती करने के लिए किसानों को विशेष पास और बीएसएफ की सुरक्षा के साथ जाना पड़ता है।

मान ने बताया कि उन्होंने यह मुद्दा पहले भी उठाया था और इस बार अमित शाह ने आश्वासन दिया कि सरकार फेंसिंग को आगे बढ़ाने पर विचार कर रही है, जैसा पहले पठानकोट में किया गया था।

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